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Noida News: जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निलंबित
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गाजियाबाद। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल मदरसा शिक्षक को अवैध रूप से जीपीएफ और पेंशन देने के आरोप में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को राज्यपाल के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है। गाजियाबाद के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निषक सिंह उस समय आजमगढ़ में तैनात थे। एटीएस की जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जुलाई में गाजियाबाद में तैनात हुए थे। इससे पहले वह मऊ में कार्यरत थे।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि निलंबन का आदेश शनिवार को मिला है। स्थानीय स्तर पर किसी अन्य अधिकारी को चार्ज देने की कार्रवाई की जा रही है। शासन के पत्र के अनुसार 2017 में आजमगढ़ में तैनाती के दौरान उन्होंने तात्कालिक मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान को जीपीएफ पेंशन और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति संबंधी पत्रावली अग्रसारित किए जाने में शिथिलता बरतने और 2017 जुलाई का अनियमित वेतन भुगतान कर शासकीय धन की क्षति करने के आरोप में निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान वह लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
शासन के भेजे पत्र के अनुसार आजमगढ़ स्थित मदरसा दारूल उलूम अहिले सुन्नत मदरसा में तैनात तात्कालिक मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान ने साल 2013 में भारतीय नागरिकता का त्याग कर ब्रिटिश नागरिकता ली थी। उसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने उन्हें 2017 तक अनियमित रूप से वेतन दिया। अनियमित चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराए, उसके बाद स्वैच्छिक सेवानिवृति के बाद भी सभी सेवानिवृत्ति का लाभ लिया, जिसमें जीपीएफ, पेंशन शामिल हैं। इन शिकायतों की जांच के बाद शमशुल से 16,59,555 की धनराशि की रिकवरी के आदेश दिए गए। इस आदेश के बाद मदरसा शिक्षक ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। बाद में यह याचिका निरस्त हो गई और कमेटी ने पूरे प्रकरण की जांच कराई।
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जांच में यह पाया गया कि अवैध रूप से पेंशन जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मदरसा शिक्षक की तैनाती के दौरान आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, श्रीलंका और खाड़ी देशों से दो से तीन बार पाकिस्तान की यात्रा संबंधी शिकायत की जांच एटीएस ने की। इसकी जांच मई 2025 में वाराणसी एसटीएफ ने जांच की, जिसमें शमशुल पर लगाए गए आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद शासन ने चार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। जिसमें गाजियाबाद के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी शामिल हैं।
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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि निलंबन का आदेश शनिवार को मिला है। स्थानीय स्तर पर किसी अन्य अधिकारी को चार्ज देने की कार्रवाई की जा रही है। शासन के पत्र के अनुसार 2017 में आजमगढ़ में तैनाती के दौरान उन्होंने तात्कालिक मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान को जीपीएफ पेंशन और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति संबंधी पत्रावली अग्रसारित किए जाने में शिथिलता बरतने और 2017 जुलाई का अनियमित वेतन भुगतान कर शासकीय धन की क्षति करने के आरोप में निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान वह लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
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शासन के भेजे पत्र के अनुसार आजमगढ़ स्थित मदरसा दारूल उलूम अहिले सुन्नत मदरसा में तैनात तात्कालिक मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान ने साल 2013 में भारतीय नागरिकता का त्याग कर ब्रिटिश नागरिकता ली थी। उसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने उन्हें 2017 तक अनियमित रूप से वेतन दिया। अनियमित चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराए, उसके बाद स्वैच्छिक सेवानिवृति के बाद भी सभी सेवानिवृत्ति का लाभ लिया, जिसमें जीपीएफ, पेंशन शामिल हैं। इन शिकायतों की जांच के बाद शमशुल से 16,59,555 की धनराशि की रिकवरी के आदेश दिए गए। इस आदेश के बाद मदरसा शिक्षक ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। बाद में यह याचिका निरस्त हो गई और कमेटी ने पूरे प्रकरण की जांच कराई।
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जांच में यह पाया गया कि अवैध रूप से पेंशन जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मदरसा शिक्षक की तैनाती के दौरान आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, श्रीलंका और खाड़ी देशों से दो से तीन बार पाकिस्तान की यात्रा संबंधी शिकायत की जांच एटीएस ने की। इसकी जांच मई 2025 में वाराणसी एसटीएफ ने जांच की, जिसमें शमशुल पर लगाए गए आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद शासन ने चार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। जिसमें गाजियाबाद के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी शामिल हैं।