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हत्या के केस में दोषी युवक को आजीवन कारावास
Updated Wed, 17 Oct 2018 05:24 AM IST
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हत्या के दोषी युवक को
आजीवन कारावास
- वर्ष 2013 में जारचा थाना क्षेत्र में हुआ था कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जारचा थाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुई हत्या के दोषी युवक को एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) विशेष न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस केस के एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी। एक नाबालिग का केस किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी मोहम्मद इरशाद ने बताया कि सात जुलाई 2013 की रात जारचा थाना क्षेत्र के गांव वीरपुरा निवासी चंदी सिंह की हत्या कर दी गई थी। चंदी सिंह के बेटे मनोज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह गांव गया तो मोती और उसके बेटे देवेंद्र ने बताया कि रात को उनकी भैंस घेर से खुल गई थी। वह भैंस पकड़कर ला रहे थे। उनकी टार्च खुली हुई थी। तभी उन्होंने देखा कि राहुल, जयवीर व एक नाबालिग घेर से निकल रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की। जयवीर की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। केस में छह गवाह पेश हुए। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अदालत ने राहुल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसे कारागार भेज दिया गया है।
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आजीवन कारावास
- वर्ष 2013 में जारचा थाना क्षेत्र में हुआ था कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जारचा थाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुई हत्या के दोषी युवक को एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) विशेष न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस केस के एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी। एक नाबालिग का केस किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी मोहम्मद इरशाद ने बताया कि सात जुलाई 2013 की रात जारचा थाना क्षेत्र के गांव वीरपुरा निवासी चंदी सिंह की हत्या कर दी गई थी। चंदी सिंह के बेटे मनोज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह गांव गया तो मोती और उसके बेटे देवेंद्र ने बताया कि रात को उनकी भैंस घेर से खुल गई थी। वह भैंस पकड़कर ला रहे थे। उनकी टार्च खुली हुई थी। तभी उन्होंने देखा कि राहुल, जयवीर व एक नाबालिग घेर से निकल रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की। जयवीर की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। केस में छह गवाह पेश हुए। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अदालत ने राहुल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसे कारागार भेज दिया गया है।
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