{"_id":"6533d653ed1d2ebee003ce0a","slug":"every-student-of-technical-colleges-will-make-five-illiterate-literate-noida-news-c-340-1-del1011-28356-2023-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: तकनीकी कॉलेजों का प्रत्येक छात्र पांच निरक्षरों को बनाएगा साक्षर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: तकनीकी कॉलेजों का प्रत्येक छात्र पांच निरक्षरों को बनाएगा साक्षर
विज्ञापन
I- एआईसीटीई के प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम ''नव भारत साक्षरता अभियान'' को सफल बनाने की पहलI
I-कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र के साथ ही डिग्री में क्रेडिट अंक भी जुड़ेंगेI
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIअखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई)ने इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, फार्मेसी और मैनेजमेंट कॉलेजों से कहा है कि प्रत्येक छात्र को हर साल पांच निरक्षर लोगों को साक्षर बनाएगा। तकनीकी कॉलेजों को शिक्षा मंत्रालय के प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के ''नव भारत साक्षरता अभियान'' को सफल बनाने में सहयोग करना होगा। जो छात्र इस अनूठे कार्यक्रम में सहयोग करेंगे, उन्हें संबंधित तकनीकी कॉलेज और विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा। साथ ही उनके रिजज्ट में क्रेडिट भी जुड़ेंगे।I
Iएआईसीटीई से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाले छात्रों को साक्षरता अभियान से जोड़ा जाएगा। योजना में सहयोग करने वाले छात्र को स्वयंसेवक कहा जाएगा। इसलिए ऐसे स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी कॉलेज और राज्य सरकार प्रमाण पत्र दे सकती हैं। ''नव भारत साक्षरता अभियान'' के दिशा-निर्देर्शो के तहत छात्रों को जोड़ने से पहले प्रशिक्षित करना जरूरी होगा, ताकि शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया जा सके। IIदरअसल, IIकेंद्रीय बजट 2022 में प्रौढ़ शिक्षा के सभी पहलुओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और वर्ष 2021-22 की बजटीय घोषणाओं से जोड़ते हुए ''नव भारत साक्षरता कार्यक्रम'' नाम से नई योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम को पांच साल के लिए विस्तार दिया गया है। इसी के तहत अब 15 से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। I
I-- -I
Iसामुदायिक संपर्क और सेवा में क्रेडिट का लाभ:I
Iराष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में छात्रों को पढ़ाई और शोध कार्यों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण जवाबदेही से जोड़ने की सिफारिश की गयी है। सामुदायिक संपर्क और सेवा के तहत छात्रों को जोड़ा जा सकता है। इसका मकसद छात्रों को समाज से जोड़ते हुए आम लोगों को आगे बढ़ने में मदद करना सीखना है। इसमें छात्रों मे जवाबदेही की भावना आएगी और वे दूसरों की मदद करना सीखेंगे। I
विज्ञापन
विज्ञापन
I-कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र के साथ ही डिग्री में क्रेडिट अंक भी जुड़ेंगेI
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIअखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई)ने इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, फार्मेसी और मैनेजमेंट कॉलेजों से कहा है कि प्रत्येक छात्र को हर साल पांच निरक्षर लोगों को साक्षर बनाएगा। तकनीकी कॉलेजों को शिक्षा मंत्रालय के प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के ''नव भारत साक्षरता अभियान'' को सफल बनाने में सहयोग करना होगा। जो छात्र इस अनूठे कार्यक्रम में सहयोग करेंगे, उन्हें संबंधित तकनीकी कॉलेज और विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा। साथ ही उनके रिजज्ट में क्रेडिट भी जुड़ेंगे।I
Iएआईसीटीई से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाले छात्रों को साक्षरता अभियान से जोड़ा जाएगा। योजना में सहयोग करने वाले छात्र को स्वयंसेवक कहा जाएगा। इसलिए ऐसे स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी कॉलेज और राज्य सरकार प्रमाण पत्र दे सकती हैं। ''नव भारत साक्षरता अभियान'' के दिशा-निर्देर्शो के तहत छात्रों को जोड़ने से पहले प्रशिक्षित करना जरूरी होगा, ताकि शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया जा सके। IIदरअसल, IIकेंद्रीय बजट 2022 में प्रौढ़ शिक्षा के सभी पहलुओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और वर्ष 2021-22 की बजटीय घोषणाओं से जोड़ते हुए ''नव भारत साक्षरता कार्यक्रम'' नाम से नई योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम को पांच साल के लिए विस्तार दिया गया है। इसी के तहत अब 15 से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। I
विज्ञापन
I
Iसामुदायिक संपर्क और सेवा में क्रेडिट का लाभ:I
Iराष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में छात्रों को पढ़ाई और शोध कार्यों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण जवाबदेही से जोड़ने की सिफारिश की गयी है। सामुदायिक संपर्क और सेवा के तहत छात्रों को जोड़ा जा सकता है। इसका मकसद छात्रों को समाज से जोड़ते हुए आम लोगों को आगे बढ़ने में मदद करना सीखना है। इसमें छात्रों मे जवाबदेही की भावना आएगी और वे दूसरों की मदद करना सीखेंगे। I
विज्ञापन