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डीयू में दाखिला कराने के नाम पर 1.70 लाख रुपये की ठगी
Updated Tue, 16 Oct 2018 05:28 AM IST
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डीयू में दाखिले की फर्जी स्लिप पर ठगे 1.70 लाख
- दयाल सिंह कॉलेज का फर्जी दाखिले की पर्ची देकर दिया झांसा
- पीड़िता ने आईकार्ड बनवाने गई तो हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की फर्जी स्लिप देकर 1.70 लाख रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने विश्वास दिलाने के लिए दयाल सिंह कॉलेज में दाखिले की फर्जी स्लिप दी है। पीड़िता उसी के आधार पर एक सप्ताह से कॉलेज जा रही थी। जब उसने स्लिप के आधार पर आईकार्ड बनवाने पहुंची तो तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले की सूचना पर सब्जी मंडी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित अरविंद कुमार परिवार के साथ जमुनादास कटरा, रोशनआरा रोड इलाके में रहते हैं। उनकी बेटी का डीयू में दाखिला नहीं हो पाया था। अरविंद को पता चला कि इलाके का आशीष तंवर व उसका भाई मनीष डीयू में दाखिला दिलवाता है। वह बेटी के साथ अन्य छात्र की मदद से आशीष से मुलाकात की तो दाखिले की एवज में 1.70 लाख रुपये मांगे। 40 हजार रुपये पहले और बाकी एडमिशन स्लिप देने के बाद भुगतान की बात तय हो गई। कुछ दिनों बाद ही आशीष ने युवती के दाखिले की स्लिप दे दी। इसके बाद अरविंद ने बाकी के 1.30 लाख रुपये आशीष को दे दिए। इस बीच आरोपी ने पीड़िता से जरूरत की बात कर स्लिप वापस ले ली, लेकिन छात्रा ने स्लिप का मोबाइल से फोटो खींच लिया। बाद में वह स्लिप के आधार पर आईकार्ड बनवाने गई तो कॉलेज प्रशासन न स्लिप नकली होने और दाखिला न होने की बात उसे बताई। परिवार की शिकायत पर रविवार को पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया है।
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- दयाल सिंह कॉलेज का फर्जी दाखिले की पर्ची देकर दिया झांसा
- पीड़िता ने आईकार्ड बनवाने गई तो हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की फर्जी स्लिप देकर 1.70 लाख रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने विश्वास दिलाने के लिए दयाल सिंह कॉलेज में दाखिले की फर्जी स्लिप दी है। पीड़िता उसी के आधार पर एक सप्ताह से कॉलेज जा रही थी। जब उसने स्लिप के आधार पर आईकार्ड बनवाने पहुंची तो तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले की सूचना पर सब्जी मंडी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित अरविंद कुमार परिवार के साथ जमुनादास कटरा, रोशनआरा रोड इलाके में रहते हैं। उनकी बेटी का डीयू में दाखिला नहीं हो पाया था। अरविंद को पता चला कि इलाके का आशीष तंवर व उसका भाई मनीष डीयू में दाखिला दिलवाता है। वह बेटी के साथ अन्य छात्र की मदद से आशीष से मुलाकात की तो दाखिले की एवज में 1.70 लाख रुपये मांगे। 40 हजार रुपये पहले और बाकी एडमिशन स्लिप देने के बाद भुगतान की बात तय हो गई। कुछ दिनों बाद ही आशीष ने युवती के दाखिले की स्लिप दे दी। इसके बाद अरविंद ने बाकी के 1.30 लाख रुपये आशीष को दे दिए। इस बीच आरोपी ने पीड़िता से जरूरत की बात कर स्लिप वापस ले ली, लेकिन छात्रा ने स्लिप का मोबाइल से फोटो खींच लिया। बाद में वह स्लिप के आधार पर आईकार्ड बनवाने गई तो कॉलेज प्रशासन न स्लिप नकली होने और दाखिला न होने की बात उसे बताई। परिवार की शिकायत पर रविवार को पुलिस ने छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया है।
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