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प्राधिकरण ने पकड़ी 23 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी, ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड
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सहारनपुर के ध्यानार्थ
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प्राधिकरण ने पकड़ी 23 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी
- टेंडर में ठेकेदार ने फर्जी तरीके से लगाया था बैंक का पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 ने 23 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी पकड़ी है। ठेकेदार ने फर्जी तरीके से बैंक का पत्र प्राधिकरण में जमा किया था। फर्जीवाड़ा प्रकाश में आने के बाद ठेकेदार की 36 लाख की सिक्योरिटी मनी को जब्त करते हुए उसे काली सूची में डाल दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। इससे अन्य ठेकेदारों में भी भय है।
जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर निवासी एक ठेकेदार ने नोएडा प्राधिकरण के टेंडर डाला था और ठेकेदार काम भी मिल गया। लेकिन बांड बनाते समय प्राधिकरण ने ठेकेदार द्वारा लगाया गया बैंक गारंटी पत्र क्रॉस चेक करवाया तो पता चला कि बैंक ने ठेकेदार को कोई गारंटी पत्र जारी नहीं किया है। ठेकेदार ने टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी तरीके से गारंटी पत्र लगाया था।
प्राधिकरण के वर्क सर्किल के सीनियर मैनेजर ने बैंक को पत्र लिखकर जवाब मांगा था। बैंक की ओर से जवाब दिया गया कि उक्त पते पर कोई शाखा नहीं है। इसके बाद प्राधिकरण ने उक्त ठेकेदार को तुरंत काली सूची में डाल दिया। अब आला अधिकारियों से बातचीत के आधार पर उक्त ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
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प्राधिकरण ने पकड़ी 23 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी
- टेंडर में ठेकेदार ने फर्जी तरीके से लगाया था बैंक का पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 ने 23 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी पकड़ी है। ठेकेदार ने फर्जी तरीके से बैंक का पत्र प्राधिकरण में जमा किया था। फर्जीवाड़ा प्रकाश में आने के बाद ठेकेदार की 36 लाख की सिक्योरिटी मनी को जब्त करते हुए उसे काली सूची में डाल दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। इससे अन्य ठेकेदारों में भी भय है।
जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर निवासी एक ठेकेदार ने नोएडा प्राधिकरण के टेंडर डाला था और ठेकेदार काम भी मिल गया। लेकिन बांड बनाते समय प्राधिकरण ने ठेकेदार द्वारा लगाया गया बैंक गारंटी पत्र क्रॉस चेक करवाया तो पता चला कि बैंक ने ठेकेदार को कोई गारंटी पत्र जारी नहीं किया है। ठेकेदार ने टेंडर हासिल करने के लिए फर्जी तरीके से गारंटी पत्र लगाया था।
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प्राधिकरण के वर्क सर्किल के सीनियर मैनेजर ने बैंक को पत्र लिखकर जवाब मांगा था। बैंक की ओर से जवाब दिया गया कि उक्त पते पर कोई शाखा नहीं है। इसके बाद प्राधिकरण ने उक्त ठेकेदार को तुरंत काली सूची में डाल दिया। अब आला अधिकारियों से बातचीत के आधार पर उक्त ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
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