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Noida News: दो घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा इंजीनियर
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फोटो:
दो घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा इंजीनियर
- ग्रेनो वेस्ट की आम्रपाली लेजर पार्क सोसाइटी की घटना, तड़के पहुंचे दूधवाले ने बाहर निकाला
- शोर मचाने के बाद भी नहीं मिली मदद, नहीं था सुरक्षाकर्मी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की आम्रपाली लेजर पार्क सोसाइटी में इंजीनियर करीब दो घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा। रात करीब तीन बजे लिफ्ट अचानक बंद हो गई। काफी शोर मचाने के बाद भी मदद नहीं मिली। तड़के करीब पांच बजे दूधवाले के वहां पहुंचने पर उसे मदद मिली। आरोप है कि टावर के पास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं रहता। पीड़ित ने शिकायत कर टावर के सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग की है।
निजी कंपनी में इंजीनियर प्रशांत सिंह सोसाइटी के नौवें फ्लोर पर सपरिवार रहते हैं। बुधवार रात करीब तीन बजे वो कंपनी से सोसाइटी में पहुंचे थे। फ्लैट में जाने के लिए टावर की लिफ्ट में बैठते थे। आरोप है कि तभी लिफ्ट अटक गई। बटन दबाने के बाद भी लिफ्ट खुल नहीं रही थी। काफी शोर मचाया, लेकिन उस समय आसपास कोई नहीं था। टावर में सुरक्षाकर्मी भी तैनात नहीं था। मोबाइल में नेटवर्क नहीं होने के कारण फोन कर मदद भी नहीं ले सके। काफी चिल्लाने के बाद जब मदद नहीं मिली तो लिफ्ट में बैठ गए।
तड़के करीब पांच बजे पहुंचे दूधवाले ने शोर सुनकर उनकी मदद की। मेंटेनेंस टीम को बुलाकर लिफ्ट को खुलवाया गया। लिफ्ट में फंसने के कारण प्रशांत काफी घबरा गए थे। लिफ्ट में लाइट नहीं थी। साथ ही ऑक्सीजन की भी कमी हो रही थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मी नहीं होने के कारण कोई भी असामाजिक व्यक्ति टावर में आ सकता है।
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परिवार की सुरक्षा को लेकर चुनी थी सोसाइटी
निवासियों ने बताया कि पीड़ित ने परिवार की सुरक्षा को लेकर सोसाइटी में रहने को प्राथमिकता पर चुना था। अब उनको डर सता रहा है कि अगर परिवार का कोई सदस्य लिफ्ट में फंस जाता तो फिर क्या होता। मेंटेनेंस शुल्क देने के बाद भी सुरक्षित नहीं है। वहीं सोसाइटी के निवासियों में भी घटना के बाद से रोष है। उनका आरोप है कि सोसाइटी का रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है। इस समय एओए के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
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दो घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा इंजीनियर
- ग्रेनो वेस्ट की आम्रपाली लेजर पार्क सोसाइटी की घटना, तड़के पहुंचे दूधवाले ने बाहर निकाला
- शोर मचाने के बाद भी नहीं मिली मदद, नहीं था सुरक्षाकर्मी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की आम्रपाली लेजर पार्क सोसाइटी में इंजीनियर करीब दो घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा। रात करीब तीन बजे लिफ्ट अचानक बंद हो गई। काफी शोर मचाने के बाद भी मदद नहीं मिली। तड़के करीब पांच बजे दूधवाले के वहां पहुंचने पर उसे मदद मिली। आरोप है कि टावर के पास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं रहता। पीड़ित ने शिकायत कर टावर के सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग की है।
निजी कंपनी में इंजीनियर प्रशांत सिंह सोसाइटी के नौवें फ्लोर पर सपरिवार रहते हैं। बुधवार रात करीब तीन बजे वो कंपनी से सोसाइटी में पहुंचे थे। फ्लैट में जाने के लिए टावर की लिफ्ट में बैठते थे। आरोप है कि तभी लिफ्ट अटक गई। बटन दबाने के बाद भी लिफ्ट खुल नहीं रही थी। काफी शोर मचाया, लेकिन उस समय आसपास कोई नहीं था। टावर में सुरक्षाकर्मी भी तैनात नहीं था। मोबाइल में नेटवर्क नहीं होने के कारण फोन कर मदद भी नहीं ले सके। काफी चिल्लाने के बाद जब मदद नहीं मिली तो लिफ्ट में बैठ गए।
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तड़के करीब पांच बजे पहुंचे दूधवाले ने शोर सुनकर उनकी मदद की। मेंटेनेंस टीम को बुलाकर लिफ्ट को खुलवाया गया। लिफ्ट में फंसने के कारण प्रशांत काफी घबरा गए थे। लिफ्ट में लाइट नहीं थी। साथ ही ऑक्सीजन की भी कमी हो रही थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मी नहीं होने के कारण कोई भी असामाजिक व्यक्ति टावर में आ सकता है।
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परिवार की सुरक्षा को लेकर चुनी थी सोसाइटी
निवासियों ने बताया कि पीड़ित ने परिवार की सुरक्षा को लेकर सोसाइटी में रहने को प्राथमिकता पर चुना था। अब उनको डर सता रहा है कि अगर परिवार का कोई सदस्य लिफ्ट में फंस जाता तो फिर क्या होता। मेंटेनेंस शुल्क देने के बाद भी सुरक्षित नहीं है। वहीं सोसाइटी के निवासियों में भी घटना के बाद से रोष है। उनका आरोप है कि सोसाइटी का रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है। इस समय एओए के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।