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हाईकोर्ट में वसूली का ब्योरा पेश करने पर डीएम को मिली सराहना
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ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत होकर एक याचिका पर अपना पक्ष रखा। वहीं, उत्तर प्रदेश भूसंपदा प्राधिकरण (यूपी रेरा) के रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। हाईकोर्ट को बताया कि प्रशासन अब तक 1.75 अरब की आरसी का निस्तारण कर चुका है। साथ ही 307.32 करोड़ की संपत्ति और 107 बैंक खातों को कुर्क किया जा चुका है। जवाब दाखिल होने पर हाईकोर्ट ने उनकी कार्रवाई की सराहना की है। सुपरटेक बिल्डर की खरीदार प्रिया कपाही ने यूपी रेरा की आरसी पर कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम को तलब किया था। सोमवार को जिलाधिकारी कार्रवाई का ब्योरा लेकर हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट को बताया कि प्रशासन अब तक 386 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुका है।
इनमें 307.32 करोड़ की संपत्ति यूपी रेरा की आरसी पर कुर्क की है। इसमें 44 बिल्डरों की 309 संपत्तियां हैं। वहीं 141 बैंक खातों को कुर्क किया गया है। इनमें 107 बैंक खाते यूपी रेरा की आरसी पर कुर्क किए गए हैं। यूपी रेरा की आरसी पर करीब 50 करोड़ की वसूली भी की जा चुकी है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि हाईकोर्ट ने वसूली का रिपोर्ट कार्ड सुनकर जिला प्रशासन की सराहना की है। डीएम ने हाईकोर्ट में बताया कि कोरोना के कारण मार्च, 2020 से जनवरी 2021 के बीच वसूली पर रोक लगा दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 17 अगस्त तक सख्ती नहीं करने का आदेश दिया था। कुर्क संपत्ति नीलाम नहीं हो पा रही है। इसकी ई-नीलामी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
84 लाख की है याचिकाकर्ता की आरसी
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली खरीदार प्रिया कपाही की शिकायत पर यूपी रेरा ने वर्ष 2018 में 84 लाख रुपये की आरसी जारी की थी। अब तक इस पर वसूली नहीं हो सकी है। प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि सुपरटेक के खिलाफ कुल 1.06 अरब की आरसी है। इन पर बिल्डर की 1.61 अरब की संपत्ति को कुर्क की जा चुकी है। अफसरों ने बताया कि बिल्डर यूपी रेरा की ब्याज दर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया हुआ है। वहां याचिका अभी विचाराधीन है। खरीदार प्रिया कपाही ने पांच लाख रुपये जमा किए थे, जो 84 लाख बन गए। इसी कारण सुपरटेक आरसी पर पैसा नहीं दे रहा है।
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इनमें 307.32 करोड़ की संपत्ति यूपी रेरा की आरसी पर कुर्क की है। इसमें 44 बिल्डरों की 309 संपत्तियां हैं। वहीं 141 बैंक खातों को कुर्क किया गया है। इनमें 107 बैंक खाते यूपी रेरा की आरसी पर कुर्क किए गए हैं। यूपी रेरा की आरसी पर करीब 50 करोड़ की वसूली भी की जा चुकी है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि हाईकोर्ट ने वसूली का रिपोर्ट कार्ड सुनकर जिला प्रशासन की सराहना की है। डीएम ने हाईकोर्ट में बताया कि कोरोना के कारण मार्च, 2020 से जनवरी 2021 के बीच वसूली पर रोक लगा दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 17 अगस्त तक सख्ती नहीं करने का आदेश दिया था। कुर्क संपत्ति नीलाम नहीं हो पा रही है। इसकी ई-नीलामी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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84 लाख की है याचिकाकर्ता की आरसी
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली खरीदार प्रिया कपाही की शिकायत पर यूपी रेरा ने वर्ष 2018 में 84 लाख रुपये की आरसी जारी की थी। अब तक इस पर वसूली नहीं हो सकी है। प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि सुपरटेक के खिलाफ कुल 1.06 अरब की आरसी है। इन पर बिल्डर की 1.61 अरब की संपत्ति को कुर्क की जा चुकी है। अफसरों ने बताया कि बिल्डर यूपी रेरा की ब्याज दर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया हुआ है। वहां याचिका अभी विचाराधीन है। खरीदार प्रिया कपाही ने पांच लाख रुपये जमा किए थे, जो 84 लाख बन गए। इसी कारण सुपरटेक आरसी पर पैसा नहीं दे रहा है।
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