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भूखंडों के आवंटन में भ्रष्टाचार, नोएडा प्राधिकरण का प्रबंधक निलंबित

Fri, 08 Jul 2022 01:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jul 2022 01:15 AM IST
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Corruption in allotment of plots, manager of Noida Authority suspended
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के प्रबंधक (विद्युत/यांत्रिकी) गौरव बंसल को शासन ने बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया। गौरव पर परिचितों को फायदा पहुंचाने के लिए ग्रेटर नोएडा में किसानों के पुराने भूखंड का आवंटन निरस्त करने और नियोजित भूखंड आवंटित करने का आरोप है। शासन ने इसे नियमों के खिलाफ माना और अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की ओर से निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
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गौरव बंसल पर आरोप है कि 2017-18 में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कृषक आबादी विभाग में प्रबंधक के पद पर तैनाती के दौरान उन्होंने तुस्याना ग्राम के कृषक आबादी के पुराने भूखंडों के आवंटन का निरस्तीकरण अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया था। साथ ही, बाद में नियोजित भूखंडों का आवंटन भी कर दिया गया। इसका सक्षम स्तर पर अनुमोदन नहीं कराया गया। इस मामले में आठ आवंटियों से दूरभिसंधि (जमीन के विवाद की स्थिति में बातचीत) कर अपने स्तर से पहले के आवंटित भूखंड निरस्त करते हुए संशोधित भूखंड का आवंटन पत्र जारी कर दिया। इससे आठों आवंटियों को नुकसान उठाना पड़ा।
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शासन का कहना है कि इस प्रकार का कदम जानबूझकर उठाया गया है और इसे नजदीकी लोगों को फायदा पहुंचाने की नियत से किया गया। इस तरह का काम यह दिखाता है कि अपने पद के दायित्व के मामले में घोर लापरवाही बरती गई। यही नहीं इससे कदाचार और भ्रष्टाचार भी दिखता है। इससे प्राधिकरण और सरकार की छवि धूमिल हुई है। गौरव का यह काम उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक कर्मचारी नियमावली 1956 का उल्लंघन है, जिसके लिए उनको प्रथमदृष्टया दोषी पाने के कारण निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की भी अनुशंसा की गई है।
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ऐसे होता है भूखंड आवंटन
किसानों से जमीन लेने के बाद उन्हें मुआवजा आदि देने के बाद छह प्रतिशत का विकसित भूखंड दिया जाता है। यहां नियम यह है कि नए भूखंड के मामले में आवंटन जारी होता है। इसमें नियोजन विभाजन के बाद कमेटी के हस्ताक्षर होते हैं। इसके बाद सीईओ की मंजूरी होती है। फिर भूखंड विकसित किया जाता है। कुछ प्लॉट वैसे भी होते हैं जो पहले से आवंटित होते हैं। उनकी लोकेशन आदि भी बदली होती है। उनका मिलान कर शुद्धि पत्र जारी किया जाता है और नई जगह आवंटन होता है। फिर आवंटन पत्र जारी किया जाता है। इस मामले में ही फर्जीवाड़े की शिकायत की गई है।

यह है फर्जीवाड़े का मामला
तुस्याना गांव में किसानों को भूखंड आवंटित किए गए थे। यह भूखंड अर्जित भूमि के बदले छह प्रतिशत विकसित भूखंड के थे, लेकिन कुछ समय बाद इनके भूखंडों का लेआउट बदल दिया गया। आठ किसानों का आरोप है कि उनकी पहले की काफी अच्छी जमीन किसी और को दी गई और उनका आवंटन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद नियमों को ताक पर रखकर परिचितों को आवंटन किया गया। उच्च स्तर पर किसी से अनुमोदन आदि भी नहीं लिया गया।
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