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स्वच्छ सर्वेक्षण : टाॅप दस शहरों में शामिल नहीं हो सकी एमसीडी
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दस लाख से ज्यादा आबादी वाले 40 शहरों में 31वें स्थान पर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
स्वच्छ सर्वेक्षण में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। दस लाख से ज्यादा आबादी वाले देश के 40 शहरों में एमसीडी 31वें स्थान पर है। हालांकि, 2023 में एमसीडी को 6,115 अंक मिले थे जबकि इस बार 7,920 अंक मिले हैं। अंकों में बढ़ोतरी के पीछे की वजह कचरा उठान, निपटान, रिसाइक्लिंग, गीले-सूखे कचरे की अलग-अलग प्रोसेसिंग और जन-सहभागिता से जुड़े अभियानों को बताया गया है।
एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि एक साल में कई काम किए गए हैं। इसमें जोनल स्तर पर किए गए निरंतर निरीक्षण, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम, ओडीएफ प्लस की स्थिति को बनाए रखना, सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान शामिल है। साथ ही, कचरे से ऊर्जा और खाद बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। फिर भी प्रतियोगिता कड़ी थी। दूसरे शहरों में बेहतर प्रदर्शन किया है। इससे रैंकिंग ऊपर नहीं चढ़ सकी।
आप को बताया जिम्मेदार
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने एमसीडी की रैंकिंग में सुधार न होने के पीछे आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण आप सरकार के दौरान हुआ था। आप ने सफाई की दिशा में कोई कार्य नहीं किया। अगले वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में एमसीडी की रैंकिंग काफी अच्छी रहेगी। दिल्ली को साफ सुंदर बनाने के लिए भाजपा सरकारों की ओर से कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
स्वच्छ सर्वेक्षण में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। दस लाख से ज्यादा आबादी वाले देश के 40 शहरों में एमसीडी 31वें स्थान पर है। हालांकि, 2023 में एमसीडी को 6,115 अंक मिले थे जबकि इस बार 7,920 अंक मिले हैं। अंकों में बढ़ोतरी के पीछे की वजह कचरा उठान, निपटान, रिसाइक्लिंग, गीले-सूखे कचरे की अलग-अलग प्रोसेसिंग और जन-सहभागिता से जुड़े अभियानों को बताया गया है।
एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि एक साल में कई काम किए गए हैं। इसमें जोनल स्तर पर किए गए निरंतर निरीक्षण, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम, ओडीएफ प्लस की स्थिति को बनाए रखना, सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान शामिल है। साथ ही, कचरे से ऊर्जा और खाद बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। फिर भी प्रतियोगिता कड़ी थी। दूसरे शहरों में बेहतर प्रदर्शन किया है। इससे रैंकिंग ऊपर नहीं चढ़ सकी।
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आप को बताया जिम्मेदार
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने एमसीडी की रैंकिंग में सुधार न होने के पीछे आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण आप सरकार के दौरान हुआ था। आप ने सफाई की दिशा में कोई कार्य नहीं किया। अगले वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में एमसीडी की रैंकिंग काफी अच्छी रहेगी। दिल्ली को साफ सुंदर बनाने के लिए भाजपा सरकारों की ओर से कदम उठाने शुरू कर दिए गए हैं।
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