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Noida News: 42 तोला सोना, ढाई लाख नकदी की चोरी में कोर्ट के आदेश पर दर्ज होगा केस
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना ईकोटेक-प्रथम क्षेत्र के गांव लुक्सर निवासी सुखबीर के घर में हुई चोरी के मामले में पुलिस की निष्क्रियता के बाद पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अदालत ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए थानाध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कराने का आदेश दिया है।
प्रार्थी सुखबीर ने न्यायालय में बताया कि कुछ समय से वह परिवार सहित गांव से बाहर था। उसका मकान बंद पड़ा था। 12 अगस्त 2026 को जब वह घर लौटा तो देखा कि मुख्य द्वार सहित घर के सभी ताले टूटे हुए थे और सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। अज्ञात चोरों ने अलमारियों, संदूकों और अन्य सामान में तोड़फोड़ कर करीब 42 तोला सोने के आभूषण, डेढ़ किलोग्राम चांदी के आभूषण, 2 लाख 70 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, गैस सिलिंडर, एलसीडी और महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। पुलिस से शिकायत के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही घटना की प्राथमिकी दर्ज की गई तो मजबूर होकर प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय ने थाने से मांगी गई आख्या के आधार पर पाया कि मामले में प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसके आधार पर प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना ईकोटेक-प्रथम क्षेत्र के गांव लुक्सर निवासी सुखबीर के घर में हुई चोरी के मामले में पुलिस की निष्क्रियता के बाद पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अदालत ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए थानाध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कराने का आदेश दिया है।
प्रार्थी सुखबीर ने न्यायालय में बताया कि कुछ समय से वह परिवार सहित गांव से बाहर था। उसका मकान बंद पड़ा था। 12 अगस्त 2026 को जब वह घर लौटा तो देखा कि मुख्य द्वार सहित घर के सभी ताले टूटे हुए थे और सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। अज्ञात चोरों ने अलमारियों, संदूकों और अन्य सामान में तोड़फोड़ कर करीब 42 तोला सोने के आभूषण, डेढ़ किलोग्राम चांदी के आभूषण, 2 लाख 70 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, गैस सिलिंडर, एलसीडी और महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। पुलिस से शिकायत के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही घटना की प्राथमिकी दर्ज की गई तो मजबूर होकर प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली।
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न्यायालय ने थाने से मांगी गई आख्या के आधार पर पाया कि मामले में प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। इसके आधार पर प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
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