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मंत्री ब्लैक मे लि ंग मामला
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आलोक व खालिद की गिरफ्तारी के लिए दबिश
नोएडा। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को प्रतिनिधि चैनल के मालिक व मुख्य आरोपी आलोक कुमार और खालिद की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली सहित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। महिला पत्रकार नीशू को लेकर पुलिस, दिल्ली स्थित ऑफिस पर भी गई। वहीं, खालिद के जानकार पत्रकार अनिल मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं मिली। खालिद ने अनिल को प्रतिनिधि चैनल में रखवाया था।
एसएसपी वैभव कृष्ण के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी एक टीम लगा रखी है, ताकि आलोक अगर अदालत में जाए तो उसे गिरफ्तार किया जा सके। आलोक गिरफ्तारी के लिए स्टे लेने में लगा है और जल्द ही कोई ऑडियो-वीडियो जारी करने की योजना बना रहा है। पुलिस ने दिल्ली के पांडव नगर समेत कई स्थानों पर जाकर दबिश दी। प्रतिनिधि चैनल का जो आफिस दिल्ली में आलोक ने खोला था वह बंद मिला और कोई भी कर्मचारी वहां पर नहीं था। पुलिस प्रयास कर रही है कि आखिर वह वीडिया-ऑडियो कहां है, जिसके एवज में 10 करोड़ रुपये मांगे जा रहे थे। अनिल मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने प्रतिनिधि चैनल में केवल दो ही दिन काम किया था। वह खालिद का जानने वाला था, इसलिए पुलिस उसे संदेह के घेरे में ले रही थी। जांच में सामने आया है कि उसका कोई दोष नहीं है।
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नोएडा। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को प्रतिनिधि चैनल के मालिक व मुख्य आरोपी आलोक कुमार और खालिद की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली सहित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। महिला पत्रकार नीशू को लेकर पुलिस, दिल्ली स्थित ऑफिस पर भी गई। वहीं, खालिद के जानकार पत्रकार अनिल मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, लेकिन मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं मिली। खालिद ने अनिल को प्रतिनिधि चैनल में रखवाया था।
एसएसपी वैभव कृष्ण के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी एक टीम लगा रखी है, ताकि आलोक अगर अदालत में जाए तो उसे गिरफ्तार किया जा सके। आलोक गिरफ्तारी के लिए स्टे लेने में लगा है और जल्द ही कोई ऑडियो-वीडियो जारी करने की योजना बना रहा है। पुलिस ने दिल्ली के पांडव नगर समेत कई स्थानों पर जाकर दबिश दी। प्रतिनिधि चैनल का जो आफिस दिल्ली में आलोक ने खोला था वह बंद मिला और कोई भी कर्मचारी वहां पर नहीं था। पुलिस प्रयास कर रही है कि आखिर वह वीडिया-ऑडियो कहां है, जिसके एवज में 10 करोड़ रुपये मांगे जा रहे थे। अनिल मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने प्रतिनिधि चैनल में केवल दो ही दिन काम किया था। वह खालिद का जानने वाला था, इसलिए पुलिस उसे संदेह के घेरे में ले रही थी। जांच में सामने आया है कि उसका कोई दोष नहीं है।
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