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Noida News: पेटीएम पेमेंट्स बैंक से 1.15 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
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(अदालत से)
- विवेचना में सहयोग न करने वाले आरोपी को राहत का आधार नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। साइबर क्राइम थाने में दर्ज पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी आशिक अनवर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। शिकायतकर्ता पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार कुल 136 आरोपियों ने मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत कंपनी के नोडल खाते से धनराशि निकालने की योजना बनाई। सभी आरोपियों ने अपने-अपने पेटीएम वॉलेट में लेन-देन की सीमा तय की और उसके बाद अमेजॉन पर लेन-देन शुरू कर वॉलेट से राशि डेबिट कराने का अनुरोध किया। वॉलेट स्तर पर लेन-देन अस्वीकृत होने के बावजूद संबंधित राशि पेटीएम के नोडल खाते से डेबिट होती रही।
28 दिसंबर 2023 से 4 जनवरी 2024 के बीच कुल 1,485 धोखाधड़ीपूर्ण लेन-देन कर 1,15,76,651 रुपये की ठगी की गई, जिसमें लगभग 99.8 प्रतिशत लेन-देन केवल 3 और 4 जनवरी को अंजाम दिए गए। आरोपी आशिक अनवर के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि उनका मुवक्किल बिहार का 22 वर्षीय निवासी है। जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी ने छल के इरादे से जानबूझकर धनराशि हड़पी और विवेचना में सहयोग नहीं किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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- विवेचना में सहयोग न करने वाले आरोपी को राहत का आधार नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। साइबर क्राइम थाने में दर्ज पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी आशिक अनवर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। शिकायतकर्ता पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार कुल 136 आरोपियों ने मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत कंपनी के नोडल खाते से धनराशि निकालने की योजना बनाई। सभी आरोपियों ने अपने-अपने पेटीएम वॉलेट में लेन-देन की सीमा तय की और उसके बाद अमेजॉन पर लेन-देन शुरू कर वॉलेट से राशि डेबिट कराने का अनुरोध किया। वॉलेट स्तर पर लेन-देन अस्वीकृत होने के बावजूद संबंधित राशि पेटीएम के नोडल खाते से डेबिट होती रही।
28 दिसंबर 2023 से 4 जनवरी 2024 के बीच कुल 1,485 धोखाधड़ीपूर्ण लेन-देन कर 1,15,76,651 रुपये की ठगी की गई, जिसमें लगभग 99.8 प्रतिशत लेन-देन केवल 3 और 4 जनवरी को अंजाम दिए गए। आरोपी आशिक अनवर के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि उनका मुवक्किल बिहार का 22 वर्षीय निवासी है। जिसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी ने छल के इरादे से जानबूझकर धनराशि हड़पी और विवेचना में सहयोग नहीं किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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