फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   एलटीसी ट्यूर के नाम पर सरकारी कर्मचारियों के साथ करते थे ठगी

एलटीसी ट्यूर के नाम पर सरकारी कर्मचारियों के साथ करते थे ठगी

Sun, 09 Dec 2018 11:51 PM IST
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
एलटीसी ट्यूर के नाम पर सरकारी कर्मचारियों के साथ करते थे ठगी
एलटीसी टूर के नाम पर सरकारी
विज्ञापन

कर्मचारियों के साथ करते थे ठगी
- कनॉट प्लेस पुलिस ने दो जालसाजों को गिरफ्तार किया
- आरोपी 350 से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को बना चुके हैं निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने एलटीसी टूर के नाम पर सरकारी कर्मचारियों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने करीब 350 सरकारी कर्मचारियों के साथ ठगी की थी। पीड़ितों में ज्यादातर दिल्ली पुलिस, कोर्ट कर्मचारी, एम्स, स्वास्थ्य मंत्रालय, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग और पोस्टल विभाग के कर्मचारी हैं। आरोपियों ने ठगी करने के लिए बाकायदा स्टाफ रखा हुआ था। पुलिस आरोपियों के दो फरार साथियों की तलाश कर रही है।
नई दिल्ली जिला डीसीपी मधुर वर्मा के अनुसार, सुरेंद्र कुमार ने कनॉट प्लेस थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके मोबाइल पर मोनिका त्यागी नामक महिला का फोन आया था। मोनिका ने आईएनआई टूर एंड ट्रेवल प्राइवेट लिमिटेड की एग्जीक्यूटिव बताते हुए उसे सरकारी कर्मचारियों के लिए जम्मू कश्मीर के टूर के बारे में बताया था। इस टूर के नाम पर उसने 91 हजार रुपये जमा करा दिए। 15 जून, 2013 को जब शिकायतकर्ता कंपनी के कार्यालय पर गया तो वहां न तो कार्यालय था और न ही कंपनी का कोई कर्मचारी। सुरेंद्र कुमार की शिकायत पर थानाध्यक्ष विनोद नारंग की देखरेख में एसआई विकास कुमार की टीम जांच कर रही थी। जांच में पता लगा कि कंपनी ने काफी सरकारी कर्मचारियों के साथ ठगी की है और उसके बाद अपने कार्यालय को बंद कर दिया। पुलिस टीम ने कंपनी के स्टाफ को ढूंढ निकाला और उनसे विस्तार से पूछताछ की।
विज्ञापन

पूछताछ में पता लगा कि भावेश, महेंद्र पालेजा, अश्विनी सिंह और हरपत सिंह ने स्टाफ को किराए पर रखा था और सरकारी कर्मचारियों को श्रीनगर के लिए एलटीसी टूर पैकेज बेचने को कहा था। एलटीसी टूर पैकेज कई तारीखों का जारी किया था। कुछ कर्मचारी श्रीनगर चले गए। मगर उनको वहां से वापसी की फ्लाइट्स नहीं मिली। वहीं, 180 सरकारी कर्मचारी जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो उनकी फ्लाइट्स पेमेंट नहीं होने की वजह से रद्द हो गई थी। आरोपी वर्ष 2013 से फरार थे। एसआई अमित कुमार की टीम ने अश्विनी सिंह (32) को पांच दिसंबर और हरपत सिंह(26) को आठ दिसंबर को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इनके दो साथियों की तलाश कर रही है। अश्विनी के खिलाफ पहले भी जालसाजी के आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed