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Noida News: हनी ट्रैप में फंसाकर 70 लाख के पुश्तैनी गहने हड़पने का आरोप
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-बीटा-2 थाना पुलिस को मामला दर्ज कर एक सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सिविल जज की अदालत ने हनी ट्रैप और करीब 70 लाख रुपये के पुश्तैनी गहने हड़पने के मामले में बीटा-2 थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनते हुए पाया और एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई से अदालत को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसका विवाह 29 अप्रैल 2025 को एक युवती से हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद पत्नी का व्यवहार सामान्य नहीं रहा और वह अधिकतर समय अपने कमरे में रहती थी तथा परिवार से बातचीत नहीं करती थी। अगस्त 2025 में परीक्षा का बहाना बनाकर महिला अपने पिता और भाई के साथ मायके चली गई। आरोप है कि जाते समय वह प्रार्थी के परिवार की ओर से दिए गए लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के पुश्तैनी आभूषण, वस्त्र और अन्य सामान भी साथ ले गई। इसके बाद कई बार संपर्क करने और सामान वापस मांगने के बावजूद उसे वापस नहीं किया गया। प्रार्थी का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष झूठे दहेज के मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दे रहा है।
पीड़ित ने पुलिस से शिकायत करने का दावा किया, लेकिन मामला दर्ज नहीं होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रार्थना पत्र और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया हनी ट्रैप से संबंधित संज्ञेय अपराध का मामला प्रतीत होता है। अधिवक्ता संतोष बंसल ने बताया कि इसी आधार पर बीटा-2 थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सिविल जज की अदालत ने हनी ट्रैप और करीब 70 लाख रुपये के पुश्तैनी गहने हड़पने के मामले में बीटा-2 थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनते हुए पाया और एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई से अदालत को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसका विवाह 29 अप्रैल 2025 को एक युवती से हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद पत्नी का व्यवहार सामान्य नहीं रहा और वह अधिकतर समय अपने कमरे में रहती थी तथा परिवार से बातचीत नहीं करती थी। अगस्त 2025 में परीक्षा का बहाना बनाकर महिला अपने पिता और भाई के साथ मायके चली गई। आरोप है कि जाते समय वह प्रार्थी के परिवार की ओर से दिए गए लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के पुश्तैनी आभूषण, वस्त्र और अन्य सामान भी साथ ले गई। इसके बाद कई बार संपर्क करने और सामान वापस मांगने के बावजूद उसे वापस नहीं किया गया। प्रार्थी का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष झूठे दहेज के मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दे रहा है।
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पीड़ित ने पुलिस से शिकायत करने का दावा किया, लेकिन मामला दर्ज नहीं होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रार्थना पत्र और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया हनी ट्रैप से संबंधित संज्ञेय अपराध का मामला प्रतीत होता है। अधिवक्ता संतोष बंसल ने बताया कि इसी आधार पर बीटा-2 थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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