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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Do not consider the Moto GP track as an expressway, drive within the speed limit.

संशोधित:::: एक्सप्रेसवे को न समझें मोटो जीपी का ट्रैक, स्पीड लिमिट में चलें

Wed, 13 Sep 2023 12:24 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 13 Sep 2023 12:24 AM IST
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Do not consider the Moto GP track as an expressway, drive within the speed limit.
- यमुना एक्सप्रेसवे पर रोजाना 1500 वाहन दौड़ते हैं ओवर स्पीड
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- तीन माह में 15000 चालान हुए, 100 किमी प्रति घंटा की है लिमिट
संदीप वर्मा
ग्रेटर नोएडा। देश में पहली बार बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) पर होने जा रही भारत मोटो जीपी का खुमार लोगों के सिर चढ़कर बाेल रहा है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि यमुना एक्सप्रेसवे को भी जीपी का ट्रैक समझा जाए। यहां 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार की सीमा को रोजाना 1500 सेे ज्यादा वाहन चालक तोड़ रहे हैं। तीन माह में ही इस तरह के 15 हजार से ज्यादा वाहनों के चालान हो चुके हैं। यातायात पुलिस का साफ कहना है कि एक्सप्रेसवे सहित शहर की सभी सड़कों पर वाहन स्पीड लिमिट में ही चलाएं।
मोटी जीपी रेस में 22 बाइकर्स एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए हवा से बात करेंगे। हालांकि वह उस वक्त पूरी तरह से सुरक्षा उपकरणों से लैस होंगे। वहीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर बाइकर्स और कार चालक बिना सुरक्षा के ही जान हथेली पर रखते हैं। देखने में आया है कि यहां बाइकर्स के समूह भी प्रत्येक वीकेंड पर अनाधिकृत रूप से रेसिंग करते हैं। 500 सीसी से लेकर 1000 सीसी की सुपर बाइकों से युवा दोनों एक्सप्रेस-वे पर 200 से 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ते हैं। कई बार कमिश्नरेट पुलिस इनके खिलाफ अभियान चलाकर चालान कर चुकी है। हालांकि इस तरह के मामलों में कमी नहीं आई। यमुना एक्सप्रेस-वे पर ओवर स्पीड में मई में ट्रैफिक पुलिस ने हाई रेजुलेशन कैमरों की मदद से 9318 चालान किए। वहीं जून में 4187 और जुलाई में चालान किए गए।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर ओवर स्पीड के चालान
09-सितंबर-2023 को 1446

10-सितंबर-2023 को 1578
11-सितंबर-2023 को 1523
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मोटो जीपी के राइडर के पास होती हैं यह सुविधाएं
1. हेलमेट: कार्बन फाइबर से बना हेलमेट खास तरह से कस्टमाइज किया जाता है, जिससे सुरक्षा के साथ हवा का प्रेशर भी नियंत्रित रहे।
2. आर्मर: राइडर के सूट को आर्मर छोटे-छोटे टुकड़ों में सुरक्षित रखता है। यह बेहद हल्के होते हैं। ऐसे डिजाइन किए जाते हैं कि तेज रफ्तार में गिरने पर राइडर की अधिक से अधिक सुरक्षा हो।

3. एयर बैग- राइडर का सूट एक एयरबैग की तरह होता है। तेज रफ्तार में गिरने पर यह गंभीर चोटों से राइडर को बचाता है। विशेषकर सीने, पैर और बाहों को अधिक सुरक्षा देता है।
4. नी-साइडर्स एंड एल्बो पैड-आर्मर की तरह राइडर की सुरक्षा में नी-साइडर्स एंड एल्बो पैड की भी बड़ी भूमिका रहती है। इसके अलावा राइडर्स के दस्ताने उसे गिरने और रगड़ने के दौरान सुरक्षा देते हैं।
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हादसे में डेढ़ लाख लाेग गंवाते हैं जान
हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने बताया कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर साल करीब डेढ़ लाख लोगों की जान जाती है। इनमें प्रतिदिन 1123 हादसों में 422 लोग जान गंवाते हैं। प्रति घंटा यह आंकड़ा 47 हादसों में 18 मौत का है। उन्होंने लोगों को यातायात नियमों के पालन की सलाह दी।
वर्जन...........
यमुना एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर हाई स्पीड कैचर कैमरे लगे हैं। इनमें रोजाना करीब 1500 वाहन चालक ओवर स्पीड करते पाए जा रहे हैं।
रिटायर्ड कर्नल संदीप शर्मा, महाप्रबंधक, यमुना एक्सप्रेसवे
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