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फ्लैट के नाम पर धोखाधड़ी में इरमया डेवलपर्स का निदेशक गिरफ्तार

Thu, 16 Dec 2021 12:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:33 AM IST
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Director of Irmaya Developers arrested for cheating in the name of flat
आरोपी विक्रम सरीन। - फोटो : Ashram
नई दिल्ली। द्वारका जिले में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जमीन लेकर सीजीएचएस सोसाइटी बनाने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में पुलिस ने इरमया डेवलपर्स के फाउंडर डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विकासपुरी निवासी विक्रम सरीन (40) के रूप में हुई है। द्वारका नॉर्थ थाने में दो अलग-अलग एफआईआर में 12 लोगों ने कंपनी पर 2.60 करोड़ की ठगी के आरोप लगाए हैं। बाद में मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई। ईओडब्ल्यू ने छानबीन के बाद मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने डीडीए से जमीन नहीं ली थी।
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पुलिस के मुताबिक बीटेक और एमबीए पास विक्रम ने 2014 में डीडीए के पूर्व कर्मचारी ओमप्रकाश ढकोलिया के साथ मिलकर इरमया डेवलपर्स नाम से कंपनी बनाई थी। इसी 13 नवंबर को ओमप्रकाश की बीमारी के बाद मौत हो गई। आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि 2 मई 2019 को देशराज यादव और 10 अन्य लोगों ने इरमया डेवलपर्स पर ठगी के आरोप लगाए थे। द्वारका नॉर्थ थाने में इस संबंध में मामला दर्ज हुआ। इसके बाद 5 सितंबर 2019 को शिशिर शर्मा ने द्वारका नॉर्थ थाने में एफआईआर दर्ज कराकर फ्लैट के नाम पर ठगी के आरोप लगाए थे। दोनों एफआईआर में शिकायतकर्ताओं ने बताया था कि इरमया डवलपर्स ने दावा किया था कि उनको डीडीए से सीजीएचएस सोसाइटी डेवलप करने के नामक पर जमीन आवंटित हुई है। जिस पर वह सोसाइटी बनाएंगे।
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सोसाइटी फ्लैट के नाम पर लोगों ने किया निवेश
लोगों ने सोसाइटी में फ्लैट लेने के नाम पर इरमाया डेवलपर्स की स्कीम ने निवेश कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में 12 पीड़ितों ने कुल 2.60 करोड़ रुपये निवेश करने की बात कही है। बाद में पीड़ितों को पता चला कि न तो सेक्टर-6 और न ही सेक्टर-14 में कोई सोसाइटी बन रही है। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज छानबीन शुरू की। छानबीन के बाद आगे की जांच का जिम्मा आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया।
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निजी बैंक में ऊंचे पद की नौकरी छोड़ शुरू की थी कंपनी
पुलिस पूछताछ में विक्रम ने बताया कि उसके पिता आर्मी ऑफिसर थे। बीटेक और एमबीए करने के नाम निजी बैंक में वर्ष 2011 में ऊंचे पद पर नौकरी शुरू की। वर्ष 2014 में उसने नौकरी छोड़कर खुद की बिल्डर कंपनी इरमया डेवलपर्स खोल ली। इसके बाद उसने ओमप्रकाश के साथ मिलकर ठगी शुरू कर दी।
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