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Noida News: सीबीआई को सुपरटेक परियोजनाओं की प्रारंभिक जांच के आदेश

Tue, 29 Apr 2025 10:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 29 Apr 2025 10:06 PM IST
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CBI ordered to conduct preliminary probe into Supertech projects
-सुपरटेक के खरीदारों ने दायर की थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका
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-सबवेंशन स्कीम के तहत धनराशि में गड़बड़ी का है आरोप


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सुपरटेक लिमिटेड की परियोजनाओं में सबवेंशन स्कीम के तहत मिली धनराशि की प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिया है। जांच में पता लगाया जाएगा कि कितना पैसा आया और कहां-कहां पर प्रयोग हुआ। खरीदारों का कहना है कि जांच से बिल्डर-बैंकों के गठजोड़ खरीदारों के साथ गड़बड़ी का खुलासा होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ/प्रशासकों, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान और आरबीआई को निर्देश दिया कि वे एसआईटी को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए एक सप्ताह के भीतर अपने एक नोडल अधिकारी को अधिसूचित करना होगा। याचिकाकर्ता आयोग रस्तोगी ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सुपरटेक और बैंकों की सबवेंशन स्कीम में मिलीभगत को देखते हुए सीबीआई, कैग और हाउसिंग मंत्रालय को जांच शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने बताया, इस फैसले से सुपरटेक के 16 प्रोजेक्ट के लगभग 30 हजार से अधिक खरीदारों को राहत मिलेगी। जो पैसा बैंको ने बिल्डर को कंस्ट्रक्शन के लिए दिया। उसका कहां कहां दुरुपयोग हुआ उसका भी पता चलेगा। उन्होंने बताया, शीर्ष अदालत में कई घर खरीदारों की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिन्होंने एनसीआर क्षेत्र विशेष रूप से नोएडा, ग्रेनो के विभिन्न आवास परियोजनाओं में सब्सिडी योजनाओं के तहत फ्लैट बुक किए थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि फ्लैटों पर कब्जा नहीं होने के बावजूद बैंकों द्वारा उन्हें ईएमआई का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
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क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हजारों फ्लैट खरीदने वालों की याचिकाएं आईं थीं। जिसमें आरोप लगाया कि उन्होंने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम जैसे इलाकों में सुपरटेक और अन्य बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बुक कराए थे। बुकिंग सबवेंशन स्कीम के तहत की गई थी, जिसमें बैंक बिल्डर को 60-70% लोन की रकम सीधे दे देते थे, लेकिन फ्लैट समय पर नहीं बने और अब बैंक उनसे ईएमआई वसूल रहे हैं, जबकि उन्हें अभी तक फ्लैट का कब्जा नहीं मिला है।
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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फंसे है करीब 10 हजार खरीदार

सुपरटेक के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्रोजेक्टों में करीब 10 हजार खरीदार फंसे हैं। इन खरीदारों ने सबवेंशन स्कीम के तहत फ्लैट खरीदा था, लेकिन अब तक कब्जा नहीं मिला है। खरीदार परेशान हैं। उनके नाम पर बैंक से लोन ले लिया गया, लेकिन वह धनराशि प्रोजेक्ट में नहीं लगाई गई। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खरीदारों को उनके पैसे की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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