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10 साल के मासूम की निशुल्क सर्जरी कर बंद किया दिल का छेद
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10 साल के मासूम की निशुल्क सर्जरी कर बंद किया दिल का छेद
ग्रेटर नोएडा। कोविड-19 के बीच गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग ने सहारनपुर में रहने वाले एक बच्चे के दिल की निशुल्क सर्जरी कराई है। उसके दिल में छेद था और कोरोना संक्रमण के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था। ऐसे में विभाग ने निजी अस्पताल में उसका ऑपरेशन कराया है। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और उसको छुट्टी दे दी गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग आठ और बच्चों का ऑपरेशन कराने जा रहा है, ताकि उनके चेहरे पर मुस्कान आ सके। ये बच्चे अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। इसके लिए विभाग अस्पतालों से संपर्क कर रहा है।
डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) की मैनेजर रचना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सहारनपुर से 10 साल का बच्चे को ऑपरेशन के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास भेजा गया था। उसके दिल में छेद था। इसकी वजह से वह जल्दी थक जाता था और हमेशा कमजोरी महसूस करता था। बच्चे को पहले जिला अस्पताल में बने डीईआईसी सेंटर भेजा गया। वहां उसकी जांच की गई। वैसे तो दिल में छेद का ऑपरेशन चाइल्ड पीजीआई में कराया जाता है। इसका पूरा खर्च स्वास्थ्य विभाग उठाता है, लेकिन चाइल्ड पीजीआई के कोविड अस्पताल होने की वजह से वहां ऑपरेशन कराना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में अपोलो अस्पताल में संपर्क किया गया। वहां पर उसका ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन का खर्च करीब 3 से चार लाख आता है, लेकिन परिवार वालों से कोई शुल्क नहीं लिया गया है। कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत बच्चे का ऑपरेशन किया गया है।
जन्मजात बीमारियों हो सकेगा उपचार
बच्चे के दिल में छेद या अन्य जन्मजात बीमारी है तो स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इलाज कराया जाता है, लेकिन इसके लिए बीपीएल कार्ड होना जरूरी है। सबसे पहले जिला अस्पताल में बने डीईआईसी सेंटर में जाना होगा। यहां पर बच्चे की जांच की जाएगी, इसके बाद सेंटर की तरफ से अस्पताल में रेफर किया जाएगा, जहां पर निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। वैसे तो स्वास्थ्य विभाग ने दिल के ऑपरेशन के लिए चाइल्ड पीजीआई से अनुबंध किया हुआ है, लेकिन इन दिनों कोरोना के कारण चाइल्ड पीजीआई में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवा रहे हैं। योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग 28 लोगों के दिल के छेद का ऑपरेशन करा चुका है।
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ग्रेटर नोएडा। कोविड-19 के बीच गौतमबुद्ध नगर स्वास्थ्य विभाग ने सहारनपुर में रहने वाले एक बच्चे के दिल की निशुल्क सर्जरी कराई है। उसके दिल में छेद था और कोरोना संक्रमण के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था। ऐसे में विभाग ने निजी अस्पताल में उसका ऑपरेशन कराया है। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और उसको छुट्टी दे दी गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग आठ और बच्चों का ऑपरेशन कराने जा रहा है, ताकि उनके चेहरे पर मुस्कान आ सके। ये बच्चे अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। इसके लिए विभाग अस्पतालों से संपर्क कर रहा है।
डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) की मैनेजर रचना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सहारनपुर से 10 साल का बच्चे को ऑपरेशन के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास भेजा गया था। उसके दिल में छेद था। इसकी वजह से वह जल्दी थक जाता था और हमेशा कमजोरी महसूस करता था। बच्चे को पहले जिला अस्पताल में बने डीईआईसी सेंटर भेजा गया। वहां उसकी जांच की गई। वैसे तो दिल में छेद का ऑपरेशन चाइल्ड पीजीआई में कराया जाता है। इसका पूरा खर्च स्वास्थ्य विभाग उठाता है, लेकिन चाइल्ड पीजीआई के कोविड अस्पताल होने की वजह से वहां ऑपरेशन कराना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में अपोलो अस्पताल में संपर्क किया गया। वहां पर उसका ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन का खर्च करीब 3 से चार लाख आता है, लेकिन परिवार वालों से कोई शुल्क नहीं लिया गया है। कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत बच्चे का ऑपरेशन किया गया है।
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जन्मजात बीमारियों हो सकेगा उपचार
बच्चे के दिल में छेद या अन्य जन्मजात बीमारी है तो स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इलाज कराया जाता है, लेकिन इसके लिए बीपीएल कार्ड होना जरूरी है। सबसे पहले जिला अस्पताल में बने डीईआईसी सेंटर में जाना होगा। यहां पर बच्चे की जांच की जाएगी, इसके बाद सेंटर की तरफ से अस्पताल में रेफर किया जाएगा, जहां पर निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। वैसे तो स्वास्थ्य विभाग ने दिल के ऑपरेशन के लिए चाइल्ड पीजीआई से अनुबंध किया हुआ है, लेकिन इन दिनों कोरोना के कारण चाइल्ड पीजीआई में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवा रहे हैं। योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग 28 लोगों के दिल के छेद का ऑपरेशन करा चुका है।
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