{"_id":"640eff85f3e2419388092d19","slug":"clash-between-farmers-and-police-at-noida-authority-2023-03-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Noida: किसानों ने प्राधिकरण पर बोला हल्ला, तीन बैरिकेट और दो गेट तोड़े, पुलिस से तीखी नोकझोंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida: किसानों ने प्राधिकरण पर बोला हल्ला, तीन बैरिकेट और दो गेट तोड़े, पुलिस से तीखी नोकझोंक
Mon, 13 Mar 2023 04:18 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 13 Mar 2023 04:18 PM IST
सार
नोएडा प्राधिकरण पर किसानों और पुलिस अफसरों की तीखी नोकझोंक की खबर है। किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। जिसके चलते किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए।
विज्ञापन
किसानों ने नोएडा प्राधिकरण पर हल्ला बोला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय किसान परिषद के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों किसानों ने सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर हल्ला बोल दिया। हरौला के बरात घर से प्राधिकरण कार्यालय की ओर बढ़ रहे किसानों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तीखी नोकझोंक हुई। तीन बैरिकेड और दो गेट तोड़ते हुए बड़ी संख्या में किसान प्राधिकरण कार्यालय के सामने पहुंचे। दिनभर की गहमागहमी के बीच नोएडा प्राधिकरण की सीईओ के साथ वार्ता के बाद किसान लौट गए। हालांकि 15 दिन में मांगे पूरी नहीं होने पर किसानों ने दोबारा धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
सोमवार दोपहर 12 बजे आक्रोशित किसान हरौला के बारात घर पर इकट्ठा हुए। यहां प्राधिकरण के भूलेख विभाग के कुछ अधिकारी पहुंचे और किसानों को मनाने की कोशिश की। लेकिन किसान नहीं माने। उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्राधिकरण अधिकारियों को वहां से जाने को मजबूर कर दिया। दोपहर करीब 1:30 बजे भारत माता का जयघोष करते हुए महिला, पुरूष, युवा और बुजुर्ग किसान प्राधिकरण कार्यालय की ओर निकल पड़े। रास्ते में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात दिखी। एडीसीपी विशाल पांडेय, एडीसीपी शक्ति अवस्थी, एसीपी रजनीश वर्मा और पुलिस अधिकारियों ने किसानों को बीच रास्ते में रोकने की कोशिश की। लेकिन किसानों को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हुई। पुलिस के साथ किसानों की कई बार नोकझोंक हुई। तिरंगे के साथ किसानों का रेला प्राधिकरण कार्यालय की ओर बढ़ता रहा। आखिरी गेट तोड़ने के बाद किसानों ने प्राधिकरण कार्यालय की ओर दौड़ लगा दी।
विज्ञापन
धरना स्थल पर पहुंचने के बाद परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा और पुलिस के आलाधिकारियों के बीच एक बार फिर से तीखी नोंकझोंक हुई। पुलिस की ओर से सुखबीर खलीफा से किसानों को रोकने की अपील की जाती रही। भीड़ को आक्रोशित देखकर मौके पर एडिशनल सीपी रविशंकर छवि भी पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित किसानों को समझाने बुझाने की कोशिश की। इसी दौरान कमांडो भी बुला लिए गए। फिर सुखबीर खलीफा के आग्रह के बाद किसान धरना स्थल पर शांति से बैठे। इस मौके पर अशोक चौहान, अनूप, राघव, सौरव, आजाद, सत ईश्वर शर्मा, चरण सिंह प्रधान, जयपाल मास्टर, जय वीर प्रधान, सुशील प्रधान, सोनू पहलवान, सतवीर आर्य, जयप्रकाश आर्य समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
काफी समझाने के बाद किसान वार्ता के लिए हुए तैयार
धरना प्रदर्शन के दौरान सुखबीर खलीफा ने सभी गांवों के एक-एक प्रतिनिधियों के साथ मौके पर ही बैठक की। बैठक में एकराय बनाते हुए किसान प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए तैयार हुए। हालांकि शुरू में किसान वार्ता के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि इस तरह की वार्ता वह कई बार कर चुके हैं और उनको आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। एक बार सांसद और विधायक भी मौके पर पहुंचकर वार्ता करा गए। लेकिन वहां भी कोई परिणाम नहीं निकला।
एक बार लौटे, बाद में सीईओ के साथ हुई दो घंटे की वार्ता
किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण के अधिकारी वार्ता के लिए लेकर किसानों को कार्यालय में गए। लेकिन वहां सीईओ से वार्ता नहीं कराकर एसीईओ के साथ वार्ता करने को कहा गया। इसके बाद किसान भड़क गए। वह केवल सीईओ से वार्ता के लिए अड़े रहे। किसान वार्ता का बहिष्कार करते हुए वापस धरना स्थल पर पहुंचे। एक बार फिर से नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी किसानों को मनाने धरना स्थल पर पहुंचे। फिर किसान सीईओ के साथ वार्ता के लिए पहुंचे। यहां सीईओ के साथ करीब दो घंटे बैठक चली।
10 प्रतिशत विकसित आबादी समेत सभी मुद्दों पर हुई बातचीत
किसानों का कहना है कि सीईओ के साथ सकारात्मक वार्ता हुई। किसानों ने अपने सभी मुद्दों पर सीईओ के साथ बातचीत की। इसमें जमीन देने के बदले 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट देने, आबादी का निस्तारण करने, मूल पांच प्रतिशत प्लॉट के लिए अलग सेक्टर, खेलों के लिए बजट प्रावधान, गांवों में भवनों की ऊंचाई बढ़ाने, मूल किसानों को लाभ देने, लौटाई गई जमीन को विकसित करने, मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने और पुस्तकालय बनाने की मांग की गई।
जन-जागरण अभियान चलाएंगे किसान
किसानों का कहना है कि वह गांव-गांव जाकर जन-जागरण अभियान चलाएंगे। अभियान के दौरान वह प्राधिकरण की नीतियों के बारे में लोगों को बताएंगे। उनका मकसद किसानों को हर हाल में एकजुट रखना होगा। ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।
वादाखिलाफी पर एफआईआर दर्ज करने को प्रार्थना पत्र
सुखबीर खलीफा ने 29 दिसंबर 2021 को किए गए वादे को पूरा नहीं करने पर प्राधिकरण अधिकारियों व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। पत्र में बताया गया कि उनको कई बार समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। लेकिन अब तक कोई भी काम नहीं किया गया।
धरना प्रदर्शन के दौरान सुखबीर खलीफा ने सभी गांवों के एक-एक प्रतिनिधियों के साथ मौके पर ही बैठक की। बैठक में एकराय बनाते हुए किसान प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए तैयार हुए। हालांकि शुरू में किसान वार्ता के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि इस तरह की वार्ता वह कई बार कर चुके हैं और उनको आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। एक बार सांसद और विधायक भी मौके पर पहुंचकर वार्ता करा गए। लेकिन वहां भी कोई परिणाम नहीं निकला।
एक बार लौटे, बाद में सीईओ के साथ हुई दो घंटे की वार्ता
किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण के अधिकारी वार्ता के लिए लेकर किसानों को कार्यालय में गए। लेकिन वहां सीईओ से वार्ता नहीं कराकर एसीईओ के साथ वार्ता करने को कहा गया। इसके बाद किसान भड़क गए। वह केवल सीईओ से वार्ता के लिए अड़े रहे। किसान वार्ता का बहिष्कार करते हुए वापस धरना स्थल पर पहुंचे। एक बार फिर से नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी किसानों को मनाने धरना स्थल पर पहुंचे। फिर किसान सीईओ के साथ वार्ता के लिए पहुंचे। यहां सीईओ के साथ करीब दो घंटे बैठक चली।
10 प्रतिशत विकसित आबादी समेत सभी मुद्दों पर हुई बातचीत
किसानों का कहना है कि सीईओ के साथ सकारात्मक वार्ता हुई। किसानों ने अपने सभी मुद्दों पर सीईओ के साथ बातचीत की। इसमें जमीन देने के बदले 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट देने, आबादी का निस्तारण करने, मूल पांच प्रतिशत प्लॉट के लिए अलग सेक्टर, खेलों के लिए बजट प्रावधान, गांवों में भवनों की ऊंचाई बढ़ाने, मूल किसानों को लाभ देने, लौटाई गई जमीन को विकसित करने, मल्टी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने और पुस्तकालय बनाने की मांग की गई।
जन-जागरण अभियान चलाएंगे किसान
किसानों का कहना है कि वह गांव-गांव जाकर जन-जागरण अभियान चलाएंगे। अभियान के दौरान वह प्राधिकरण की नीतियों के बारे में लोगों को बताएंगे। उनका मकसद किसानों को हर हाल में एकजुट रखना होगा। ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।
वादाखिलाफी पर एफआईआर दर्ज करने को प्रार्थना पत्र
सुखबीर खलीफा ने 29 दिसंबर 2021 को किए गए वादे को पूरा नहीं करने पर प्राधिकरण अधिकारियों व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। पत्र में बताया गया कि उनको कई बार समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। लेकिन अब तक कोई भी काम नहीं किया गया।