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नोटकी गांव का डिलीवरी हट बना चारा गोदाम, बंधे रहते हैं मवेशी

Sun, 27 Sep 2020 11:30 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 11:30 PM IST
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Cattle fodder stored in delivery hut
नोटकी। एक वक्त था जब मॉडल डिलीवरी हट नोटकी का नाम जिला ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा प्रदेश में मशहूर था। उसी मॉडल से प्रेरित होकर केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत के तहत मॉडल डिलीवरी हट बनाने का सपना देखा, लेकिन इन दिनों आदर्श गांव नोटकी के मॉडल डिलीवरी हट पर ताला लगा हुआ है। गर्भवती महिलाएं यहां इलाज के लिए नहीं आती हैं क्योंकि परिसर में मवेशी बंधे रहते हैं और कमरों में चारा भरा हुआ है, मुख्य द्वार भी टूटा है। कब्जों के कारण पूरा भवन खंडहर जैसा लगता है। ऐसा नहीं है कि ग्राम पंचायत नोटकी ने इस डिलीवरी हट को चालू कराने के लिए जद्दोजहद नहीं की बल्कि कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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संस्थागत प्रसव को ध्यान में रखते हुए साल 2008 में सहगल फाउंडेशन ने इसका निर्माण कराया था। 28 मार्च 2009 को जिला स्वास्थ्य विभाग ने यहां जच्चा-बच्चा की देखभाल और प्रसव की जिम्मेदारी तत्कालीन एएनएम कर्मचारी श्यामवती देवी को सौंपी थी, जो साल 2015 तक लगातार यहां काम करती रही। उसके तबादले के बाद से ही यहां किसी भी एएनएम की नियुक्ति नहीं हुई और ताला लगा दिया गया। 2011 में हरियाणा प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के वित्त आयुक्त एवं प्रधान सचिव ने तत्कालीन सिविल सर्जन और जिला उपायुक्त के साथ इस डिलीवरी हट का दौरा भी किया था।
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मेवात विकास सभा ने कई बार ग्राम पंचायत के साथ मिलकर सिविल सर्जन और उपायुक्त से डिलीवरी हट को शुरू कराने की मांग की, लेकिन अधिकारी सुन नहीं रहे हैं। पिछले 5 साल से डिलीवरी हट बंद है।
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सलामुद्दीन नोटकी, मेवात विकास सभा
नोटकी गांव का एक जागरूक व्यक्ति होने पर मैंने कई बार सरपंच के साथ जाकर सीएमओ से इस जच्चा-बच्चा केंद्र को दोबारा शुरू कराने के लिए गुजारिश की, लेकिन अभी तक किसी ने ध्यान नहीं दिया है।
मुबारिक नोटकी, अध्यक्ष युवा कांग्रेस नूह
2010-11 में मुझे जिले का सीएमओ बनने का सौभाग्य मिला। एनजीओ द्वारा बनाई नोटकी गांव की इस डिलीवरी हट पर एएनएम की ड्यूटी लगाई। पांच साल में हजारों डिलीवरी हुए थीं।
डॉ. केएस राव, पूर्व सीएमओ
मेरी कोशिश लगातार जच्चा-बच्चा केंद्र को शुरू कराने की है। कई बार शिकायतें दी है। स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखी है। आशा है कि जल्द ही अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे।

महमूद रिजवान, सरपंच नोटकी
लिखित शिकायत नहीं मिली है। तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में जांच कराई जाएगी और डिलीवरी हट को दोबारा शुरू कराया जाएगा। - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा
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