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Noida News: ईपीएफओ ने 6.71 लाख के दावों का किया डिजिटल निस्तारण
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-विभाग के हर सदस्य को औसतन 13,200 रुपये का लाभ
-72 घंटे में क्लेम निपटान से देशभर में छाया नोएडा मॉडल
निशांत पटेल
नोएडा। सेक्टर-24 स्थित क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कार्यालय नोएडा ने इस वित्तीय वर्ष में दक्षता और पारदर्शिता का नया मानदंड स्थापित किया है। डिजिटल प्रोसेसिंग और ऑटो सेटलमेंट सिस्टम के चलते यहां क्लेम निस्तारण की गति देश के शीर्ष कार्यालयों में शामिल हो गई है।
ईपीएफओ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच कार्यालय को कुल 6,71,330 दावे प्राप्त हुए, जिनमें से 6,34,011 का निस्तारण सफलतापूर्वक किया गया। इनमें ऑटो मोड से 2,20,385 और मैन्युअल प्रोसेसिंग से 4,13,626 दावे शामिल रहे। प्रत्येक सदस्य को औसतन 13,208.56 रुपए का लाभ मिला है। ईपीएफओ के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन न केवल क्षेत्रीय स्तर पर बल्कि पूरे उत्तर भारत में ‘नोएडा मॉडल’ के रूप में जाना जा रहा है। जो देशभर के कई ईपीएफओ कार्यालयों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन है।
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2026 तक 10 लाख क्लेम का लक्ष्य--
सहायक पीएफ कमिश्नर रविंद्र सिंह के अनुसार, नए सॉफ्टवेयर टूल्स से मैन्युअल क्लेम भी अब डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से ट्रैक हो रहे हैं। उन्होंने बताया नोएडा ईपीएफओ का उद्देश्य केवल दावे निपटाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को उनके श्रम की पूंजी समय पर लौटाना है। यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी मानक बनेगा। अब सदस्य अपने क्लेम की स्थिति एकीकृत पोर्टल और उमंग ऐप के जरिए रियल-टाइम में भी देख सकते हैं। साथ ही, डिजिटल वेरिफिकेशन मॉड्यूल से फर्जी क्लेम की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
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10 लाख से अधिक क्लेम प्रोसेसिंग लक्ष्य निर्धारित
नोएडा कार्यालय ने वर्ष 2025–26 के अंत तक 10 लाख से अधिक क्लेम प्रोसेसिंग का लक्ष्य तय किया है। ईपीएफओ का यह डिजिटल रूपांतरण न केवल कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों के लिए भी समय और संसाधन बचाने वाला साबित हो रहा है।
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कोट--
संगठन ने ऑटो सेटलमेंट 2.0 प्रणाली लागू की है, जिसके तहत पात्र क्लेम स्वतः स्वीकृत होकर भुगतान प्रक्रिया में चले जाते हैं। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र सदस्य को उसका दावा 72 घंटे के भीतर मिले। डिजिटल बदलावों ने पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों को मजबूत किया है।
-सुयश पांडेय, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ नोएडा
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-72 घंटे में क्लेम निपटान से देशभर में छाया नोएडा मॉडल
निशांत पटेल
नोएडा। सेक्टर-24 स्थित क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कार्यालय नोएडा ने इस वित्तीय वर्ष में दक्षता और पारदर्शिता का नया मानदंड स्थापित किया है। डिजिटल प्रोसेसिंग और ऑटो सेटलमेंट सिस्टम के चलते यहां क्लेम निस्तारण की गति देश के शीर्ष कार्यालयों में शामिल हो गई है।
ईपीएफओ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच कार्यालय को कुल 6,71,330 दावे प्राप्त हुए, जिनमें से 6,34,011 का निस्तारण सफलतापूर्वक किया गया। इनमें ऑटो मोड से 2,20,385 और मैन्युअल प्रोसेसिंग से 4,13,626 दावे शामिल रहे। प्रत्येक सदस्य को औसतन 13,208.56 रुपए का लाभ मिला है। ईपीएफओ के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन न केवल क्षेत्रीय स्तर पर बल्कि पूरे उत्तर भारत में ‘नोएडा मॉडल’ के रूप में जाना जा रहा है। जो देशभर के कई ईपीएफओ कार्यालयों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन है।
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2026 तक 10 लाख क्लेम का लक्ष्य
सहायक पीएफ कमिश्नर रविंद्र सिंह के अनुसार, नए सॉफ्टवेयर टूल्स से मैन्युअल क्लेम भी अब डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से ट्रैक हो रहे हैं। उन्होंने बताया नोएडा ईपीएफओ का उद्देश्य केवल दावे निपटाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को उनके श्रम की पूंजी समय पर लौटाना है। यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी मानक बनेगा। अब सदस्य अपने क्लेम की स्थिति एकीकृत पोर्टल और उमंग ऐप के जरिए रियल-टाइम में भी देख सकते हैं। साथ ही, डिजिटल वेरिफिकेशन मॉड्यूल से फर्जी क्लेम की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
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10 लाख से अधिक क्लेम प्रोसेसिंग लक्ष्य निर्धारित
नोएडा कार्यालय ने वर्ष 2025–26 के अंत तक 10 लाख से अधिक क्लेम प्रोसेसिंग का लक्ष्य तय किया है। ईपीएफओ का यह डिजिटल रूपांतरण न केवल कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों के लिए भी समय और संसाधन बचाने वाला साबित हो रहा है।
कोट
संगठन ने ऑटो सेटलमेंट 2.0 प्रणाली लागू की है, जिसके तहत पात्र क्लेम स्वतः स्वीकृत होकर भुगतान प्रक्रिया में चले जाते हैं। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र सदस्य को उसका दावा 72 घंटे के भीतर मिले। डिजिटल बदलावों ने पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों को मजबूत किया है।
-सुयश पांडेय, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ नोएडा