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Noida News: एकता कपूर व विभु की गिरफ्तारी की मांग
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-लगा है एएलटीटी और उल्लू जैसे अश्लीलता फैलाने वाले प्लेटफार्मों के संचालन का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। डिजिटल प्लेटफार्म पर फैल रही अश्लीलता को रोकने के मकसद से हाल ही में सरकार ने कथित तौर पर अश्लील सामग्री प्रसारित करने वाले 25 ओटीटी प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाया है। इसमें उल्लू और ऑल्ट जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। इसके बाद से एकता कपूर की गिरफ्तारी की मांग भी उठने लगी है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन ने एकता कपूर, विभु अग्रवाल और अन्य प्रतिबंधित ओटीटी मंचों के संचालकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। फाउंडेशन के संस्थापक एवं भारत सरकार के पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर, जेम्स ऑफ बॉलीवुड आंदोलन के संस्थापक संजीव नेवर, वरिष्ठ पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा और हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक डॉ चरुदत्त पिंगळे ने संयुक्त रूप से ऐसे प्लेटफोर्मों पर सभ्यता और संस्कृति को खतरे में डालने के अलावा युवा पीढ़ी को भटकाने का आरोप लगाया है। उदय माहूरकर ने कहा, यह केवल नैतिकता का नहीं, बल्कि एक सभ्यता का संकट है। वहीं सर्वोच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका के सह-याचिकाकर्ता संजीव नेवर ने कहा कि यह लड़ाई केवल कानूनी नहीं बल्कि सांस्कृतिक अस्तित्व की है। ओटीटी मनोरंजन के नाम पर भारतीय युवाओं का नैतिक पतन इस देश की आत्मा पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में समझौता नहीं, सार्वजनिक दंड आवश्यक है।
-अप्रैल में याचिका हुई थी दायर
इसी वर्ष अप्रैल में सर्वोच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका को स्वीकार किया था, जिसे उदय माहूरकर, संजीव नेवर और स्वाति गोयल शर्मा ने दायर किया था। इस याचिका में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, एएलटीटी, उल्लू और मूबी जैसे कई ओटीटी मंचों के साथ-साथ गूगल, मेटा, एप्पल और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे तकनीकी माध्यमों को भी पक्षकार बनाया गया है। इन पर भारतीय अश्लीलता विरोधी कानूनों का उल्लंघन करने और मुख्यधारा के मनोरंजन के नाम पर सॉफ्ट पॉर्न को सामान्य बनाने का आरोप है। इस याचिका के समर्थन में जेम्स ऑफ बॉलीवुड अभियान की तरफ से एक विस्तृत डोजियर प्रस्तुत किया गया था, जिसमें 100 से अधिक आपत्तिजनक दृश्यों का उल्लेख है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। डिजिटल प्लेटफार्म पर फैल रही अश्लीलता को रोकने के मकसद से हाल ही में सरकार ने कथित तौर पर अश्लील सामग्री प्रसारित करने वाले 25 ओटीटी प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाया है। इसमें उल्लू और ऑल्ट जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। इसके बाद से एकता कपूर की गिरफ्तारी की मांग भी उठने लगी है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन ने एकता कपूर, विभु अग्रवाल और अन्य प्रतिबंधित ओटीटी मंचों के संचालकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। फाउंडेशन के संस्थापक एवं भारत सरकार के पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर, जेम्स ऑफ बॉलीवुड आंदोलन के संस्थापक संजीव नेवर, वरिष्ठ पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा और हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक डॉ चरुदत्त पिंगळे ने संयुक्त रूप से ऐसे प्लेटफोर्मों पर सभ्यता और संस्कृति को खतरे में डालने के अलावा युवा पीढ़ी को भटकाने का आरोप लगाया है। उदय माहूरकर ने कहा, यह केवल नैतिकता का नहीं, बल्कि एक सभ्यता का संकट है। वहीं सर्वोच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका के सह-याचिकाकर्ता संजीव नेवर ने कहा कि यह लड़ाई केवल कानूनी नहीं बल्कि सांस्कृतिक अस्तित्व की है। ओटीटी मनोरंजन के नाम पर भारतीय युवाओं का नैतिक पतन इस देश की आत्मा पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में समझौता नहीं, सार्वजनिक दंड आवश्यक है।
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-अप्रैल में याचिका हुई थी दायर
इसी वर्ष अप्रैल में सर्वोच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका को स्वीकार किया था, जिसे उदय माहूरकर, संजीव नेवर और स्वाति गोयल शर्मा ने दायर किया था। इस याचिका में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, एएलटीटी, उल्लू और मूबी जैसे कई ओटीटी मंचों के साथ-साथ गूगल, मेटा, एप्पल और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे तकनीकी माध्यमों को भी पक्षकार बनाया गया है। इन पर भारतीय अश्लीलता विरोधी कानूनों का उल्लंघन करने और मुख्यधारा के मनोरंजन के नाम पर सॉफ्ट पॉर्न को सामान्य बनाने का आरोप है। इस याचिका के समर्थन में जेम्स ऑफ बॉलीवुड अभियान की तरफ से एक विस्तृत डोजियर प्रस्तुत किया गया था, जिसमें 100 से अधिक आपत्तिजनक दृश्यों का उल्लेख है।
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