{"_id":"642c57486ca3b2ee8e031588","slug":"boxer-absconded-to-mexico-with-a-group-of-10-people-noida-news-c-340-1-del1011-9975-2023-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 10 लोगों के ग्रुप के साथ मैक्सिको फरार हुआ था बॉक्सर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 10 लोगों के ग्रुप के साथ मैक्सिको फरार हुआ था बॉक्सर
विज्ञापन
गैंगस्टर बॉक्सर गिरफ्तारी मामला: मैक्सिको से ही ताबड़तोड़ मांगी रंगदारी
- बॉक्सर का भाई रविंद्र पैसे न होने पर इस्तांबुल से आया था वापस
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। गैंगस्टर दीपक पहल उर्फ बॉक्सर अपने चचेरे भाई पहलवान रविंद्र के साथ मानव तस्करी गिरोह के जरिए 10 लोगों के ग्रुप में मैक्सिको गया था। इस गिरोह तक दिल्ली पुलिस पहुंच गई थी। पैसे का इंतजाम न होने पर उसने रविंद्र को इंस्तांबुल से वापस भेज दिया था। दिल्ली आते ही रविंद्र स्पेशल सेल के हत्थे चढ़ गया। रविंद्र को वापस बुलाने के लिए बॉक्सर ने मैक्सिको से ही ताबड़तोड़ रंगदारी मांगना शुरू कर दीं।
गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फर्जी कागजातों से अवैध रूप से विदेश भेजने वाले मानव तस्करी गिरोह के सदस्य बॉक्सर व रविंद्र समेत 10 लोगों को दुबई, अलमाती और इस्तांबुल-तुर्किए तक ले गए। यहां पर गिरोह के एजेंटों ने बताया कि आगे मैक्सिको जाने के लिए दो तरीके हैं। जो 40 लाख रुपये देता वह फ्लाइट से मैक्सिको ले जाया गया और जो 25 लाख देगा वह सड़क मार्ग से मैक्सिको ले जाया जाएगा। ऐसे में बॉक्सर ने उससे कहा कि वह जंगलों में कहां भटकेगा। वह वापस चला जाए। वह पैसे का इंतजाम कर उसे वापस मैक्सिको बुला लेगा। इसके बाद रविंद्र इंस्तांबुल से वापस भारत आ गया। वापस आते ही वह स्पेशल सेल के हत्थे चढ़ गया।
अधिकारी ने बताया कि बॉक्सर ने दिल्ली व एनसीआर में रंगदारी के लिए अब तक ढेरों कॉल की हैं। उसने पंजाबी बाग में एक ज्वेलर्स से एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर उसकी दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग करवाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दीपक पहल एक करोड़ रुपये से कम की रंगदारी नहीं मांगता । दिल्ली पुलिस ने बॉक्सर को मैक्सिको भेजने वाले व मानव तस्करी(डंकी) करने वाले एजेंट डॉन्कर को भी गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
अपराध शाखा भी पहुंच गई थी बॉक्सर तक
गैंगस्टर बॉक्सर को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ-साथ अपराध शाखा की टीम भी लगी हुई थी। अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि शाखा की टीम ने भी बॉक्सर को मैक्सिको में ट्रेस कर लिया था। सेल की टीमें भी काफी नजदीक थीं। ऐसे में दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने बॉक्सर को पकड़ने व भारत लाने की जिम्मेदारी स्पेशल सेल को सौंप दी। इसे लेकर प्रेसवार्ता के दौरान दोनों यूनिट के अफसरों के बीच हल्का तनाव दिखा।
विज्ञापन
- बॉक्सर का भाई रविंद्र पैसे न होने पर इस्तांबुल से आया था वापस
पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। गैंगस्टर दीपक पहल उर्फ बॉक्सर अपने चचेरे भाई पहलवान रविंद्र के साथ मानव तस्करी गिरोह के जरिए 10 लोगों के ग्रुप में मैक्सिको गया था। इस गिरोह तक दिल्ली पुलिस पहुंच गई थी। पैसे का इंतजाम न होने पर उसने रविंद्र को इंस्तांबुल से वापस भेज दिया था। दिल्ली आते ही रविंद्र स्पेशल सेल के हत्थे चढ़ गया। रविंद्र को वापस बुलाने के लिए बॉक्सर ने मैक्सिको से ही ताबड़तोड़ रंगदारी मांगना शुरू कर दीं।
गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फर्जी कागजातों से अवैध रूप से विदेश भेजने वाले मानव तस्करी गिरोह के सदस्य बॉक्सर व रविंद्र समेत 10 लोगों को दुबई, अलमाती और इस्तांबुल-तुर्किए तक ले गए। यहां पर गिरोह के एजेंटों ने बताया कि आगे मैक्सिको जाने के लिए दो तरीके हैं। जो 40 लाख रुपये देता वह फ्लाइट से मैक्सिको ले जाया गया और जो 25 लाख देगा वह सड़क मार्ग से मैक्सिको ले जाया जाएगा। ऐसे में बॉक्सर ने उससे कहा कि वह जंगलों में कहां भटकेगा। वह वापस चला जाए। वह पैसे का इंतजाम कर उसे वापस मैक्सिको बुला लेगा। इसके बाद रविंद्र इंस्तांबुल से वापस भारत आ गया। वापस आते ही वह स्पेशल सेल के हत्थे चढ़ गया।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि बॉक्सर ने दिल्ली व एनसीआर में रंगदारी के लिए अब तक ढेरों कॉल की हैं। उसने पंजाबी बाग में एक ज्वेलर्स से एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर उसकी दुकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग करवाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दीपक पहल एक करोड़ रुपये से कम की रंगदारी नहीं मांगता । दिल्ली पुलिस ने बॉक्सर को मैक्सिको भेजने वाले व मानव तस्करी(डंकी) करने वाले एजेंट डॉन्कर को भी गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
अपराध शाखा भी पहुंच गई थी बॉक्सर तक
गैंगस्टर बॉक्सर को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ-साथ अपराध शाखा की टीम भी लगी हुई थी। अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि शाखा की टीम ने भी बॉक्सर को मैक्सिको में ट्रेस कर लिया था। सेल की टीमें भी काफी नजदीक थीं। ऐसे में दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने बॉक्सर को पकड़ने व भारत लाने की जिम्मेदारी स्पेशल सेल को सौंप दी। इसे लेकर प्रेसवार्ता के दौरान दोनों यूनिट के अफसरों के बीच हल्का तनाव दिखा।