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नर हो, न निराश करो मन को.... नंबर ही जीवन नहीं, बल्कि नंबर के आगे भी जीवन है....

Fri, 03 May 2019 01:21 PM IST
Trainee Trainee मनोज कुमार, नोएडा। 
मनोज कुमार, नोएडा।  Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 03 May 2019 01:21 PM IST
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CBSE results 2019: Marks are important but not the end of carrier
CBSE - फोटो : File Photo

सीबीएससी ने 12वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इसमें कुछ छात्र-छात्राओं का रिजल्ट अच्छा नहीं रहा तो वह हताश न हों। ऐसा नहीं है कि अधिक नंबर पाने वाले छात्र-छात्राएं ही आईएएस या आईपीएस और डॉक्टर बन सकते हैं। बल्कि कम नंबर वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी बहुत अवसर हैं। वह भी सिविल सर्विसेज में करियर बना सकते हैं। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर 12वीं के नंबर ज्यादा महत्व नहीं रखते हैं। ये सीख शिक्षाविदों ने दी है। 

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प्रत्येक छात्र जिले या प्रदेश अथवा देश का टॉपर नहीं हो सकता है। चंद छात्र-छात्राएं ही अच्छा प्रदर्शन करते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि बच्चे ने सही से अभ्यास न किया हो और उम्मीद अधिक लगा ली हो। वह हताश न हो और स्नातक करने के बाद वह अपने करियर को विकास की ओर ले जा सकते हैं। 12वीं के बाद कई ऐसे विकल्प हैं, जिनसे करियर शुरू किया जा सकता है और गलतियों को सुधारकर आगे बढ़ा जा सकता है। अभिभावक बच्चों के साथ धैर्य से बात करें और उनकी क्षमता व विषय की दिलचस्पी का ध्यान रखकर ही उनको भविष्य चुनने दें। 
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- नरेंद्र कुमार भड़ाना, शिक्षाविद् आक्सफोर्ड स्कूल

जीवन की शुरुआत है, उसे खत्म न करें
अक्सर देखा जाता है कि अभिभावक बच्चों पर अच्छे नंबर लाने के लिए दबाव बनाते हैं। इससे बच्चे तनाव में आ जाते हैं और जो वह कर सकते थे उतना भी नहीं कर पाते हैं। अभिभावकों को बच्चों से ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। यदि तनाव में है तो उसका भी इलाज कराएं। बच्चों को किसी भी कार्य के लिए ग्लानि पैदा न करें, बल्कि उनको बढ़ावा दें। यह जीवन की शुरुआत है अंत नहीं। नींद न आने या पढ़ाई में मन न लगें तो मनोचिकित्सक या काउंसलर को भी दिखाएं।
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- डॉ. कुनाल कुमार, मनोवैज्ञानिक, शारदा अस्पताल

50 से 70 फीसदी वाले छात्र अपना सकते हैं यह विकल्प
यदि आप हिंदी के छात्र रहे हैं तो आज भी सरकारी कार्यालयों में हिंदी अधिकारी की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही कंपनियों में भी अनुवादक के पद होते हैं और वहां पर हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद करने का काम होता है। इसके  लिए कंपनियां अच्छा वेतन भी देती हैं। 50 से 70 फीसदी अंक पाने वाले छात्र-छात्राएं यह विकल्प अपना सकते हैं। 
  • अन्य विकल्प भी खुले हैं
  • 12वीं के बाद 5 वर्षीय एलएलबी कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इसके लिए प्रवेश परीक्षा होती है। जहां 12वीं पास होना अनिवार्य है। विद्यार्थी अधिवक्ता बनकर समाज सेवा और अपना करियर भी अच्छा बना सकते हैं।
  • इंटीरियर डिजाइनर के अलावा अध्यापक बनने के लिए भी जेबीटी या बीटीसी का कोर्स किया जा सकता है। 
  • छात्र ने पीसीएम से पढ़ाई की है तो वह हेल्थकेयर में भविष्य बना सकते हैं, मौजूदा समय में डाइटीशियन का बड़ा स्कोप है।
  • पीसीबी के बाद यदि आप मेडिकल की परीक्षा पास नहीं कर सकते हैं तो बीफार्मा, ऑपरेशन थियेटर या लैब असिस्टेंट समेत कई ऐसे कोर्स हैं, जिनसे मेडिकल के  क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है।
  • कामर्स से पढ़ाई की है तो भी वकालत के पेशे को चुन सकते हैं और इसमें सीए बनने के लिए परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। कंपनियों में सेक्रेटरी के लिए भी प्रयास कर सकते हैं। कई कंपनी समस्याओं को निपटाने के लिए अधिवक्ता पैनल भी रखती हैं।
  • ह्यूमिनिटीज(कलावर्ग) के छात्र-छात्रा यूपीएससी की परीक्षा देकर अपना भविष्य बना सकते हैं और सिविल सर्विसेज की तैयारी कर सकते हैं। 
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