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जर्मनी एंबेसी का अधिकारी बनकर ठगी करने वाला अफ्रीकन गिरफ्तार
Updated Fri, 23 Nov 2018 07:55 AM IST
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हेड : विदेशी ने कार बेचने का विज्ञापन देकर 45 हजार रुपये ठगे
सबहेड : जर्मनी एंबेसी का अधिकारी बनकर दिया झांसा, पुलिस ने नाइजीरिया के निवासी को दबोचा
प्वाइंटर : अवैध रूप से रह रहा था भारत में, पुरानी कार बेचने का करता था धंधा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध शाखा ने जर्मनी एंबेसी का अधिकारी बनकर ठगी करने के मामले एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नाइजीरिया निवासी ओकोये ईजिके केन्नेडी (25) के रूप में हुई। वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था। ओयोके पर आरोप है कि उसने नई जैसी लग रही पुरानी कार को बेचने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन डाला। पीड़ित को झांसे में लेकर 45 हजार रुपये बैंक अपने खाते में जमा करा लिए। इसके बाद मोबाइल बंद कर गायब हो गया। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों के साथ ठगी की है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि मयूर विहार फेज-तीन निवासी सुधाकर मानडा ने ठगी की शिकायत दी थी। इसमें बताया कि उसने निशान टेरानो कार का ऑनलाइन विज्ञापन देखा। कार 20 हजार किमी चली हुई थी। विज्ञापन में साढ़े चार लाख में बेचने की बात कही गई थी। उसने विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले ने खुद को अफ्रीकी नागरिक व दिल्ली स्थित जर्मनी एंबेसी का अधिकारी बताया। अपना नाम पॉल हेइंज बताते हुए उसने कहा कि वह अपने देश लौट रहा है। इसलिए कार बेचना चाहता है। वह ऑफिस के काम में व्यस्त है, उसे कार खरीदने वाला ठीक ग्राहक चाहिए। सुधाकर ने कार खरीदने में रुचि दिखाई। पॉल ने कहा कि उसे एंबेसी में आने नहीं देंगे। वह एंबेसी सचिव के खाते में कार की कीमत का दस फीसदी हिस्सा 45 हजार रुपये जमा करा दे। इसके बाद उसका एंबेसी में प्रवेश के लिए कार्ड बन जाएगा। सुधाकर के 45 हजार रुपये जमा कराने के बाद ही आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। एसीपी आदित्य गौतम की देखरेख में इंस्पेक्टर यशपाल की टीम ने तफ्तीश के बाद आरोपी को उत्तम नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
वीजा खत्म होने पर नहीं लौटा अपने देश, करने लगा ठगी
ये पैसा कमाने के लिए नवंबर, 2013 में भारत बिजनेस वीजा पर आया था। इसके बाद इसका वीजा खत्म हो गया, मगर ये अपने देश नहीं लौटा। ये लोगों को एंबेसी की सेकेंड हैंड कार बेचने के नाम पर ठगी करने लगा। ये ओएलएक्स, कारवालेडॉट कॉम और क्यूकर से पुरानी कार की फोटो कॉपी कर लेता था और उनको एंबेसी की कार बनाकर विज्ञापन डाल देता था। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल व लैपटॉप जब्त कर लिर्या।
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सबहेड : जर्मनी एंबेसी का अधिकारी बनकर दिया झांसा, पुलिस ने नाइजीरिया के निवासी को दबोचा
प्वाइंटर : अवैध रूप से रह रहा था भारत में, पुरानी कार बेचने का करता था धंधा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अपराध शाखा ने जर्मनी एंबेसी का अधिकारी बनकर ठगी करने के मामले एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नाइजीरिया निवासी ओकोये ईजिके केन्नेडी (25) के रूप में हुई। वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था। ओयोके पर आरोप है कि उसने नई जैसी लग रही पुरानी कार को बेचने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन डाला। पीड़ित को झांसे में लेकर 45 हजार रुपये बैंक अपने खाते में जमा करा लिए। इसके बाद मोबाइल बंद कर गायब हो गया। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों के साथ ठगी की है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि मयूर विहार फेज-तीन निवासी सुधाकर मानडा ने ठगी की शिकायत दी थी। इसमें बताया कि उसने निशान टेरानो कार का ऑनलाइन विज्ञापन देखा। कार 20 हजार किमी चली हुई थी। विज्ञापन में साढ़े चार लाख में बेचने की बात कही गई थी। उसने विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले ने खुद को अफ्रीकी नागरिक व दिल्ली स्थित जर्मनी एंबेसी का अधिकारी बताया। अपना नाम पॉल हेइंज बताते हुए उसने कहा कि वह अपने देश लौट रहा है। इसलिए कार बेचना चाहता है। वह ऑफिस के काम में व्यस्त है, उसे कार खरीदने वाला ठीक ग्राहक चाहिए। सुधाकर ने कार खरीदने में रुचि दिखाई। पॉल ने कहा कि उसे एंबेसी में आने नहीं देंगे। वह एंबेसी सचिव के खाते में कार की कीमत का दस फीसदी हिस्सा 45 हजार रुपये जमा करा दे। इसके बाद उसका एंबेसी में प्रवेश के लिए कार्ड बन जाएगा। सुधाकर के 45 हजार रुपये जमा कराने के बाद ही आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। एसीपी आदित्य गौतम की देखरेख में इंस्पेक्टर यशपाल की टीम ने तफ्तीश के बाद आरोपी को उत्तम नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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वीजा खत्म होने पर नहीं लौटा अपने देश, करने लगा ठगी
ये पैसा कमाने के लिए नवंबर, 2013 में भारत बिजनेस वीजा पर आया था। इसके बाद इसका वीजा खत्म हो गया, मगर ये अपने देश नहीं लौटा। ये लोगों को एंबेसी की सेकेंड हैंड कार बेचने के नाम पर ठगी करने लगा। ये ओएलएक्स, कारवालेडॉट कॉम और क्यूकर से पुरानी कार की फोटो कॉपी कर लेता था और उनको एंबेसी की कार बनाकर विज्ञापन डाल देता था। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल व लैपटॉप जब्त कर लिर्या।
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