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दो दोस्तों की हत्या के मुख्यारोपी अब तक फरार
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हेडिंग: दो दोस्तों की हत्या के मुख्यारोपी अब तक फरार
दो अक्तूबर की सुबह नाले पड़े मिले थे दोनों के शव
पुलिस पर हमला कर एक आरोपी को छुड़ा ले गए थे समर्थक
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। दादरी के डाबरा गांव निवासी दो दोस्त महेश व बब्बल की एक अक्तूबर की रात हत्या कर दी गई थी। दो अक्तूबर की सुबह दोनों शव नाले में मिलने के बाद परिजन व ग्रामीणों ने परी चौक पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने रविंद्र उर्फ कल्लू, फूलचंद, जितेंद्र, राम किशन व कल्लू के भांजे सोनू पर रिपोर्ट दर्ज कर फूलचंद व सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि तीन आरोपी अब तक फरार हैं। इनमें आरोपी किशन को भी पुलिस ने गांव में दबिश देकर पकड़ा था, लेकिन समर्थक पुलिस टीम पर हमला कर उसे छुड़ाकर ले गए थे।
डाबरा गांव निवासी परिजन ने बताया कि बब्बल व महेश दोनों दोस्त थे। एक अक्तूबर की शाम दोनों एक साथ घर से किसी दोस्त से मिलने गए थे। बब्बल की बाइक से दोनों ने गांव के बाहर स्थित ठेके से शराब खरीदी थी। इसके बाद दोनों रामपुर गांव के पास स्थित ढाबे पर चले गए थे। यहीं पर हुए विवाद के बाद दोनों की हत्या कर दी गई थी। बाद में हत्या को हादसे का रूप देने के लिए दोनों के शव को बाइक समेत नाले में फेंक दिया गया था। परिजन का कहना है कि इस मामले में वह आला अधिकारियों से मिलकर भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में एसपी देहात विनीत जायसवाल का कहना है कि परिजन कोतवाली पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।
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दो अक्तूबर की सुबह नाले पड़े मिले थे दोनों के शव
पुलिस पर हमला कर एक आरोपी को छुड़ा ले गए थे समर्थक
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। दादरी के डाबरा गांव निवासी दो दोस्त महेश व बब्बल की एक अक्तूबर की रात हत्या कर दी गई थी। दो अक्तूबर की सुबह दोनों शव नाले में मिलने के बाद परिजन व ग्रामीणों ने परी चौक पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने रविंद्र उर्फ कल्लू, फूलचंद, जितेंद्र, राम किशन व कल्लू के भांजे सोनू पर रिपोर्ट दर्ज कर फूलचंद व सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि तीन आरोपी अब तक फरार हैं। इनमें आरोपी किशन को भी पुलिस ने गांव में दबिश देकर पकड़ा था, लेकिन समर्थक पुलिस टीम पर हमला कर उसे छुड़ाकर ले गए थे।
डाबरा गांव निवासी परिजन ने बताया कि बब्बल व महेश दोनों दोस्त थे। एक अक्तूबर की शाम दोनों एक साथ घर से किसी दोस्त से मिलने गए थे। बब्बल की बाइक से दोनों ने गांव के बाहर स्थित ठेके से शराब खरीदी थी। इसके बाद दोनों रामपुर गांव के पास स्थित ढाबे पर चले गए थे। यहीं पर हुए विवाद के बाद दोनों की हत्या कर दी गई थी। बाद में हत्या को हादसे का रूप देने के लिए दोनों के शव को बाइक समेत नाले में फेंक दिया गया था। परिजन का कहना है कि इस मामले में वह आला अधिकारियों से मिलकर भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में एसपी देहात विनीत जायसवाल का कहना है कि परिजन कोतवाली पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।
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