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उतर-पूर्वी जिला पुलिस ने 100 परिवारों को दी मुस्कान...
Updated Sun, 16 Dec 2018 11:51 PM IST
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उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने 100 परिवारों को दी मुस्कान
-जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने लापता हुए 100 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया
-100 बच्चों में 21 लड़कियों के अलावा तीन दिव्यांग बच्चे भी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने 100 परिवारों को मुस्कान दी है। वर्ष 2018 में जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने अपने-अपने परिवार से बिछुड़े 100 बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया है। 5 साल से 18 वर्ष आयु के सभी बच्चे अपने-अपने परिवारों से मिलने के बाद बेहद खुश है। इन बच्चों में 21 लड़कियों और तीन दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार से अलग हुए बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाने की खुशी ही अलग होती है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि उनके जिले में जनसंख्या राजधानी के दूसरे जिलों से ज्यादा है। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में अपने परिवारों से अलग हुए बच्चे मिलते हैं। बच्चों को शेल्टर होम में रखकर पुलिस उनसे मिले सुरागों के आधार पर उनके परिजनों का पता लगाने का प्रयास करती है। वर्ष 2018 में जिले में तैनात इंस्पेक्टर राम निवास व अन्यों की टीम ने 100 बच्चों को उनके परिवारों से कनेक्ट किया। सभी बच्चे बिहार, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश और दिल्ली के अलग-अलग स्थानों के थे। भूल से या किसी अन्य कारणों से यह अपने परिवार से अलग हो गए। परिवार भी अपने बच्चों को सकुशल पाकर बेहद खुश है।
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-जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने लापता हुए 100 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया
-100 बच्चों में 21 लड़कियों के अलावा तीन दिव्यांग बच्चे भी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने 100 परिवारों को मुस्कान दी है। वर्ष 2018 में जिले की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने अपने-अपने परिवार से बिछुड़े 100 बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया है। 5 साल से 18 वर्ष आयु के सभी बच्चे अपने-अपने परिवारों से मिलने के बाद बेहद खुश है। इन बच्चों में 21 लड़कियों और तीन दिव्यांग बच्चे भी शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार से अलग हुए बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाने की खुशी ही अलग होती है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि उनके जिले में जनसंख्या राजधानी के दूसरे जिलों से ज्यादा है। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में अपने परिवारों से अलग हुए बच्चे मिलते हैं। बच्चों को शेल्टर होम में रखकर पुलिस उनसे मिले सुरागों के आधार पर उनके परिजनों का पता लगाने का प्रयास करती है। वर्ष 2018 में जिले में तैनात इंस्पेक्टर राम निवास व अन्यों की टीम ने 100 बच्चों को उनके परिवारों से कनेक्ट किया। सभी बच्चे बिहार, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश और दिल्ली के अलग-अलग स्थानों के थे। भूल से या किसी अन्य कारणों से यह अपने परिवार से अलग हो गए। परिवार भी अपने बच्चों को सकुशल पाकर बेहद खुश है।
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