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ग्रीन बेल्ट के 4000 वर्गमीटर से हटाया अवैध कब्जा
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नोएडा में शनिवार को सेक्टर 48 में प्राधिकरण द्वारा तोडा जाता अवैध रूप से बना आरडब्लूए कार्यालय
ग्रीन बेल्ट में 4000 वर्गमीटर से हटाया अवैध कब्जा
नोएडा। प्राधिकरण की टीम शनिवार को पूरे दल-बल के साथ सेक्टर-48 के पत्थर मार्केट को तोड़ने के लिए निकली, लेकिन बाद में पत्थर मार्केट के दुकानदारों को 15 दिन का समय दे दिया गया। हालांकि, वहीं पर ग्रीन बेल्ट में किए गए 4000 वर्गमीटर के अवैध कब्जे को प्राधिकरण ने हटा दिया।
शनिवार को प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्र और पुलिस-प्राधिकरण की टीम 24 जेसीबी व 15 डंपर के साथ सेक्टर-46 के समुदाय भवन में इकट्ठी हुई। यहां प्राधिकरण के वर्क सर्किल-1 से 10 तक की चुनिंदा टीम मौजूद रही। तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए अधिकारियों का अमला सेक्टर-48 के पत्थर मार्केट पहुंचा। वहां पहले से धरने पर बैठे किसानों के साथ वार्ता शुरू हुई। प्रशासन और प्राधिकरण के आला अधिकारियों के साथ भी मंत्रणा की गई। बाद में आला अधिकारियों ने इस मसले को 15 दिन के लिए टाल दिया। इसके बाद प्राधिकरण के तोड़फोड़ दस्ते की टीम ने वहां सेक्टर-49 थाने से लगी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाई गई आरडब्ल्यूए के कार्यालय को ध्वस्त कर दिया। यहां 10 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कब्जा करने का आरोप प्राधिकरण लगा रहा है।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यहां आरडब्ल्यूए की ओर से कार्यालय के अलावा आंगन घेर लिया गया था। एक हॉल भी बना लिया गया था, जिसकी अनुमति प्राधिकरण से नहीं ली गई थी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पहले ही नोटिस दिया जा चुका था और चस्पा भी किया गया था। यहीं पर आगे चलकर कबाड़ रखने के लिए भी घेराबंदी की गई थी। कपड़े धोने और प्रेस करने वालों ने वहां टीन शेड के कमरे आदि बना लिए थे। उनको सभी को ध्वस्त कर दिया गया है।
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आरडब्ल्यूए ने लगाया आरोप
सेक्टर-48 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिनेश भाटी ने कहा कि 15 वर्षों से उनके सेक्टर में सामुदायिक भवन नहीं बना है। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से अनुमति लेने के बाद मजबूरी में ग्रीन बेल्ट में एक कार्यालय बनाया था जहां लोगों की समस्या को सुन सकें, लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को बिना किसी नोटिस के आरडब्ल्यूए कार्यालय तोड़ दिया। दोपहर 12 बजे प्राधिकरण के लोगों ने आकर वहां बने हॉल, दो कमरे और बाथरूम को तोड़ दिया।
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नोएडा। प्राधिकरण की टीम शनिवार को पूरे दल-बल के साथ सेक्टर-48 के पत्थर मार्केट को तोड़ने के लिए निकली, लेकिन बाद में पत्थर मार्केट के दुकानदारों को 15 दिन का समय दे दिया गया। हालांकि, वहीं पर ग्रीन बेल्ट में किए गए 4000 वर्गमीटर के अवैध कब्जे को प्राधिकरण ने हटा दिया।
शनिवार को प्राधिकरण के ओएसडी एमपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र मिश्र और पुलिस-प्राधिकरण की टीम 24 जेसीबी व 15 डंपर के साथ सेक्टर-46 के समुदाय भवन में इकट्ठी हुई। यहां प्राधिकरण के वर्क सर्किल-1 से 10 तक की चुनिंदा टीम मौजूद रही। तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए अधिकारियों का अमला सेक्टर-48 के पत्थर मार्केट पहुंचा। वहां पहले से धरने पर बैठे किसानों के साथ वार्ता शुरू हुई। प्रशासन और प्राधिकरण के आला अधिकारियों के साथ भी मंत्रणा की गई। बाद में आला अधिकारियों ने इस मसले को 15 दिन के लिए टाल दिया। इसके बाद प्राधिकरण के तोड़फोड़ दस्ते की टीम ने वहां सेक्टर-49 थाने से लगी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाई गई आरडब्ल्यूए के कार्यालय को ध्वस्त कर दिया। यहां 10 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कब्जा करने का आरोप प्राधिकरण लगा रहा है।
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प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यहां आरडब्ल्यूए की ओर से कार्यालय के अलावा आंगन घेर लिया गया था। एक हॉल भी बना लिया गया था, जिसकी अनुमति प्राधिकरण से नहीं ली गई थी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पहले ही नोटिस दिया जा चुका था और चस्पा भी किया गया था। यहीं पर आगे चलकर कबाड़ रखने के लिए भी घेराबंदी की गई थी। कपड़े धोने और प्रेस करने वालों ने वहां टीन शेड के कमरे आदि बना लिए थे। उनको सभी को ध्वस्त कर दिया गया है।
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आरडब्ल्यूए ने लगाया आरोप
सेक्टर-48 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिनेश भाटी ने कहा कि 15 वर्षों से उनके सेक्टर में सामुदायिक भवन नहीं बना है। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण से अनुमति लेने के बाद मजबूरी में ग्रीन बेल्ट में एक कार्यालय बनाया था जहां लोगों की समस्या को सुन सकें, लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को बिना किसी नोटिस के आरडब्ल्यूए कार्यालय तोड़ दिया। दोपहर 12 बजे प्राधिकरण के लोगों ने आकर वहां बने हॉल, दो कमरे और बाथरूम को तोड़ दिया।