{"_id":"624ca14cac4c556fac78ea0c","slug":"buying-land-for-housing-in-greno-is-expensive-noida-news-noi6412246188","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेनो में आशियाने के लिए जमीन खरीदना हुआ मंहगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेनो में आशियाने के लिए जमीन खरीदना हुआ मंहगा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में आशियाना बनाने का सपना संजोए बैठे लोगों को प्राधिकरण ने जमीन की दरें बढ़ाकर झटका दिया है। प्राधिकरण ने ग्रेड ए से लेकर डी तक 4750 से 5700 रुपये प्रतिवर्ग मीटर तक दरें बढ़ा दी हैं। औद्योगिक, संस्थागत व आईटी भूखंडों के स्लैब में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। नई दरों पर प्राधिकरण बोर्ड ने मुहर लगा दी हैं, जो एक अप्रैल से ही लागू होंगी।
नई दरों से उन लोगों को तगड़ा झटका लगा है, जो प्लांट आवंटन योजना का इंतजार कर रहे थे। आवासीय, बिल्डर, वाणिज्यिक, हॉस्पिटल/ नर्सिंग होम्स, धार्मिक स्थल व दूध/सब्जी बूथ की श्रेणी वार दरें निर्धारित की गई हैं। बोर्ड के निर्णय के आधार पर अन्य विभागों की संपत्तियों की दरें भी शीघ्र जारी की जाएगा। औद्योगिक भूखंडों के आकार के हिसाब से पुराने छह स्लैब को तर्कसंगत बनाते हुए तीन स्लैब ए, बी व सी बनाए हैं। उद्योगों के लिए नए सेक्टरों में डी श्रेणी बनाई गई है। इससे ग्रेटर नोएडा में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावना बढ़ सकेंगी। इसी तरह संस्थागत व आईटी भूखंडों की भी आकार के हिसाब से तीन श्रेणियां बना दी गईं हैं। अब तक छह श्रेणी थी। हालांकि अभी आवासीय दरों को ही प्राधिकरण ने सार्वजनिक किया है बाकी आवंटन दरों पर गुणा-भाग चल रहा है।
विज्ञापन
नई दरों से उन लोगों को तगड़ा झटका लगा है, जो प्लांट आवंटन योजना का इंतजार कर रहे थे। आवासीय, बिल्डर, वाणिज्यिक, हॉस्पिटल/ नर्सिंग होम्स, धार्मिक स्थल व दूध/सब्जी बूथ की श्रेणी वार दरें निर्धारित की गई हैं। बोर्ड के निर्णय के आधार पर अन्य विभागों की संपत्तियों की दरें भी शीघ्र जारी की जाएगा। औद्योगिक भूखंडों के आकार के हिसाब से पुराने छह स्लैब को तर्कसंगत बनाते हुए तीन स्लैब ए, बी व सी बनाए हैं। उद्योगों के लिए नए सेक्टरों में डी श्रेणी बनाई गई है। इससे ग्रेटर नोएडा में बड़े औद्योगिक निवेश की संभावना बढ़ सकेंगी। इसी तरह संस्थागत व आईटी भूखंडों की भी आकार के हिसाब से तीन श्रेणियां बना दी गईं हैं। अब तक छह श्रेणी थी। हालांकि अभी आवासीय दरों को ही प्राधिकरण ने सार्वजनिक किया है बाकी आवंटन दरों पर गुणा-भाग चल रहा है।
विज्ञापन