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चिराग दिल्ली में बाल यौन शोषण के खिलाफ निकाला मार्च
Updated Sun, 16 Dec 2018 11:51 PM IST
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आईआईटी छात्रों ने बाल यौन शोषण के खिलाफ निकाला मार्च
नई दिल्ली। आईआईटी छात्रों सहित सैकड़ों लोगों ने बाल यौन शोषण के खिलाफ चिराग दिल्ली मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर पांच से मौन मार्च निकाला। चिराग दिल्ली गांव से निकलकर पार्क में पांच बजे समाप्त हो गया।
इस मौके पर संस्था समाधान के निदेशक अर्चना अग्निहोत्री ने कहा कि हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक बाल यौन शत प्रतिशत समाप्त नहीं हो जाता।
विधायक सौरभ भारद्वाज ने भी इसका समर्थन किया। जबकि जयदीप मिश्रा ने कहा कि यह खतरा व्यक्तित्व को हमेशा के लिए बर्बाद कर देता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देखकर खुशी हो रही है कि इतने लोग इस मुद्दे के प्रति सहानुभूति रखते हैं और इसके हल में मदद करना चाहते हैं। बाल यौन दुर्व्यवहार एक गंभीर समस्या है और हमें सभी बच्चों को स्वस्थ माहौल मुहैया करवाने के लिए इस समस्या का हल ढूंढना होगा। आईआईटी एनएसएस के छात्रों ने इस मौके पर कहा कि बाल शोषण से मुक्त रहने का अधिकार सभी को है। अब यह वास्तविकता का रूप धारण कर रहा हैं, जिसे दूर करने के लिए और संवेदनशीन होना जरूरी है। मार्च के दौरान जागरूकता संदेश भी दिए गए, ताकि बाल यौन शोषण को रोकने की दिशा में सार्थक पहल में सभी का सहयोग मिल सके।
नई दिल्ली। आईआईटी छात्रों सहित सैकड़ों लोगों ने बाल यौन शोषण के खिलाफ चिराग दिल्ली मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर पांच से मौन मार्च निकाला। चिराग दिल्ली गांव से निकलकर पार्क में पांच बजे समाप्त हो गया।
इस मौके पर संस्था समाधान के निदेशक अर्चना अग्निहोत्री ने कहा कि हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक बाल यौन शत प्रतिशत समाप्त नहीं हो जाता।
विधायक सौरभ भारद्वाज ने भी इसका समर्थन किया। जबकि जयदीप मिश्रा ने कहा कि यह खतरा व्यक्तित्व को हमेशा के लिए बर्बाद कर देता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देखकर खुशी हो रही है कि इतने लोग इस मुद्दे के प्रति सहानुभूति रखते हैं और इसके हल में मदद करना चाहते हैं। बाल यौन दुर्व्यवहार एक गंभीर समस्या है और हमें सभी बच्चों को स्वस्थ माहौल मुहैया करवाने के लिए इस समस्या का हल ढूंढना होगा। आईआईटी एनएसएस के छात्रों ने इस मौके पर कहा कि बाल शोषण से मुक्त रहने का अधिकार सभी को है। अब यह वास्तविकता का रूप धारण कर रहा हैं, जिसे दूर करने के लिए और संवेदनशीन होना जरूरी है। मार्च के दौरान जागरूकता संदेश भी दिए गए, ताकि बाल यौन शोषण को रोकने की दिशा में सार्थक पहल में सभी का सहयोग मिल सके।
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