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Noida News: बढ़ती आबादी के आगे बरौला की 35 साल पुरानी व्यवस्था चरमराई

Tue, 14 Jul 2026 09:05 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 09:05 PM IST
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नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद
परिचर्चा : जाम पड़ी सीवर लाइनें उफना रहीं हैं, जलभराव से स्कूली बच्चों की पढ़ाई छूटी
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-जलभराव और गंदगी ऐसी, प्राथमिक विद्यालय से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक जाना मुश्किल

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कभी बुलंदशहर का हिस्सा रहने वाला सिर्फ दो-तीन हजार आबादी वाला बरौला गांव वर्तमान में घनी आबादी में तब्दील हो चुका है। सिर्फ 10-15 हजार की आबादी के लिए प्राधिकरण की ओर से बनाई गई जल निकासी, सीवर और जलापूर्ति की व्यवस्था बढ़ती आबादी के आगे हांफ रही हैं। ऐसे में बरौला गांव के निवासियों का रहना मुश्किल हो गया है।

सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव के निवासियों ने अमर उजाला की ओर से आयोजित परिचर्चा में बरौला गांव की समस्याएं रखीं। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गांव में करीब 35 साल पहले करीब 10-15 हजार निवासियों के आधार पर आधे गांव में सीवर लाइन, पानी की लाइनें डाली गई थीं। तब जल निकासी के लिए नालियां भी बनाई गई थीं। लेकिन वर्तमान में बरौला गांव की आबादी करीब 50 हजार से ज्यादा पार कर चुकी है। 35 हजार से ज्यादा यहां वोटर रहते हैं। बावजूद इसके यहां सुविधाएं पुरानी ही हैं, जो वर्तमान आबादी के लिए नाकाफी हैं। यही कारण है कि हर गली मोहल्ले में सीवर का पानी अक्सर भरा रहता है। पैदल गुजरना तो दूर, दोपहिया वाहन अक्सर फिसलकर गिरते हैं। गांव में एक सामुदायिक केंद्र, उसी से सटकर बारात घर और प्राथमिक विद्यालय बना हुआ है। लेकिन गांव की अधिकतर गलियों में ऐसा जलभराव है कि छात्र छात्राएं स्कूल नहीं जा पाते।
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बरौला में बीते तीन दशक में दोगुना रफ्तार से आबादी बढ़ी है, इसीलिए 35 साल पुरानी सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है।
-बीसी प्रधान
गांव में पानी के प्रेशर को बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने करोड़ों रुपये की मशीन लगाई थी, जो आज तक चालू नहीं हो सकी।
-हरेंद्र सिंह
स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी स्कूल के आसपास इतनी दुर्गंध आती है कि वहां कोई पांच मिनट भी नहीं खड़ा हो सकता है।
-धर्म राज बैसोया
हमारे साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है, गांव का मुख्य रास्ता पूरी तरह जलमग्न रहता है, लेकिन सेक्टर में ऐसा नहीं है। -मेहरदीन
हफ्ते में सिर्फ दो तीन बाद कूड़ा गाड़ी आती है, अगर रोजाना कूड़ा गाड़ी आए तो सड़कों से कूड़े के ढेर गायब हो जाएंगे।
-शिव कुमार बैसोया
गांव बढ़ते देख बुढ़ापा आ गया, लेकिन समस्या सुनने न तो प्राधिकरण आया, न ही सांसद-विधायक आए।
-सुखबीर सिंह

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

नोएडा। सेक्टर 49 स्थित बरौला गांव में परिचर्चा करते ग्रामीण। संवाद

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