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Noida News: 20 साल बाद एंब्राइडरी सूट व बंधेज की साड़ियां फैशन में
Fri, 26 Sep 2025 04:52 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 26 Sep 2025 04:52 AM IST
सार
लखनऊ के कपड़ा बाजार में नवरात्र और करवा चौथ के मौके पर पारंपरिक कढ़ाई और साड़ी की मांग तेजी से बढ़ी है। महिलाएं साड़ियों और हाथ की कारीगरी वाले कपड़ों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे व्यापारियों को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है।
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इंदिरा नगर में जरदोजी की शेरवानी दिखाते विक्रेता व इंदिरानगर में एक शोरूम में साड़ी खरीदतीं महि
विस्तार
लखनऊ। नवरात्र के साथ ही करवा चौथ और सहालग की खरीदारी से कपड़ा बाजार में रौनक छाने लगी है। डिजाइनिंग में फिर से पुराना फैशन लौटने लगा है।
कारोबारी बताते हैं कि 20 साल बाद फिर से एंब्रॉयडरी, जरी दरदोजी के हाथ के काम वाले कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। 2500 के ऊपर की कीमत के कपड़ों पर 18 फीसदी जीएसटी बढ़ने का भी असर है।
कारोबारी बताते हैं कि अभी सिर्फ सहालग की खरीदारी शुरू हुई है जबकि महिलाएं करवा चौथ की खरीदारी के लिए आ रही हैं।
इंदिरानगर में रेडीमेड व एथनिक कपड़ों का शोरूम चलाने वाले मो. अफजल बताते हैं कि शादी की खरीदारी शुरू हो गई है। पुरुषों में जापानी फैब्रिक चल रहा है। सूट पर आगे और पीछे एंब्रायडरी के काम को पसंद किया जा रहा है। एथनिक में जोधपुरी सूट, शेरवानी और श्रृग पसंद किए जा रहे हैं। हाथ की कारीगरी जरी जरदोजी फिर से फैशन में है। बीच में मशीन की छपाई पसंद की जाने लगी थी, लेकिन अब बाजार फिर से अपनी परंपरा में लौटने लगा है।
कैजुअल विअर में लूज फिट और लाइट वेट के कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय में लोगों ने वजन बढ़ने पर लूज फिटिंग व बेलबॉटम पैंटों को तरजीह दी है। लूज फिट कपड़े बॉडी का स्ट्रक्चर बिल्कुल सीधा दिखाते हैं। वहीं, आरामदायक होने की वजह से लोग लाइक्रा फैब्रिक व स्ट्रेचबेल फैबिक्र पसंद कर रहे हैं।
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आलमबाग के कारोबारी सुमित कनोडिया बताते हैं कि इस बार लहंगों के चलन में कमी आई है। क्योंकि, महिलाएं करवा चौथ और शादी-समारोह के लिए लहंगे की खरीद करती थीं, जो अब साड़ियों पर शिफ्ट हो रही हैं। इससे व्यापारियों को नुकसान है। हम पुराने जीएसटी (12%) पर माल उठा चुके हैं। अब ग्राहक को 18 प्रतिशत जीएसटी पर माल नहीं बेच सकते क्योंकि माल पर टैगिंग है।
साड़ियां बनीं पहली पसंद
महिलाओं की खरीदारी में इस साल साड़ियों की बहार है क्योंकि सरकार ने साड़ियों की जीएसटी पर कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, 2500 रुपये के ऊपर के कपड़ों पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। महिलाएं हल्के दामों वाली डिजाइनर साड़ियां पसंद कर रही हैं। इंदिरानगर के कारोबारी उत्तम कपूर बताते हैं कि 20 साल पुराना दौर फिर से लौटा है। महिलाएं बंधेज और सिल्क की साड़ियां पसंद कर रही हैं। हमारे पास 600 रुपये से लेकर 40 हजार तक की सिल्क की साड़ियां हैं। वहीं, 15 हजार तक बंधेज की साड़ियां हैं। इसके अलावा नहरिया और चुनरी की साड़ी समेत लाइट वेट लहंगे पसंद किए जा रहे हैं।
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कारोबारी बताते हैं कि 20 साल बाद फिर से एंब्रॉयडरी, जरी दरदोजी के हाथ के काम वाले कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। 2500 के ऊपर की कीमत के कपड़ों पर 18 फीसदी जीएसटी बढ़ने का भी असर है।
कारोबारी बताते हैं कि अभी सिर्फ सहालग की खरीदारी शुरू हुई है जबकि महिलाएं करवा चौथ की खरीदारी के लिए आ रही हैं।
इंदिरानगर में रेडीमेड व एथनिक कपड़ों का शोरूम चलाने वाले मो. अफजल बताते हैं कि शादी की खरीदारी शुरू हो गई है। पुरुषों में जापानी फैब्रिक चल रहा है। सूट पर आगे और पीछे एंब्रायडरी के काम को पसंद किया जा रहा है। एथनिक में जोधपुरी सूट, शेरवानी और श्रृग पसंद किए जा रहे हैं। हाथ की कारीगरी जरी जरदोजी फिर से फैशन में है। बीच में मशीन की छपाई पसंद की जाने लगी थी, लेकिन अब बाजार फिर से अपनी परंपरा में लौटने लगा है।
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कैजुअल विअर में लूज फिट और लाइट वेट के कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय में लोगों ने वजन बढ़ने पर लूज फिटिंग व बेलबॉटम पैंटों को तरजीह दी है। लूज फिट कपड़े बॉडी का स्ट्रक्चर बिल्कुल सीधा दिखाते हैं। वहीं, आरामदायक होने की वजह से लोग लाइक्रा फैब्रिक व स्ट्रेचबेल फैबिक्र पसंद कर रहे हैं।
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आलमबाग के कारोबारी सुमित कनोडिया बताते हैं कि इस बार लहंगों के चलन में कमी आई है। क्योंकि, महिलाएं करवा चौथ और शादी-समारोह के लिए लहंगे की खरीद करती थीं, जो अब साड़ियों पर शिफ्ट हो रही हैं। इससे व्यापारियों को नुकसान है। हम पुराने जीएसटी (12%) पर माल उठा चुके हैं। अब ग्राहक को 18 प्रतिशत जीएसटी पर माल नहीं बेच सकते क्योंकि माल पर टैगिंग है।
साड़ियां बनीं पहली पसंद
महिलाओं की खरीदारी में इस साल साड़ियों की बहार है क्योंकि सरकार ने साड़ियों की जीएसटी पर कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, 2500 रुपये के ऊपर के कपड़ों पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। महिलाएं हल्के दामों वाली डिजाइनर साड़ियां पसंद कर रही हैं। इंदिरानगर के कारोबारी उत्तम कपूर बताते हैं कि 20 साल पुराना दौर फिर से लौटा है। महिलाएं बंधेज और सिल्क की साड़ियां पसंद कर रही हैं। हमारे पास 600 रुपये से लेकर 40 हजार तक की सिल्क की साड़ियां हैं। वहीं, 15 हजार तक बंधेज की साड़ियां हैं। इसके अलावा नहरिया और चुनरी की साड़ी समेत लाइट वेट लहंगे पसंद किए जा रहे हैं।

इंदिरा नगर में जरदोजी की शेरवानी दिखाते विक्रेता व इंदिरानगर में एक शोरूम में साड़ी खरीदतीं महि

इंदिरा नगर में जरदोजी की शेरवानी दिखाते विक्रेता व इंदिरानगर में एक शोरूम में साड़ी खरीदतीं महि