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Noida News: हैसिंडा प्रोजेक्ट जांच के लिए प्राधिकरण कार्यालय में आ सकती है ईडी की टीम
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जांच में हैसिंडा प्रोजेक्ट से जुड़ी और जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी
माई सिटी रिपार्टर
नोएडा। हैसिंडा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की लोटस 300 परियोजना की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय आ सकती है। इस बाबत प्राधिकरण से ईडी के संपर्क करने की सूचना है। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही टीम आकर जांच कर सकती है। जांच में हैसिंडा प्रोजेक्ट से जुड़ी और जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी।
दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद हैसिंडा प्रोजेक्ट की जांच के लिए ईडी की टीम सक्रिय है। प्रोजेक्ट के साझेदारों के ठिकानों पर ईडी की टीमें छापे मार रही हैं। इसी मामले में पिछले दिनों नोएडा प्राधिकरण के पूर्व चेयरमैन और सीईओ मोहिंदर सिंह के ठिकानों पर भी ईडी ने छापा मारा था। बताया जा रहा है कि लोटस 300 परियोजना की जांच के दायरे में कुछ और निदेशक और प्राधिकरण के अधिकारी आ सकते हैं। इस बाबत प्राधिकरण से फाइलें आदि मांगकर जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, इससे पहले भी यह फाइलें खंगाली गई होंगी। इसी आधार पर ईडी ने छापे मारे हैं। सूत्रों की मानें तो अगली कड़ी में कुछ और बड़ी मछलियों के जाल में फंसने की उम्मीद है।
बता दें कि पूर्व सीईओ और चेयरमैन मोहिंदर सिंह के कार्यकाल में बिल्डरों को जमीन देने से लेकर फॉर्म हाउस के लिए प्लॉट आवंटन व कम कीमत पर जमीन दिलाने समेत कई मामलों में जांच चल रही है। सूत्रों का कहना है कि उस समय बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए अधिक कीमत की जमीनों को कम पर दिलाया गया। इससे प्राधिकरण को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
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माई सिटी रिपार्टर
नोएडा। हैसिंडा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की लोटस 300 परियोजना की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय आ सकती है। इस बाबत प्राधिकरण से ईडी के संपर्क करने की सूचना है। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही टीम आकर जांच कर सकती है। जांच में हैसिंडा प्रोजेक्ट से जुड़ी और जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी।
दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद हैसिंडा प्रोजेक्ट की जांच के लिए ईडी की टीम सक्रिय है। प्रोजेक्ट के साझेदारों के ठिकानों पर ईडी की टीमें छापे मार रही हैं। इसी मामले में पिछले दिनों नोएडा प्राधिकरण के पूर्व चेयरमैन और सीईओ मोहिंदर सिंह के ठिकानों पर भी ईडी ने छापा मारा था। बताया जा रहा है कि लोटस 300 परियोजना की जांच के दायरे में कुछ और निदेशक और प्राधिकरण के अधिकारी आ सकते हैं। इस बाबत प्राधिकरण से फाइलें आदि मांगकर जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, इससे पहले भी यह फाइलें खंगाली गई होंगी। इसी आधार पर ईडी ने छापे मारे हैं। सूत्रों की मानें तो अगली कड़ी में कुछ और बड़ी मछलियों के जाल में फंसने की उम्मीद है।
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बता दें कि पूर्व सीईओ और चेयरमैन मोहिंदर सिंह के कार्यकाल में बिल्डरों को जमीन देने से लेकर फॉर्म हाउस के लिए प्लॉट आवंटन व कम कीमत पर जमीन दिलाने समेत कई मामलों में जांच चल रही है। सूत्रों का कहना है कि उस समय बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए अधिक कीमत की जमीनों को कम पर दिलाया गया। इससे प्राधिकरण को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
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