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Noida News: 20 मिनट लिफ्ट में फंसे रहे बच्चों समेत आठ लोग
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फोटो:-- -- -- -- -- -- -- -- -
20 मिनट लिफ्ट में फंसे रहे बच्चों समेत आठ लोग
-ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी-2 की 14 एवेन्यू सोसाइटी के टावर-एम की घटना, बच्चों की छूटी स्कूल बस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी-2 की 14 एवेन्यू सोसाइटी के टावर एम की लिफ्ट में सोमवार सुबह 8 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। इनमें स्कूल जा रहे बच्चे भी शामिल थे। आरोप है कि लिफ्ट का आपातकालीन बटन दबाया गया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। नजदीकी फ्लोर पर भी लिफ्ट नहीं रुकी। शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने मेंटेनेंस टीम को सूचना दी। उसके बाद उनको बाहर निकाला गया। देरी होने के कारण बच्चों की स्कूल बस छूट गई। ऐसे में परिजनों को खुद के साधन से बच्चों को स्कूल पहुंचाना पड़ा। घटना के बाद से निवासियों में बिल्डर के खिलाफ रोष है।
निवासियों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7:40 बजे सोसाइटी के टावर-एम की लिफ्ट में करीब 8 लोग नीचे आ रहे थे। इनमें स्कूल जाने वाले तीन बच्चे व एक घरेलू सहायिका भी शामिल थी। जब लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची तो बिजली जाने से अचानक अटक गई। कुछ देर इंतजार करने के बाद जब लिफ्ट नहीं खुली तो आपातकालीन बटन दबाया गया। आरोप है कि बटन काम नहीं कर रहा था। लिफ्ट में आटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस ने भी आपातकाल में काम नहीं किया। गर्मी के कारण लिफ्ट में फंसे लोगों का बुरा हाल हो गया। सभी ने चीखना शुरू किया तो वहां से निकल रहे लोगों ने आवाज सुनी और मेंटेनेंस टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची मेंटेनेंस टीम के पास चॉबी नहीं थी। लिफ्ट का दरवाजा मुश्किल से खोला गया। लिफ्ट में फंसने वाले संतोष कुमार ने बताया कि वह अपने दो बच्चों को स्कूल बस में छोड़ने जा रहे थे। लिफ्ट में फंसने के बाद तत्काल मदद नहीं मिली। करीब 20 मिनट बाद उनको बाहर निकाला जा सका। इस बीच बच्चे काफी डर गए थे। आरोप है कि सोसाइटी की लिफ्ट का रखरखाव समय से नहीं किया जा रहा है। आए दिन लिफ्ट फंस रही है। पिछले दस दिन के अंदर तीसरी बार लिफ्ट फंसी है। निवासियों ने मेंटेनेंस के साथ पुलिस से भी घटना की शिकायत की है।
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तकनीकी कारण से रुकी लिफ्ट, करा रहे जांच
गौड़ ग्रुप के मीडिया प्रभारी का कहना है कि सोसाइटी की सभी लिफ्ट उच्च गुणवत्ता वाली हैं। उनमें ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस भी लगी है। तकनीकी कारण से लिफ्ट रुकी थी। जानकारी मिलने के बाद मेंटेनेंस टीम ने मुस्तैदी दिखाई और 10 मिनट में सभी लोगों को बाहर निकाल लिया। फिर भी घटना की जांच की जा रही है। लिफ्ट की मेंटेनेंस एजेंसी से बात की जा रही है। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना को रोका जा सके।
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सीढि़यों से जाने को मजबूर हैं निवासी
नेफोवा की सचिव प्रीति सिंह ने बताया कि वह भी एम टावर में रहती हैं। लिफ्ट खराब होने के बाद उसे ठीक नहीं किया जाता है। अस्थायी तौर पर शुरू कर दिया जाता है। इसके कारण लिफ्ट बार-बार फंसती है। वह खुद अपनी बेटी को 14 मंजिल से सीढि़यों से नीचे लेकर गई। लिफ्ट में फंसे स्कूली बच्चों की बस छूट गई थी।
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20 मिनट लिफ्ट में फंसे रहे बच्चों समेत आठ लोग
-ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी-2 की 14 एवेन्यू सोसाइटी के टावर-एम की घटना, बच्चों की छूटी स्कूल बस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी-2 की 14 एवेन्यू सोसाइटी के टावर एम की लिफ्ट में सोमवार सुबह 8 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। इनमें स्कूल जा रहे बच्चे भी शामिल थे। आरोप है कि लिफ्ट का आपातकालीन बटन दबाया गया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। नजदीकी फ्लोर पर भी लिफ्ट नहीं रुकी। शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने मेंटेनेंस टीम को सूचना दी। उसके बाद उनको बाहर निकाला गया। देरी होने के कारण बच्चों की स्कूल बस छूट गई। ऐसे में परिजनों को खुद के साधन से बच्चों को स्कूल पहुंचाना पड़ा। घटना के बाद से निवासियों में बिल्डर के खिलाफ रोष है।
निवासियों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7:40 बजे सोसाइटी के टावर-एम की लिफ्ट में करीब 8 लोग नीचे आ रहे थे। इनमें स्कूल जाने वाले तीन बच्चे व एक घरेलू सहायिका भी शामिल थी। जब लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची तो बिजली जाने से अचानक अटक गई। कुछ देर इंतजार करने के बाद जब लिफ्ट नहीं खुली तो आपातकालीन बटन दबाया गया। आरोप है कि बटन काम नहीं कर रहा था। लिफ्ट में आटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस ने भी आपातकाल में काम नहीं किया। गर्मी के कारण लिफ्ट में फंसे लोगों का बुरा हाल हो गया। सभी ने चीखना शुरू किया तो वहां से निकल रहे लोगों ने आवाज सुनी और मेंटेनेंस टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची मेंटेनेंस टीम के पास चॉबी नहीं थी। लिफ्ट का दरवाजा मुश्किल से खोला गया। लिफ्ट में फंसने वाले संतोष कुमार ने बताया कि वह अपने दो बच्चों को स्कूल बस में छोड़ने जा रहे थे। लिफ्ट में फंसने के बाद तत्काल मदद नहीं मिली। करीब 20 मिनट बाद उनको बाहर निकाला जा सका। इस बीच बच्चे काफी डर गए थे। आरोप है कि सोसाइटी की लिफ्ट का रखरखाव समय से नहीं किया जा रहा है। आए दिन लिफ्ट फंस रही है। पिछले दस दिन के अंदर तीसरी बार लिफ्ट फंसी है। निवासियों ने मेंटेनेंस के साथ पुलिस से भी घटना की शिकायत की है।
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तकनीकी कारण से रुकी लिफ्ट, करा रहे जांच
गौड़ ग्रुप के मीडिया प्रभारी का कहना है कि सोसाइटी की सभी लिफ्ट उच्च गुणवत्ता वाली हैं। उनमें ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस भी लगी है। तकनीकी कारण से लिफ्ट रुकी थी। जानकारी मिलने के बाद मेंटेनेंस टीम ने मुस्तैदी दिखाई और 10 मिनट में सभी लोगों को बाहर निकाल लिया। फिर भी घटना की जांच की जा रही है। लिफ्ट की मेंटेनेंस एजेंसी से बात की जा रही है। ताकि भविष्य में इस तरह की घटना को रोका जा सके।
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सीढि़यों से जाने को मजबूर हैं निवासी
नेफोवा की सचिव प्रीति सिंह ने बताया कि वह भी एम टावर में रहती हैं। लिफ्ट खराब होने के बाद उसे ठीक नहीं किया जाता है। अस्थायी तौर पर शुरू कर दिया जाता है। इसके कारण लिफ्ट बार-बार फंसती है। वह खुद अपनी बेटी को 14 मंजिल से सीढि़यों से नीचे लेकर गई। लिफ्ट में फंसे स्कूली बच्चों की बस छूट गई थी।