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Noida News: विदेशों में भी मिलेंगी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर की पुस्तकें
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I-एआईसीटीई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों के तहत यूनेस्को के प्रस्ताव के अनुरूप तैयार करवाई ई-बुक्स I
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I-विदेशी में रहने वाले लाखों छात्रों को लाभ, पाठ्यपुस्तकों में होने वाले बदलाव की समय पर जानकारी मिलेगी I
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIइंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और आर्किटेक्चर की किताबें अब विदेशों में भी मिलेंगी। विदेशों में रहने वाले भारतीय और विदेशी छात्रों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने तकनीकी कॉलेजों की पाठ्यपुस्तकों को विदेशों में उपलब्ध करवा दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के तहत एआईसीटीई ने क्रिएटिव कॉमन लाइसेंस की शुरुआत करते हुए हुए यूनेस्को के प्रस्ताव के अनुरूप ई-बुक्स को तैयार किया है। इससे लाखों विदेशी छात्रों को लाभ मिलेगा। I
Iएआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने बताया कि विदेशी छात्रों के लिए सुविधाजनक बनाते हुए एआईसीटीई ने क्रियेटिव कॉमन लाइसेंस (एट्रिब्यूशन-नॉन कमर्शियल-शेयर एलाइक 4.0) की शुरुआत की है। इस पहल के तहत एआईसीटीई की समस्त अध्ययन सामग्री अब भारत के साथ विदेशी छात्रों के लिए भी उपलब्ध होगी। इसे यूनेस्को के '' मुक्त शैक्षिक संसाधन(ओपन एजुकेशन रिसोर्स )'' नियमावली के अनुरूप तैयार किया गया है।II इस सुविधा से लाखों भारतीय और विदेशी छात्रों तक एआईसीटीई द्वारा निर्मित पठन सामग्री उपलब्ध होंगी। यह छात्रों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। यह सुविधा छात्रों को किसी भी माध्यम या प्रारूप में पाठन सामग्री को कॉपी और सुधार करने, बदलने और किसी भी ग़ैर-वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए उपयोग की अनुमति देती है।I
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Iई-कुम्भ पोर्टल पर उपलब्ध होंगी I
Iतकनीकी शिक्षा परिषद ने ई-कुम्भ पोर्टल पर सभी किताबों को ई-बुक्स के रूप में उपलब्ध करवाने का काम शुरू किया है। छात्र किताबों में बदलाव देखने के साथ-साथ सुधार भी कर सकेंगे। IIइन सारी पुस्तकों को बौद्धिक संपदा के अधिकार और कॉपीराइट के नियमों के अनुरूप विकसित किया गया है। हालांकि, इसके साथ आम छात्रों को भी उन पुस्तकों में सुधार, संशोधन व अन्य अधिकार भी दिए गए हैं। I
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तीसरे और चौथे वर्ष की किताबें 12 भाषाओं में मिलेंगी
Iई-कुंभ पोर्टल पर द्वितीय वर्ष की पुस्तकों को अंग्रेजी के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं में तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा तीसरे और चौथे वर्ष की किताबें अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ 12 अन्य भारतीय भाषाओं में तैयार की जाएंगी। इसमें IIहिंदी, ओडिया, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, पंजाबी, बंगाली, मराठी, गुजराती, असमिया, उर्दू और मलयालम आदि शामिल है। द्वितीय वर्ष में 88 पाठ्यक्रम, 42 डिग्री और 46 डिप्लोमा स्तर की किताबें हैं। I
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I-विदेशी में रहने वाले लाखों छात्रों को लाभ, पाठ्यपुस्तकों में होने वाले बदलाव की समय पर जानकारी मिलेगी I
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIइंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और आर्किटेक्चर की किताबें अब विदेशों में भी मिलेंगी। विदेशों में रहने वाले भारतीय और विदेशी छात्रों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने तकनीकी कॉलेजों की पाठ्यपुस्तकों को विदेशों में उपलब्ध करवा दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के तहत एआईसीटीई ने क्रिएटिव कॉमन लाइसेंस की शुरुआत करते हुए हुए यूनेस्को के प्रस्ताव के अनुरूप ई-बुक्स को तैयार किया है। इससे लाखों विदेशी छात्रों को लाभ मिलेगा। I
Iएआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टीजी सीताराम ने बताया कि विदेशी छात्रों के लिए सुविधाजनक बनाते हुए एआईसीटीई ने क्रियेटिव कॉमन लाइसेंस (एट्रिब्यूशन-नॉन कमर्शियल-शेयर एलाइक 4.0) की शुरुआत की है। इस पहल के तहत एआईसीटीई की समस्त अध्ययन सामग्री अब भारत के साथ विदेशी छात्रों के लिए भी उपलब्ध होगी। इसे यूनेस्को के '' मुक्त शैक्षिक संसाधन(ओपन एजुकेशन रिसोर्स )'' नियमावली के अनुरूप तैयार किया गया है।II इस सुविधा से लाखों भारतीय और विदेशी छात्रों तक एआईसीटीई द्वारा निर्मित पठन सामग्री उपलब्ध होंगी। यह छात्रों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। यह सुविधा छात्रों को किसी भी माध्यम या प्रारूप में पाठन सामग्री को कॉपी और सुधार करने, बदलने और किसी भी ग़ैर-वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए उपयोग की अनुमति देती है।I
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Iई-कुम्भ पोर्टल पर उपलब्ध होंगी I
Iतकनीकी शिक्षा परिषद ने ई-कुम्भ पोर्टल पर सभी किताबों को ई-बुक्स के रूप में उपलब्ध करवाने का काम शुरू किया है। छात्र किताबों में बदलाव देखने के साथ-साथ सुधार भी कर सकेंगे। IIइन सारी पुस्तकों को बौद्धिक संपदा के अधिकार और कॉपीराइट के नियमों के अनुरूप विकसित किया गया है। हालांकि, इसके साथ आम छात्रों को भी उन पुस्तकों में सुधार, संशोधन व अन्य अधिकार भी दिए गए हैं। I
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तीसरे और चौथे वर्ष की किताबें 12 भाषाओं में मिलेंगी
Iई-कुंभ पोर्टल पर द्वितीय वर्ष की पुस्तकों को अंग्रेजी के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं में तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा तीसरे और चौथे वर्ष की किताबें अंग्रेजी भाषा के साथ-साथ 12 अन्य भारतीय भाषाओं में तैयार की जाएंगी। इसमें IIहिंदी, ओडिया, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, पंजाबी, बंगाली, मराठी, गुजराती, असमिया, उर्दू और मलयालम आदि शामिल है। द्वितीय वर्ष में 88 पाठ्यक्रम, 42 डिग्री और 46 डिप्लोमा स्तर की किताबें हैं। I