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बेबसी: अस्पताल में समय से बेड और दाखिला मिल जाता तो बच सकती थी मां की जान

Fri, 21 May 2021 09:52 AM IST
पूजा त्रिपाठी नेहा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
नेहा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 21 May 2021 09:52 AM IST
सार

मां को लेकर अस्पताल दर अस्पताल भटकने वाले बेटे ने बताई कहानी कि कैसे समय से इलाज मिलता तो आज उसकी मां जिंदा होती...

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Coronavirus noida sandeep kasan ordeal her mother dont get bed and treatment then died of covid
ज्ञानवती (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समय पर अस्पताल में दाखिला मिल जाता तो मेरी प्यारी मां ज्ञानवती आज हमारे बीच जिंदा होती। पहले तो ऑक्सीजन के लिए परेशान हुए और जब लोगों की मदद से ऑक्सीजन की व्यवस्था हुई तो तबीयत और बिगड़ने लगी। मां को ऑक्सीजन लगाकर कार में नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा के सभी अस्पतालों में दौड़ लगाई। लेकिन अंत में मां ज्ञानवती जीवन की जंग हार गई। बेड और इलाज न मिलने के कारण आज हमारे सिर से मां का साया उठ गया।

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मेरा नाम संदीप कसाना है। मैं अपने परिवार के साथ सेक्टर-पीथ्री ग्रेटर नोएडा में रहता हूं। 25 अप्रैल को मां ज्ञानवती-67 को बुखार आया था। जिसके बाद यथार्थ अस्पताल से दवाई दिलवाई और बुखार उतर गया। दो दिन तक कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन 28 अप्रैल को फिर से तबियत खराब हुई और अचानक सास लेने में दिक्कत होने लगी।
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28 की रात से ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए कंसंट्रेटर मंगाया और किसी तरह ऑक्सीजन लेवल को पूरा किया गया। लेकिन इसके बाद दिक्कत बढ़ने लगी। अस्पतालों में फोन करके बेड की जानकारी की लेकिन कहीं बेड नहीं मिला। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह से घर पर ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करके उनको ऑक्सीजन लेवल पूरा करने का प्रयास किया।
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एक मई की दोपहर को अचानक दिक्कत हुई और ऑक्सीजन सिलिंडर से भी सास लेने में परेशानी को सहन नहीं कर पाए। मां को ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ कार में बैठाया और जिम्स, शारदा, कैलाश, यथार्थ, निम्स और संजीवनी समेत नोएडा के कई अस्पतालों में चक्कर काटते रहे।


लेकिन किसी अस्पताल में कोई बेड नहीं मिला। जान पहचान के डॉक्टरों से फिर सलाह की तो कुछ दवा बदलने की बात कही। आनन-फानन में दवाओं को बदलकर नए सिरे से शुरू किया। लेकिन शाम को चार बजते ही भगवान ने मां के प्राण हर लिए। ज्ञानवती के परिवार में बेटा दो बेटे और दो बेटी हैं। उनके पति की पहले ही मौत हो चुकी है।

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