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Noida News: ट्रेडिंग एप पर भरोसा करना पड़ा भारी, इंजीनियर से 26.80 लाख की ठगी
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शेयर बाजार में अच्छा रिटर्न का दिया गया झांसा, प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने इंजीनियर से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 26.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने पहले उन्हें शेयर बाजार में अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया और फिर ट्रेडिंग एप के जरिए अलग-अलग खातों में पैसे जमा करा लिए। बाद में जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालनी चाही तो जालसाजों ने संपर्क भंग कर लिया।
हिंडन विहार निवासी अमर कुमार ने पुलिस से शिकायत की है कि 27 फरवरी से सात अप्रैल के बीच जालसाजों ने उनसे संपर्क किया। उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल कर शेयर ट्रेडिंग से कम समय में अच्छा लाभ दिलाने का दावा किया गया। ग्रुप में मौजूद अन्य सदस्य लगातार मुनाफे की बातें कर रहे थे, जिससे उन्हें निवेश पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्हें एक एप डाउनलोड कराया गया, जिसके माध्यम से उन्होंने पांच बार में 26.80 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
कुछ समय तक एप पर लाभ दिखाई देता रहा। लेकिन, जब उन्होंने पैसे निकालने का विकल्प चुना तो एप ने काम करना बंद कर दिया। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप भी बंद हो गया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित बैंक खातों, लेनदेन और लाभार्थियों की जांच शुरू कर दी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने इंजीनियर से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 26.80 लाख रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने पहले उन्हें शेयर बाजार में अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया और फिर ट्रेडिंग एप के जरिए अलग-अलग खातों में पैसे जमा करा लिए। बाद में जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालनी चाही तो जालसाजों ने संपर्क भंग कर लिया।
हिंडन विहार निवासी अमर कुमार ने पुलिस से शिकायत की है कि 27 फरवरी से सात अप्रैल के बीच जालसाजों ने उनसे संपर्क किया। उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल कर शेयर ट्रेडिंग से कम समय में अच्छा लाभ दिलाने का दावा किया गया। ग्रुप में मौजूद अन्य सदस्य लगातार मुनाफे की बातें कर रहे थे, जिससे उन्हें निवेश पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्हें एक एप डाउनलोड कराया गया, जिसके माध्यम से उन्होंने पांच बार में 26.80 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
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कुछ समय तक एप पर लाभ दिखाई देता रहा। लेकिन, जब उन्होंने पैसे निकालने का विकल्प चुना तो एप ने काम करना बंद कर दिया। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप भी बंद हो गया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित बैंक खातों, लेनदेन और लाभार्थियों की जांच शुरू कर दी है।
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