{"_id":"681dfc90e4efe1749c0c0a18","slug":"even-after-two-years-of-mou-garbage-disposal-plant-has-not-been-installed-noida-news-c-1-gnd1002-2925599-2025-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: एमओयू के दो साल बाद भी नहीं लगे कूड़ा निस्तारण प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: एमओयू के दो साल बाद भी नहीं लगे कूड़ा निस्तारण प्लांट
विज्ञापन
-ग्रेनो के अस्तौली में लगवाए जाने हैं 800 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण के दो प्लांट
-25 जून को सीएम की मौजूदगी में हुआ था एमओयू, दूसरे विकल्प देखेगा प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। शहर से निकलने वाले सूखे और गीले कूड़े के निस्तारण को ग्रेटर नोएडा के अस्तौली में कूड़ा निस्तारण प्लांट अब तक नहीं लग पाए हैं। यहां पर दो प्लांट लगाए जाना करीब दो साल से प्रस्तावित हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा स्टेडियम स्थित मंच पर 25 जून 2023 को प्राधिकरण ने एमओयू भी साइन किया था। यह प्लांट एनटीपीसी और एंडो एन्वायरो नाम की एजेंसी को लगाने हैं। लेकिन मौके पर कोई प्रगति नहीं दिख रही है। इसको देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं।
नोएडा प्राधिकरण की योजना अस्तौली में दो कूड़ा प्लांट लगवाने की है। इसके लिए वहां पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 22 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत में जमीन खरीदी हुई है। गीला कूड़ा निस्तारण के लिए 200 मीट्रिक टन क्षमता प्रतिदिन का प्लांट लगाया जाना था इसमें नोएडा और ग्रेनो के गीले कूड़े से बायो सीएनजी बनाकर निस्तारण होना था। इस प्लांट के लिए प्राधिकरण ने एंडो एन्वायरो एजेंसी से करार किया हुआ है। प्लांट लगाने में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। दूसरा प्लांट गीले सूखे कूड़े से ग्रीन कोल बनाने का है। इसकी क्षमता 600 मीट्रिक टन प्रतिदिन करार में प्रस्तावित है।
-- -- -- -- -- -- -
600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होना है नोएडा व ग्रेनो में
प्लांट में 300 मीट्रिक टन कूड़ा नोएडा का तो 300 मीट्रिक टन कूड़ा ग्रेटर नोएडा के कूड़े का निस्तारण होना है। पहले हो चुके करार के मुताबिक प्लांट को एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लगवाएगा। प्लांट स्थापित करने में करीब 500 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। लेकिन यह दोनों ही करार अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। इसलिए प्राधिकरण ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि वहां पर कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए ही जमीन ली गई है। इसलिए जमीन का उपयोग सुनिश्चित किया जाना है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -
नए विकल्प में भी आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा-
नोएडा प्राधिकरण अस्तौली में जो दूसरे विकल्प कूड़ा निस्तारण के लिए देख रहा है उसमें भी आर्थिक भार निस्तारण के लिए नहीं पड़ेगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि निस्तारण जल्दी शुरू कराने को ग्रेटर नोएडा ने जिस कंपनी को निस्तारण का जिम्मा दिया है उसी से वार्ता करने के लिए कहा गया है। ऐसा होने पर सिर्फ प्राधिकरण को वहां तक कूड़ा भेजना होगा। कंपनी खुद के खर्च पर निस्तारण करेगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कोट-
अस्तौली में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए एमओयू एनटीपीसी व एक अन्य एजेंसी के साथ प्राधिकरण का हुआ था। लेकिन दोनों ही प्लांट मौके पर अब तक नहीं लगे हैं। इसलिए दूसरे विकल्प देखे जा रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दूसरी कंपनी से वार्ता कर निस्तारण जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
विज्ञापन
-25 जून को सीएम की मौजूदगी में हुआ था एमओयू, दूसरे विकल्प देखेगा प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। शहर से निकलने वाले सूखे और गीले कूड़े के निस्तारण को ग्रेटर नोएडा के अस्तौली में कूड़ा निस्तारण प्लांट अब तक नहीं लग पाए हैं। यहां पर दो प्लांट लगाए जाना करीब दो साल से प्रस्तावित हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा स्टेडियम स्थित मंच पर 25 जून 2023 को प्राधिकरण ने एमओयू भी साइन किया था। यह प्लांट एनटीपीसी और एंडो एन्वायरो नाम की एजेंसी को लगाने हैं। लेकिन मौके पर कोई प्रगति नहीं दिख रही है। इसको देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं।
नोएडा प्राधिकरण की योजना अस्तौली में दो कूड़ा प्लांट लगवाने की है। इसके लिए वहां पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से 22 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत में जमीन खरीदी हुई है। गीला कूड़ा निस्तारण के लिए 200 मीट्रिक टन क्षमता प्रतिदिन का प्लांट लगाया जाना था इसमें नोएडा और ग्रेनो के गीले कूड़े से बायो सीएनजी बनाकर निस्तारण होना था। इस प्लांट के लिए प्राधिकरण ने एंडो एन्वायरो एजेंसी से करार किया हुआ है। प्लांट लगाने में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। दूसरा प्लांट गीले सूखे कूड़े से ग्रीन कोल बनाने का है। इसकी क्षमता 600 मीट्रिक टन प्रतिदिन करार में प्रस्तावित है।
विज्ञापन
600 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होना है नोएडा व ग्रेनो में
प्लांट में 300 मीट्रिक टन कूड़ा नोएडा का तो 300 मीट्रिक टन कूड़ा ग्रेटर नोएडा के कूड़े का निस्तारण होना है। पहले हो चुके करार के मुताबिक प्लांट को एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लगवाएगा। प्लांट स्थापित करने में करीब 500 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। लेकिन यह दोनों ही करार अब तक धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। इसलिए प्राधिकरण ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि वहां पर कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए ही जमीन ली गई है। इसलिए जमीन का उपयोग सुनिश्चित किया जाना है।
विज्ञापन
नए विकल्प में भी आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा-
नोएडा प्राधिकरण अस्तौली में जो दूसरे विकल्प कूड़ा निस्तारण के लिए देख रहा है उसमें भी आर्थिक भार निस्तारण के लिए नहीं पड़ेगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि निस्तारण जल्दी शुरू कराने को ग्रेटर नोएडा ने जिस कंपनी को निस्तारण का जिम्मा दिया है उसी से वार्ता करने के लिए कहा गया है। ऐसा होने पर सिर्फ प्राधिकरण को वहां तक कूड़ा भेजना होगा। कंपनी खुद के खर्च पर निस्तारण करेगी।
कोट-
अस्तौली में कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए एमओयू एनटीपीसी व एक अन्य एजेंसी के साथ प्राधिकरण का हुआ था। लेकिन दोनों ही प्लांट मौके पर अब तक नहीं लगे हैं। इसलिए दूसरे विकल्प देखे जा रहे हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दूसरी कंपनी से वार्ता कर निस्तारण जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण।