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दादी की हत्या के आरोपी पौत्र को उम्रकैद और एक लाख जुर्माना की सजा
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दादी की हत्या के दोषी को उम्रकैद और एक लाख जुर्माना
- नूंह के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 2016 का है मामला,
अमर उजाला ब्यूरो
पुन्हाना/नूंह। जिला अदालत ने दादी की हत्या के दोषी पोते को मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। उसपर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर भोंडसी जेल भेज दिया। वहीं इस मामले में तीन आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। मामला 2016 का नगीना थाना क्षेत्र के बुखारका गांव का है।
दरअसल, बुखारका गांव के अब्दुल मजीद की दूसरी शादी पुन्हाना उपमंडल के बिसरू गांव की साहूनी के साथ दस वर्ष पहले हुई थी। शादी के बाद से साहूनी के साथ ससुराल पक्ष के लोगों ने कई बार मारपीट भी की। आए दिन घर में हो रहे झगड़ों से तंग आकर अब्दुल मजीद अपनी पत्नी को लेकर नगीना थाने के नजदीक रहने लगा था। 16 मई 2016 को दोपहर करीब 2 बजे मारपीट करते हुए अब्दुल मजीद के पोते मतीन ने अपनी गर्भवती दादी साहूनी की फरसे से मारकर हत्या कर दी। इस मामले में साहूनी के भाई खुर्शीद गांव बिसरू ने 17 मई 2016 को नगीना थाने में पति अब्दुल मजीद सहित उसके लड़के सलीम और पत्नी शहनाज के साथ पोते मतीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
हत्या के जुर्म में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। करीब ढाई साल चली इस केस की सुनवाई में 2 मार्च 2019 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमुद गुगनानी की अदालत ने आरोपी अब्दुल मजीद, सलीम व शहनाज को बरी कर दिया और आरोपी मतीन को दोषी करार देते हुए हिरासत में ले लिया था। 5 मार्च को अदालत ने आरोपी पोते मतीन को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। हत्या का कारण जमीन-जायदाद के लिए बताया जा रहा है।
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फोटो आरोपी मतीन
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- नूंह के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 2016 का है मामला,
अमर उजाला ब्यूरो
पुन्हाना/नूंह। जिला अदालत ने दादी की हत्या के दोषी पोते को मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। उसपर एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर भोंडसी जेल भेज दिया। वहीं इस मामले में तीन आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। मामला 2016 का नगीना थाना क्षेत्र के बुखारका गांव का है।
दरअसल, बुखारका गांव के अब्दुल मजीद की दूसरी शादी पुन्हाना उपमंडल के बिसरू गांव की साहूनी के साथ दस वर्ष पहले हुई थी। शादी के बाद से साहूनी के साथ ससुराल पक्ष के लोगों ने कई बार मारपीट भी की। आए दिन घर में हो रहे झगड़ों से तंग आकर अब्दुल मजीद अपनी पत्नी को लेकर नगीना थाने के नजदीक रहने लगा था। 16 मई 2016 को दोपहर करीब 2 बजे मारपीट करते हुए अब्दुल मजीद के पोते मतीन ने अपनी गर्भवती दादी साहूनी की फरसे से मारकर हत्या कर दी। इस मामले में साहूनी के भाई खुर्शीद गांव बिसरू ने 17 मई 2016 को नगीना थाने में पति अब्दुल मजीद सहित उसके लड़के सलीम और पत्नी शहनाज के साथ पोते मतीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
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हत्या के जुर्म में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। करीब ढाई साल चली इस केस की सुनवाई में 2 मार्च 2019 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमुद गुगनानी की अदालत ने आरोपी अब्दुल मजीद, सलीम व शहनाज को बरी कर दिया और आरोपी मतीन को दोषी करार देते हुए हिरासत में ले लिया था। 5 मार्च को अदालत ने आरोपी पोते मतीन को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। हत्या का कारण जमीन-जायदाद के लिए बताया जा रहा है।
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फोटो आरोपी मतीन