फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   DM and CEO of Noida-Greno summoned in NGT

Noida News: गाजियाबाद के ध्यानार्थ - डीएम और नोएडा-ग्रेनो के सीईओ एनजीटी में तलब

Wed, 08 Nov 2023 01:32 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 08 Nov 2023 01:32 AM IST
विज्ञापन
DM and CEO of Noida-Greno summoned in NGT
डीएम और नोएडा-ग्रेनो के सीईओ एनजीटी में तलब
विज्ञापन


- नोएडा में कंक्रीटीकरण मामले में तीनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया
- एक और मामले में डीएम को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश
- 2016 में नोटिफिकेशन के बाद भी अब तक यमुना और हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र को चिह्नित नहीं करा पाया प्रशासन


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के कंक्रीटीकरण और इससे भूगर्भ जल रिचार्ज नहीं हो पाने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जिलाधिकारी और नोएडा-ग्रेनो के सीईओ को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश किया है। इसके अलावा यमुना और हिंडन नदी के बाढ़ क्षेत्र को चिह्नांकन नहीं कराने पर एक और मामले में भी ट्रिब्यूनल में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के डीएम को व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ सकता है। वहीं, 93 गांवों में खुले में सीवर बहना रोकने के लिए छह सप्ताह में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने या व्यक्तिगत रूप से पेश होने की चेतावनी ग्रेनो के सीईओ ग्रेटर को एनजीटी ने दी है।
विक्रांत तोंगड की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी के सदस्य जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने डीएम मनीष वर्मा, सीईओ ग्रेनो एनजी रवि कुमार और सीईओ नोएडा लोकेश एम. को पेश होने के लिए आदेश किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि 2018 में सरकार के आदेश का उल्लंघन कर सड़क किनारे और पेड़ों के आसपास पक्का किया जा रहा है। इसका असर भूगर्भ जल के स्तर पर भी पड़ रहा है। ऐसे में एनजीटी ने पिछले साल से इस काम पर रोक भी लगाई हुई है।
विज्ञापन

वहीं, अधिकारियों का कहना है कि यूपीपीसीबी के 2020 में आए निर्देशों के अनुपालन में ही इंटरलॉकिंग टाइल्स का उपयोग किया जा रहा है। इस मामले में नियमों को स्पष्ट करने के लिए जहां सीपीसीबी को सुनवाई में शामिल किया गया है। उधर, सचिव वन एवं पर्यावरण, केंद्र सरकार के प्रतिनिधि को भी सुनवाई में मौजूद रहने को कहा गया है। मामले में सुनवाई 22 फरवरी 2024 होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


---
सात साल में बाढ़ क्षेत्र ही चिह्नित नहीं हो पाया
एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, सदस्य जस्टिस सुधीर अग्रवाल, डॉ. ए सेंथिल वेल ने आदेश कर हिंडन और यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र का चिह्नांकन नहीं हो पाने पर जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है। एनजीटी के आदेश के मुताबिक, 2016 में बाढ़ क्षेत्र चिह्नांकन के लिए नोटिफिकेशन हो चुका है। इसका उद्देश्य बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण होने से रोकना था। इसके बाद भी अब तक यह कार्रवाई नहीं हो सकी है। डीएम की तरफ से बांध और नदी के बीच के एरिया को बाढ़ क्षेत्र बताने वाली रिपोर्ट को भी मानने से मना कर दिया। एनजीटी ने कहा है कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद दोनों के डीएम 2016 के नोटिफिकेशन के अनुपालन में हुए चिह्नांकन की रिपोर्ट दें। दो महीने में यह रिपोर्ट नहीं दे पाने पर अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। एनजीटी 16 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेगा।


---

छह सप्ताह में कार्रवाई, नहीं तो सीईओ ग्रेनो खुद पेश हों
93 गांवों में खुले में सीवर बहाने के मामले में एनजीटी ने नाराजगी ग्रेनो प्राधिकरण पर जताई है। एनजीटी में दायर याचिका के मुताबिक खुले में नाले और अंदरूनी सड़कों पर सीवर बहाया जा रहा है। इस याचिका की सुनवाई के बाद एनजीटी ने आठ अगस्त 2023 को ग्रेनो प्राधिकरण को तीन महीने में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश किया। इससे पहले चार जनवरी 2022 और तीन अगस्त 2022 को भी प्राधिकरण को इस पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए थे। किसी भी सुनवाई में ग्रेनो प्राधिकरण की तरफ से कोई अधिकारी शामिल भी नहीं हुआ। प्राधिकरण की तरफ से तीन नवंबर को हुई सुनवाई में फिर अब छह सप्ताह का समय मांगा गया है। एनजीटी का कहना है कि प्राधिकरण अगर छह सप्ताह में पूर्व के आदेश का अनुपालन नहीं कर सका। ऐसे में खुद सीईओ ग्रेनो प्राधिकरण को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। अगली सुनवाई एनजीटी 18 जनवरी 2024 को करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed