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Noida News: एडवंट अंडरपास खुलने से दर्जनों सेक्टरों व गांवों को मिली राहत
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एडवंट अंडरपास खुलने से दर्जनों सेक्टरों व गांवों को मिली राहत
- 46.86 करोड़ की लागत से हुआ तैयार
नोएडा। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के 10.3 किमी पर निर्मित एडवंट अंडरपास का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया। इसके खुलने से एक्सप्रेसवे के दोनों किनारे के दर्जनों सेक्टरों व गांवों के निवासियों को राहत मिली। अंडरपास से एक्सप्रेसवे के नीचे से दोनों ओर आने-जाने में वाहनों को सुविधा होगी। 11 जून 2020 को इस अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। चार लेन के इस अंडरपास के निर्माण का मकसद वैसे लोगों को राहत दिलाना था, जो कि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर से या तो ऊपर चढ़ना चाहते थे या फिर दूसरे साइड में जाना चाहते थे। इसकी डेडलाइन 31 अगस्त 2022 तय की गई थी। लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद इसकी डेडलाइन बढ़ाई गई और यह अब बनकर तैयार हुआ।
इनको मिलेगा फायदा
इस अंडरपास के निर्माण से सेक्टर-135, 136, 137, 141, 142, 167 व 168 के बीच के निवासियों के साथ-साथ इस क्षेत्र के आसपास के गांवों गढ़ी शाहदरा, वाजिदपुर, मंगरौली, छपरौली आदि के ग्रामीणों को भी आवागमन में काफी सुविधा प्राप्त होगी। यह नहीं एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ स्थित सेक्टरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
बॉक्स पुशिंग तकनीक का किया गया प्रयोग
अंडरपास को बनाने में बॉक्स पुशिंग तकनीक का प्रयोग किया गया। इसमें पहले से ही सीमेंट का ढांचा तैयार करने के बाद इसे धकेलकर नियत स्थान पर लगाया जाता है। इस वजह से एक्सप्रेसवे की सड़क धंसने की बात भी सामने आई। बाद में डीजीएम श्रीपाल भाटी ने तकनीकी एजेंसियों का सहारा लेते हुए अंडरपास को सफलतापूर्वक तैयार करा लिया। इससे पहले यहां सर्विस रोड को बंद किया गया था, जिसे बाद में खोल दिया गया। इससे भी लोगों को राहत मिली।
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- 46.86 करोड़ की लागत से हुआ तैयार
नोएडा। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के 10.3 किमी पर निर्मित एडवंट अंडरपास का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया। इसके खुलने से एक्सप्रेसवे के दोनों किनारे के दर्जनों सेक्टरों व गांवों के निवासियों को राहत मिली। अंडरपास से एक्सप्रेसवे के नीचे से दोनों ओर आने-जाने में वाहनों को सुविधा होगी। 11 जून 2020 को इस अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। चार लेन के इस अंडरपास के निर्माण का मकसद वैसे लोगों को राहत दिलाना था, जो कि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर से या तो ऊपर चढ़ना चाहते थे या फिर दूसरे साइड में जाना चाहते थे। इसकी डेडलाइन 31 अगस्त 2022 तय की गई थी। लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद इसकी डेडलाइन बढ़ाई गई और यह अब बनकर तैयार हुआ।
इनको मिलेगा फायदा
इस अंडरपास के निर्माण से सेक्टर-135, 136, 137, 141, 142, 167 व 168 के बीच के निवासियों के साथ-साथ इस क्षेत्र के आसपास के गांवों गढ़ी शाहदरा, वाजिदपुर, मंगरौली, छपरौली आदि के ग्रामीणों को भी आवागमन में काफी सुविधा प्राप्त होगी। यह नहीं एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ स्थित सेक्टरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
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बॉक्स पुशिंग तकनीक का किया गया प्रयोग
अंडरपास को बनाने में बॉक्स पुशिंग तकनीक का प्रयोग किया गया। इसमें पहले से ही सीमेंट का ढांचा तैयार करने के बाद इसे धकेलकर नियत स्थान पर लगाया जाता है। इस वजह से एक्सप्रेसवे की सड़क धंसने की बात भी सामने आई। बाद में डीजीएम श्रीपाल भाटी ने तकनीकी एजेंसियों का सहारा लेते हुए अंडरपास को सफलतापूर्वक तैयार करा लिया। इससे पहले यहां सर्विस रोड को बंद किया गया था, जिसे बाद में खोल दिया गया। इससे भी लोगों को राहत मिली।
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