{"_id":"5aaeaa834f1c1bc4758b614d","slug":"101521396355-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेवात 11 मोस्ट वांटेड का ऑपरेशन कराया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मेवात 11 मोस्ट वांटेड का ऑपरेशन कराया
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
मुठभेड़ में घायल मोस्ट वांटेड के सीने से निकाली गोली
पुन्हाना। दो दिन पहले पुन्हाना खंड के गांव तिरवाडा में मोस्ट वांटेड बदमाश अरशद के सीने में लगी गोली को डॉक्टरों की टीम ने निकाल दिया है। वह हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। ऑपरेशन के बाद उसका इलाज नूंह के शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। परिजनों ने आशंका जताई है कि अस्पताल में अरशद के साथ कुछ अनहोनी हो सकती है।
बिछौर थाना प्रभारी रामचंद्र ने रविवार को बताया कि गांव तिरवाडा निवासी मोस्ट वांटेड बदमाश को मुठभेड़ के बाद शुक्रवार शाम तिरवाडा से गिरफ्तार किया था। उसे उसके ही साथियों द्वारा चलाई गई गोली सीने में लगी थी। उसका शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। रविवार को ऑपरेशन कर उसकी गोली निकाल दी गई। उसकी निगरानी के लिए अस्पताल में पुलिस तैनात है। अरशद के पिता सुले खां का कहना है कि पुलिस और डॉक्टर उन्हें उनके बेटे से मिलने नहीं दे रहे हैं। आरोप है कि ऑपरेशन तक की सूचना उन्हें नहीं दी गई थी। गांव के रोजदार और यूसुफ का आरोप है कि अरशद को गोली पुलिसकर्मियों ने मारी थी, जबकि पुलिस उसके साथियों पर ही गोली मारने का आरोप मढ़ रही है। आरोप है कि पुलिस को अरशद पर गोली चलाते स्वयं ग्रामीणों ने देखा है। मोस्ट वांटेड अरशद के खिलाफ 2005 में गांव में आपसी झगडे़ का केवल एक ही मामला है, जिसमें उसे अदालत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ है। वहीं पुलिस के अनुसार, उस पर 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके परिजनों का कहना है कि ये सभी मामले फर्जी हैं, जिससे उसका कोई लेना देना नहीं है।
कोई हेराफेरी नहीं की जा सकती
शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज की निदेशक यामिनी का कहना है कि ऑपरेशन और मेडिकल के दौरान संबंधित विभाग के सात-आठ डॉक्टरों की पूरी टीम होती है। ऐसे में कोई भी हेराफेरी नहीं की जा सकती है। उनका कहना है कि पुलिस अपना काम करती है, वैसे ही डॉक्टर भी अपना काम करते हैं।
विज्ञापन
पुन्हाना। दो दिन पहले पुन्हाना खंड के गांव तिरवाडा में मोस्ट वांटेड बदमाश अरशद के सीने में लगी गोली को डॉक्टरों की टीम ने निकाल दिया है। वह हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। ऑपरेशन के बाद उसका इलाज नूंह के शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। परिजनों ने आशंका जताई है कि अस्पताल में अरशद के साथ कुछ अनहोनी हो सकती है।
बिछौर थाना प्रभारी रामचंद्र ने रविवार को बताया कि गांव तिरवाडा निवासी मोस्ट वांटेड बदमाश को मुठभेड़ के बाद शुक्रवार शाम तिरवाडा से गिरफ्तार किया था। उसे उसके ही साथियों द्वारा चलाई गई गोली सीने में लगी थी। उसका शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। रविवार को ऑपरेशन कर उसकी गोली निकाल दी गई। उसकी निगरानी के लिए अस्पताल में पुलिस तैनात है। अरशद के पिता सुले खां का कहना है कि पुलिस और डॉक्टर उन्हें उनके बेटे से मिलने नहीं दे रहे हैं। आरोप है कि ऑपरेशन तक की सूचना उन्हें नहीं दी गई थी। गांव के रोजदार और यूसुफ का आरोप है कि अरशद को गोली पुलिसकर्मियों ने मारी थी, जबकि पुलिस उसके साथियों पर ही गोली मारने का आरोप मढ़ रही है। आरोप है कि पुलिस को अरशद पर गोली चलाते स्वयं ग्रामीणों ने देखा है। मोस्ट वांटेड अरशद के खिलाफ 2005 में गांव में आपसी झगडे़ का केवल एक ही मामला है, जिसमें उसे अदालत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ है। वहीं पुलिस के अनुसार, उस पर 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके परिजनों का कहना है कि ये सभी मामले फर्जी हैं, जिससे उसका कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन
कोई हेराफेरी नहीं की जा सकती
शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज की निदेशक यामिनी का कहना है कि ऑपरेशन और मेडिकल के दौरान संबंधित विभाग के सात-आठ डॉक्टरों की पूरी टीम होती है। ऐसे में कोई भी हेराफेरी नहीं की जा सकती है। उनका कहना है कि पुलिस अपना काम करती है, वैसे ही डॉक्टर भी अपना काम करते हैं।
विज्ञापन