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Noida News: केंद्रीय विहार सोसाइटी में 80 प्रतिशत फ्लैट मालिकों के वोट देने पर संकट

Sun, 22 Mar 2026 07:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 07:08 PM IST
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Crisis over voting by 80% of flat owners in Kendriya Vihar Society.
केंद्रीय विहार सोसाइटी में 80 प्रतिशत फ्लैट मालिकों के वोट देने पर संकट
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नए सदस्यता नियमों और अवैध मेंटेनेंस वसूली के आरोपों के बीच चुनाव प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय विहार सोसाइटी में एओए चुनाव को लेकर मामला गंभीर होता जा रहा है। निवासियों का आरोप है कि एडहॉक एओए 80 प्रतिशत लोगों से वोट देने का अधिकार छीन रही है। लोकतंत्र में वोट देने का सभी को अधिकार है, उसके बाद भी मनमानी की जा रही है।
निवासी डॉ ओमकार तिवारी ने बताया कि गैर-वैध शर्तों के आधार पर अधिकांश फ्लैट मालिकों को वोट देने से वंचित किया जा रहा है, साथ ही अवैध मेंटेनेंस शुल्क भी लादा जा रहा है। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रकिया को कराने वाले अधिकारियों का कहना है कि पहले जमा किए गए एओए सदस्यता फॉर्म मान्य नहीं हैं। इसके साथ ही फ्लैट मूल्य की 1.5% राशि को मान्यता नहीं दी जा रही हैं। अब सभी मालिकों को नया सदस्यता फॉर्म भरना होगा, जिसके लिए एक हजार रुपये देने होंगे। इन्हीं शर्तों के आधार पर वोट देने का अधिकार सीमित किया जा रहा है, जोकि सरासर गलत है।
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उन्होंने बताया कि सोसाइटी में 1794 फ्लैट हैं। नए नियम के तहत सदस्य 350 बने हैं। यानी 80% से अधिक फ्लैट मालिक चुनाव से बाहर हो सकते हैं, जिससे चुनाव की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। उन्होंने बताया कि एओए गठन से पहले ही सभी मालिकों से सदस्यता फॉर्म लिए जा चुके थे। इसके साथ ही 1.5% राशि एओए खाते में जमा कराई गई थी। जनरल बॉडी मीटिंग में एड-हॉक एओए का गठन हुआ था। सदस्यों की सूची डिप्टी रजिस्ट्रार को जमा की जा चुकी थी। ऐसे में सवाल उठता है यदि यह सब अमान्य था, तो एओए का पंजीकरण किस आधार पर हुआ?। निवासियों ने डिप्टी रजिस्ट्रार से स्पष्ट जवाब मांगा है। क्या पुरानी सदस्यता और 1.5% जमा राशि वैध है? क्या बिना जीबीएम अनुमोदन के मेंटेनेंस शुल्क वैध है? क्या नए सदस्यता नियम आधिकारिक हैं या भ्रामक तरीके से प्रचारित किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब मिला नहीं है।
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