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नौकरी के नाम पर तीन लाख की ठगी
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:56 PM IST
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बागपत और गाजियाबाद के ध्यानार्थ
नौकरी के नाम पर पांच युवकों से 3 लाख की ठगी
- आरोपी ने एक माह में ट्रेनिंग कराने और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने का दिया झांसा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। रेलवे में विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच युवकों से 3 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी अवधेश सिंह ने एक माह में ट्रेनिंग कराने और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने का झांसा दिया था। आरोप है कि पीड़ित जब पुलिस से शिकायत करने पहुंचे। लेकिन उन्हें टरका दिया गया। पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से मामले की शिकायत की बात कही है।
बागपत निवासी कमलेश कुमार और राहुल चचेरे भाई हैं। मई में एक अखबार में रेलवे में नौकरी दिलाने का एक विज्ञापन देखा। राहुल और कमलेश ने दिए गए नंबर पर फोन किया। उसकी बात अवधेश सिंह से हुई। अवधेश ने युवक को जल्द नौकरी का आश्वासन दिया। साथ ही पढ़ाई के सभी दस्तावेज तैयार रखने को कह कर फोन काट दिया। कमलेश ने गाजियाबाद में रहने वाले अपने ममेरे भाई सचिन, बुआ के बेटे पवन और एक चचेरे भाई अंकुर को इसके बारे में बताया। तीनों उसकी बात सुनकर तैयार हो गए।
14 मई को कमलेश ने अवधेश को फोन कर बताया कि वह पांच लोग हैं। अवधेश ने उससे रेलवे के अलग-अगल विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। उसने प्रति युवक का खर्चा 50 हजार रुपये आने की बात कही। इसके अलावा पांचों की फाइल चार्ज पर करीब 50 हजार रुपये और खर्च होने की बात कही।
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कमलेश ने बताया कि आरोपित ने 23 मई को उन पांचों को सेक्टर-15 नया बांस स्थित एक कमरे पर बुलाया। वहां आरोपित ने उनसे पढ़ाई के दस्तावेज और 3 लाख रुपये ले लिए। आरोपित ने उन्हें एक माह में उनकी ट्रेनिंग कराने और ज्वाइनिंग दिलाने का झांसा दिया। कमलेश ने बताया कि एक माह गुजर जाने के बाद आरोपित ने और 15 दिन मांगे। लेकिन उसके बाद से आरोपित का कुछ पता नहीं चल रहा है। नया बांस स्थित उसका कमरे पर ताला लगा हुआ है।
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नौकरी के नाम पर पांच युवकों से 3 लाख की ठगी
- आरोपी ने एक माह में ट्रेनिंग कराने और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने का दिया झांसा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। रेलवे में विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच युवकों से 3 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी अवधेश सिंह ने एक माह में ट्रेनिंग कराने और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने का झांसा दिया था। आरोप है कि पीड़ित जब पुलिस से शिकायत करने पहुंचे। लेकिन उन्हें टरका दिया गया। पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से मामले की शिकायत की बात कही है।
बागपत निवासी कमलेश कुमार और राहुल चचेरे भाई हैं। मई में एक अखबार में रेलवे में नौकरी दिलाने का एक विज्ञापन देखा। राहुल और कमलेश ने दिए गए नंबर पर फोन किया। उसकी बात अवधेश सिंह से हुई। अवधेश ने युवक को जल्द नौकरी का आश्वासन दिया। साथ ही पढ़ाई के सभी दस्तावेज तैयार रखने को कह कर फोन काट दिया। कमलेश ने गाजियाबाद में रहने वाले अपने ममेरे भाई सचिन, बुआ के बेटे पवन और एक चचेरे भाई अंकुर को इसके बारे में बताया। तीनों उसकी बात सुनकर तैयार हो गए।
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14 मई को कमलेश ने अवधेश को फोन कर बताया कि वह पांच लोग हैं। अवधेश ने उससे रेलवे के अलग-अगल विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। उसने प्रति युवक का खर्चा 50 हजार रुपये आने की बात कही। इसके अलावा पांचों की फाइल चार्ज पर करीब 50 हजार रुपये और खर्च होने की बात कही।
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कमलेश ने बताया कि आरोपित ने 23 मई को उन पांचों को सेक्टर-15 नया बांस स्थित एक कमरे पर बुलाया। वहां आरोपित ने उनसे पढ़ाई के दस्तावेज और 3 लाख रुपये ले लिए। आरोपित ने उन्हें एक माह में उनकी ट्रेनिंग कराने और ज्वाइनिंग दिलाने का झांसा दिया। कमलेश ने बताया कि एक माह गुजर जाने के बाद आरोपित ने और 15 दिन मांगे। लेकिन उसके बाद से आरोपित का कुछ पता नहीं चल रहा है। नया बांस स्थित उसका कमरे पर ताला लगा हुआ है।