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Noida News: एल्डेको आमंत्रण के नोटिस बोर्ड पर नहीं लगी कोर्ट के आदेश की प्रति
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सोसाइटी में एओए विवाद को लेकर अनुपालन का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-119 स्थित एल्डेको आमंत्रण सोसाइटी में एओए विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन का मामला सामने आ रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पांच सितंबर को ही संबंधित पक्षों को आदेश की प्रति उपलब्ध करा दी गई थी। इसके बावजूद सोसाइटी के नोटिस बोर्ड पर अब तक यह नहीं लगाई गई है। रजिस्ट्रार निखिलेश राज का कहना है कि आदेश की प्रति भेजी जा चुकी है और अब इसे नोटिस बोर्ड पर लगाने की जिम्मेदारी संबंधित अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की है।
दरअसल, एल्डेको आमंत्रण में एओए के प्रबंधन और चुनाव को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोसाइटी के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। आदेश के अनुपालन में पूर्व एओए को सोसाइटी के डे-टू-डे ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य सौंपे जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाए जाने से निवासियों में नाराजगी है। निवासियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी सभी घर मालिकों को मिलनी चाहिए। इसके लिए आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर लगाने के साथ ही माई गेट पर भी साझा की जानी चाहिए। उनका कहना है कि मामला किसी एओए की जीत या हार का नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश के पारदर्शी तरीके से अनुपालन का है। नोफा के संस्थापक सदस्य राजीव सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश सोसाइटी में पारदर्शिता, संस्थागत जवाबदेही और निवासियों की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-119 स्थित एल्डेको आमंत्रण सोसाइटी में एओए विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन का मामला सामने आ रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पांच सितंबर को ही संबंधित पक्षों को आदेश की प्रति उपलब्ध करा दी गई थी। इसके बावजूद सोसाइटी के नोटिस बोर्ड पर अब तक यह नहीं लगाई गई है। रजिस्ट्रार निखिलेश राज का कहना है कि आदेश की प्रति भेजी जा चुकी है और अब इसे नोटिस बोर्ड पर लगाने की जिम्मेदारी संबंधित अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की है।
दरअसल, एल्डेको आमंत्रण में एओए के प्रबंधन और चुनाव को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोसाइटी के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। आदेश के अनुपालन में पूर्व एओए को सोसाइटी के डे-टू-डे ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कार्य सौंपे जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाए जाने से निवासियों में नाराजगी है। निवासियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी सभी घर मालिकों को मिलनी चाहिए। इसके लिए आदेश की प्रति नोटिस बोर्ड पर लगाने के साथ ही माई गेट पर भी साझा की जानी चाहिए। उनका कहना है कि मामला किसी एओए की जीत या हार का नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश के पारदर्शी तरीके से अनुपालन का है। नोफा के संस्थापक सदस्य राजीव सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश सोसाइटी में पारदर्शिता, संस्थागत जवाबदेही और निवासियों की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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