{"_id":"68de9803afa9e77be505293b","slug":"burn-the-evils-within-as-well-president-noida-news-c-340-1-del1011-107202-2025-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीतर की बुराइयों का भी दहन करें : राष्ट्रपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीतर की बुराइयों का भी दहन करें : राष्ट्रपति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाल किला की श्री धार्मिक लीला कमेटी के दशहरा पर्व पर आयोजन में द्रोपदी मुर्मू ने की शिरकत
मुर्मू ने देशवासियों को सामाजिक सुधार व राष्ट्रीय एकता से जोड़कर नई दिशा दी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दशहरा पर्व के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को लाल किला स्थित माधव दास पार्क में श्री धार्मिक लीला कमेटी के आयोजन में शामिल होकर देशवासियों को सामाजिक सुधार व राष्ट्रीय एकता से जोड़कर नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी केवल प्रतीकात्मक पर्व नहीं बल्कि आत्मचिंतन और भीतर की बुराइयों का दहर करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
दशहरा बुराई पर अच्छाई, अहंकार पर विनम्रता और घृणा पर प्रेम की जीत का पर्व है। उन्होंने आतंकवाद को आज के युग का रावण बताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ मानवता की विजय का प्रतीक है। हर साल हम रावण का पुतला जलाते हैं लेकिन वह प्रतीक बार-बार जीवित हो उठता है। जरूरी है कि हम अपने अंदर की बुराइयों, लालच, अहंकार, घृणा और हिंसा का भी दहन करें ताकि वे फिर कभी सिर न उठा सकें। दशहरे का वास्तविक संदेश प्रेम, शांति और आनंद से भरे समाज का निर्माण है। राष्ट्रपति ने बारिश के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे दिल्लीवासियों का आभार जताते हुए कहा कि लोग इस पर्व से प्रेरणा लें और सुख-शांति व भाईचारे की नदियां बहाएं।
इधर, पीतमपुरा में श्री केशव रामलीला कमेटी के आयोजन में पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद अरुण सिंह ने कहा कि असत्य और अन्याय कितना भी प्रबल क्यों न हो अंत में विजय सदैव सत्य व धर्म की ही होती है। श्रीराम का जीवन आदर्श, त्याग और सेवा का प्रतीक है। आज समाज को रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुर्मू ने देशवासियों को सामाजिक सुधार व राष्ट्रीय एकता से जोड़कर नई दिशा दी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दशहरा पर्व के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को लाल किला स्थित माधव दास पार्क में श्री धार्मिक लीला कमेटी के आयोजन में शामिल होकर देशवासियों को सामाजिक सुधार व राष्ट्रीय एकता से जोड़कर नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी केवल प्रतीकात्मक पर्व नहीं बल्कि आत्मचिंतन और भीतर की बुराइयों का दहर करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
दशहरा बुराई पर अच्छाई, अहंकार पर विनम्रता और घृणा पर प्रेम की जीत का पर्व है। उन्होंने आतंकवाद को आज के युग का रावण बताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ मानवता की विजय का प्रतीक है। हर साल हम रावण का पुतला जलाते हैं लेकिन वह प्रतीक बार-बार जीवित हो उठता है। जरूरी है कि हम अपने अंदर की बुराइयों, लालच, अहंकार, घृणा और हिंसा का भी दहन करें ताकि वे फिर कभी सिर न उठा सकें। दशहरे का वास्तविक संदेश प्रेम, शांति और आनंद से भरे समाज का निर्माण है। राष्ट्रपति ने बारिश के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे दिल्लीवासियों का आभार जताते हुए कहा कि लोग इस पर्व से प्रेरणा लें और सुख-शांति व भाईचारे की नदियां बहाएं।
विज्ञापन
इधर, पीतमपुरा में श्री केशव रामलीला कमेटी के आयोजन में पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद अरुण सिंह ने कहा कि असत्य और अन्याय कितना भी प्रबल क्यों न हो अंत में विजय सदैव सत्य व धर्म की ही होती है। श्रीराम का जीवन आदर्श, त्याग और सेवा का प्रतीक है। आज समाज को रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिए उनके आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन