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डीएनए रिपोर्ट तक लखनावली के दंपती के पास रहेगा मासूम
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डीएनए रिपोर्ट तक लखनावली के दंपती के पास रहेगा मासूम
ग्रेटर नोएडा। दो मां के दावे के बीच फंसे दो साल के मासूम का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने और मामले में डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला के हस्तक्षेप के बाद हापुड़ पुलिस अलर्ट हो गई। शनिवार को हापुड़ पुलिस बच्चा छीनने का आरोप लगाने वाले दंपती के लखनावली गांव स्थित घर पहुंची। वहीं, दंपती धौलाना थाने पहुंचे। लेकिन, जिस परिवार पर बच्चा छीनने का आरोप था, वह नहीं मिला। हापुड़ पुलिस ने कहा है कि बच्चे को डीएनए रिपोर्ट आने तक लखनावली निवासी दंपती के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर बच्चे की सुपुर्दगी दी जाएगी।
लखनावली निवासी दंपती धर्मेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी पुष्पा ने आरोप लगाया था कि हापुड़ के धौलाना थानाक्षेत्र के गांव खिचरा निवासी परिवार ने उनके दो साल के बेटे विहान को जबरन छीन लिया। दंपती ने मामले की शिकायत डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला से शुक्रवार को थी। डीसीपी ने मामला संज्ञान में आते ही हापुड़ पुलिस से संपर्क कर बच्चे और उनके परिजन का डीएनए कराने के लिए निर्देशित किया था। पूरे मामले का समाचार अमर उजाला ने शनिवार को ‘दो महिलाओं ने किया दो साल के मासूम की मां होने का दावा’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होते ही हापुड़ पुलिस शनिवार दोपहर डेढ़ बजे शिकायत करने वाले दंपती से मिलने लखनावली पहुंच गई। हालांकि, इससे पहले डीसीपी वृंदा शुक्ला के कहने पर दंपती धौलाना के लिए रवाना हो गए थे। दोपहर दो बजे वह धौलाना थाने पहुंच गए। धौलाना पुलिस ने उस परिवार से संपर्क किया, जिस पर बच्चा छीनने का आरोप लगा था। लेकिन, उनके नहीं मिलने पर लखनावली के दंपती को शनिवार रात तक आकर बच्चे की सुपुर्दगी लेने की बात कहकर भेज दिया गया। धौलाना एसओ रामरत्न ने बताया कि बच्चे को लेकर विवाद है। डीएनए रिपोर्ट आने तक फिलहाल बच्चे को लखनावली के दपंती को सौंप दिया जाएगा। सीओ पिलखुवा अशोक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि दोनों महिलाएं बच्चे को अपना बता रही हैं। लखनावली के दंपती ने बच्चा दो साल पहले झाड़ियों में मिलने की बात स्वीकारी है। फिलहाल बच्चा लखनावली निवासी महिला के पास रह रहा है। इसलिए उन्हीं के सुपुर्द किया जाएगा। डीएनए रिपोर्ट के आधार बच्चे की सुपुर्दगी दी जाएगी।
धौलाना थाने में सितंबर 2018 में दर्ज हुई थी बच्चा चोरी की रिपोर्ट
जिस परिवार पर लखनावली के दंपती ने बच्चा छीनने का आरोप लगाया है, उस परिवार की महिला के पिता ने सितंबर 2018 में बच्चा चोरी का केस हापुड़ के धौलाना थाने में दर्ज कराया था। खास बात यह है कि मामले में बिहार के एक व्यक्ति को नामजद किया गया था। वहीं, केस बच्चा चोरी की घटना के लगभग दो माह बाद दर्ज कराया गया था। लखनावली निवासी दंपती के अधिवक्ता रजनीश यादव ने बताया कि धौलाना थाने में 4 सितंबर 2018 को खिचरा गांव के व्यक्ति ने केस दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि 11 जुलाई 2018 की रात उनकी बेटी का लगभग तीन माह का बेटा चोरी कर लिया गया। घटना के वक्त के महिला मायके में थी। केस में बिहार के भागलपुर निवासी शीलो को नामजद किया गया था। वहीं, लखनावली के दंपती के पास बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र है। उसमें जन्मतिथि 29 जून 2018 लिखी है। जिस दिन बच्चा चोरी का केस थाने में दर्ज है, इसके दो दिन बाद यानी 13 जुलाई 2018 को लखनावली के दंपती ने बीमार होने पर बच्चे को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के पर्चे में उसकी आयु जन्म प्रमाण पत्र के हिसाब से ही लिखी है। लखनावली के दंपती का कहना है कि उन्हें डीएनए रिपोर्ट से ऐतराज नहीं है। वह इसके लिए तैयार हैं।
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एक बच्चे पर उमड़ रही दो धर्म की महिलाओं की ममता
पूरे मामले में खास बात यह है कि दो साल के मासूम की मां होने का दावा कर रहीं दोनों महिलाएं अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखती हैं। इसके बावजूद दोनों की ममता बच्चे पर उमड़ रही है। एक तरफ असामाजिक तत्व धर्म के आधार पर एक-दूसरे से नफरत करने लगते हैं। लेकिन, मां की ममता के बीच धर्म के भेदभाव का नामोनिशान तक नहीं है।
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ग्रेटर नोएडा। दो मां के दावे के बीच फंसे दो साल के मासूम का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने और मामले में डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला के हस्तक्षेप के बाद हापुड़ पुलिस अलर्ट हो गई। शनिवार को हापुड़ पुलिस बच्चा छीनने का आरोप लगाने वाले दंपती के लखनावली गांव स्थित घर पहुंची। वहीं, दंपती धौलाना थाने पहुंचे। लेकिन, जिस परिवार पर बच्चा छीनने का आरोप था, वह नहीं मिला। हापुड़ पुलिस ने कहा है कि बच्चे को डीएनए रिपोर्ट आने तक लखनावली निवासी दंपती के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर बच्चे की सुपुर्दगी दी जाएगी।
लखनावली निवासी दंपती धर्मेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी पुष्पा ने आरोप लगाया था कि हापुड़ के धौलाना थानाक्षेत्र के गांव खिचरा निवासी परिवार ने उनके दो साल के बेटे विहान को जबरन छीन लिया। दंपती ने मामले की शिकायत डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला से शुक्रवार को थी। डीसीपी ने मामला संज्ञान में आते ही हापुड़ पुलिस से संपर्क कर बच्चे और उनके परिजन का डीएनए कराने के लिए निर्देशित किया था। पूरे मामले का समाचार अमर उजाला ने शनिवार को ‘दो महिलाओं ने किया दो साल के मासूम की मां होने का दावा’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होते ही हापुड़ पुलिस शनिवार दोपहर डेढ़ बजे शिकायत करने वाले दंपती से मिलने लखनावली पहुंच गई। हालांकि, इससे पहले डीसीपी वृंदा शुक्ला के कहने पर दंपती धौलाना के लिए रवाना हो गए थे। दोपहर दो बजे वह धौलाना थाने पहुंच गए। धौलाना पुलिस ने उस परिवार से संपर्क किया, जिस पर बच्चा छीनने का आरोप लगा था। लेकिन, उनके नहीं मिलने पर लखनावली के दंपती को शनिवार रात तक आकर बच्चे की सुपुर्दगी लेने की बात कहकर भेज दिया गया। धौलाना एसओ रामरत्न ने बताया कि बच्चे को लेकर विवाद है। डीएनए रिपोर्ट आने तक फिलहाल बच्चे को लखनावली के दपंती को सौंप दिया जाएगा। सीओ पिलखुवा अशोक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि दोनों महिलाएं बच्चे को अपना बता रही हैं। लखनावली के दंपती ने बच्चा दो साल पहले झाड़ियों में मिलने की बात स्वीकारी है। फिलहाल बच्चा लखनावली निवासी महिला के पास रह रहा है। इसलिए उन्हीं के सुपुर्द किया जाएगा। डीएनए रिपोर्ट के आधार बच्चे की सुपुर्दगी दी जाएगी।
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धौलाना थाने में सितंबर 2018 में दर्ज हुई थी बच्चा चोरी की रिपोर्ट
जिस परिवार पर लखनावली के दंपती ने बच्चा छीनने का आरोप लगाया है, उस परिवार की महिला के पिता ने सितंबर 2018 में बच्चा चोरी का केस हापुड़ के धौलाना थाने में दर्ज कराया था। खास बात यह है कि मामले में बिहार के एक व्यक्ति को नामजद किया गया था। वहीं, केस बच्चा चोरी की घटना के लगभग दो माह बाद दर्ज कराया गया था। लखनावली निवासी दंपती के अधिवक्ता रजनीश यादव ने बताया कि धौलाना थाने में 4 सितंबर 2018 को खिचरा गांव के व्यक्ति ने केस दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि 11 जुलाई 2018 की रात उनकी बेटी का लगभग तीन माह का बेटा चोरी कर लिया गया। घटना के वक्त के महिला मायके में थी। केस में बिहार के भागलपुर निवासी शीलो को नामजद किया गया था। वहीं, लखनावली के दंपती के पास बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र है। उसमें जन्मतिथि 29 जून 2018 लिखी है। जिस दिन बच्चा चोरी का केस थाने में दर्ज है, इसके दो दिन बाद यानी 13 जुलाई 2018 को लखनावली के दंपती ने बीमार होने पर बच्चे को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के पर्चे में उसकी आयु जन्म प्रमाण पत्र के हिसाब से ही लिखी है। लखनावली के दंपती का कहना है कि उन्हें डीएनए रिपोर्ट से ऐतराज नहीं है। वह इसके लिए तैयार हैं।
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एक बच्चे पर उमड़ रही दो धर्म की महिलाओं की ममता
पूरे मामले में खास बात यह है कि दो साल के मासूम की मां होने का दावा कर रहीं दोनों महिलाएं अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखती हैं। इसके बावजूद दोनों की ममता बच्चे पर उमड़ रही है। एक तरफ असामाजिक तत्व धर्म के आधार पर एक-दूसरे से नफरत करने लगते हैं। लेकिन, मां की ममता के बीच धर्म के भेदभाव का नामोनिशान तक नहीं है।