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Noida News: आईआईटी प्रोफेसर की काली करतूत, दुष्कर्म मामले में 10 साल की कैद
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(अदालत से)
- नोएडा के एक गेस्ट हाउस में हुई थी घटना, पीड़िता की गवाही पर अदालत ने सुनाया फैसला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय द्वितीय की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में राजस्थान के कोटा निवासी आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर विवेक विजयवर्गीय को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला जून 2019 का है। जब विवेक विजयवर्गीय के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता ने 6 जून 2019 को पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि वह आरोपी विवेक को वर्ष 2000 से जानती थी जब वह उसके गणित शिक्षक थे। फरवरी-अप्रैल 2011 में उसने आईआईटी जोधपुर में संविदा पर लगभग तीन महीने उनके साथ काम भी किया था। पीड़िता के अनुसार 5 जून 2019 की शाम को विवेक ने उसे फोन कर बताया कि वह किसी काम से नोएडा आ रहे हैं और उन्होंने नौकरी पर चर्चा करने के लिए एक ऑफिस में मिलने को कहा। पीड़िता ने 3-4 महीने पहले नौकरी की तलाश में अपना रिज्यूमे विवेक को ई-मेल किया था। पीड़िता ने अपनी गवाही में बताया कि 6 जून 2019 को सुबह नोएडा एक एक ऑफिस पहुंची। आरोपी ने उसे गेस्ट हाउस के रूम नंबर-7 में आने को कहा। पीड़िता ने रिसेप्शन पर एंट्री की और कमरे में पहुंची जहां उसने अपने दस्तावेज और रिज्यूमे दिखाए। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता से कहा कि नौकरी की चिंता मत करो, मैं दस नौकरियां दिला दूंगा, लेकिन पहले यह बताओ कि तुम इसकी कीमत दे सकती हो।
जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने जबरदस्ती की। आरोपी ने गला दबाकर जान से मारने की धमकी दी। मौका पाकर पीड़िता ने अपने आप को संभाला और बाहर भागकर रिसेप्शन पर घटना की जानकारी दी। तत्काल पुलिस को सूचित किया था। 25 सितंबर 2019 को आरोप तय हुए थे। दोषी करार दिए जाने पर आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि उसके माता-पिता हैं और पिता पैरालिसिस से पीड़ित हैं। छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह घर का पालन-पोषण करने वाला एकमात्र सदस्य है। वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया है। न्यायालय ने पाया कि आरोपी ने पीड़िता को नौकरी का झांसा देकर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा सुनाई।
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ट्रेनिंग में शामिल होने आया था प्रोफेसरः पुलिस जांच के मुताबिक घटना के वक्त विजयवर्गीय आईआईटी जोधपुर में सहायक प्रोफेसर था। वह नोएडा में एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में शामिल होने आया था। पीड़िता गणित से एमएससी की थी। वह वर्ष 2000 में राजस्थान के एक कोचिंग में पढ़ती थी। इसी कोचिंग में डॉ. विवेक विजयवर्गीय गणित पढ़ाते थे। मार्च 2010 से वह आईआईटी जोधपुर में तैनात था। आरोपी प्रोफेसर के साथ पीड़ित युवती 2011 में 4 महीने के लिए कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर आईआईटी जोधपुर में काम भी किया था। इसके बाद वह शादी के बाद दिल्ली चली आई थी। घटना के वक्त पीड़िता की आयु 35 वर्षीय व आरोपी की आयु 45 वर्षीय थी।
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- नोएडा के एक गेस्ट हाउस में हुई थी घटना, पीड़िता की गवाही पर अदालत ने सुनाया फैसला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय द्वितीय की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में राजस्थान के कोटा निवासी आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर विवेक विजयवर्गीय को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला जून 2019 का है। जब विवेक विजयवर्गीय के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता ने 6 जून 2019 को पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि वह आरोपी विवेक को वर्ष 2000 से जानती थी जब वह उसके गणित शिक्षक थे। फरवरी-अप्रैल 2011 में उसने आईआईटी जोधपुर में संविदा पर लगभग तीन महीने उनके साथ काम भी किया था। पीड़िता के अनुसार 5 जून 2019 की शाम को विवेक ने उसे फोन कर बताया कि वह किसी काम से नोएडा आ रहे हैं और उन्होंने नौकरी पर चर्चा करने के लिए एक ऑफिस में मिलने को कहा। पीड़िता ने 3-4 महीने पहले नौकरी की तलाश में अपना रिज्यूमे विवेक को ई-मेल किया था। पीड़िता ने अपनी गवाही में बताया कि 6 जून 2019 को सुबह नोएडा एक एक ऑफिस पहुंची। आरोपी ने उसे गेस्ट हाउस के रूम नंबर-7 में आने को कहा। पीड़िता ने रिसेप्शन पर एंट्री की और कमरे में पहुंची जहां उसने अपने दस्तावेज और रिज्यूमे दिखाए। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता से कहा कि नौकरी की चिंता मत करो, मैं दस नौकरियां दिला दूंगा, लेकिन पहले यह बताओ कि तुम इसकी कीमत दे सकती हो।
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जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने जबरदस्ती की। आरोपी ने गला दबाकर जान से मारने की धमकी दी। मौका पाकर पीड़िता ने अपने आप को संभाला और बाहर भागकर रिसेप्शन पर घटना की जानकारी दी। तत्काल पुलिस को सूचित किया था। 25 सितंबर 2019 को आरोप तय हुए थे। दोषी करार दिए जाने पर आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि उसके माता-पिता हैं और पिता पैरालिसिस से पीड़ित हैं। छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह घर का पालन-पोषण करने वाला एकमात्र सदस्य है। वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया है। न्यायालय ने पाया कि आरोपी ने पीड़िता को नौकरी का झांसा देकर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा सुनाई।
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ट्रेनिंग में शामिल होने आया था प्रोफेसरः पुलिस जांच के मुताबिक घटना के वक्त विजयवर्गीय आईआईटी जोधपुर में सहायक प्रोफेसर था। वह नोएडा में एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में शामिल होने आया था। पीड़िता गणित से एमएससी की थी। वह वर्ष 2000 में राजस्थान के एक कोचिंग में पढ़ती थी। इसी कोचिंग में डॉ. विवेक विजयवर्गीय गणित पढ़ाते थे। मार्च 2010 से वह आईआईटी जोधपुर में तैनात था। आरोपी प्रोफेसर के साथ पीड़ित युवती 2011 में 4 महीने के लिए कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर आईआईटी जोधपुर में काम भी किया था। इसके बाद वह शादी के बाद दिल्ली चली आई थी। घटना के वक्त पीड़िता की आयु 35 वर्षीय व आरोपी की आयु 45 वर्षीय थी।