बाइक बोट फर्जीवाड़ा: पीड़ितों को नौ माह में न्याय मिलने की उम्मीद, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति जिला न्यायालय में दाखिल
अजमेर निवासी मनीष लेखवानी और नासिक निवासी मीना लाल बाबू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मीना लाल बाबू की याचिका पर हाईकोर्ट ने संबंधित न्यायालय को नौ माह में केस का निस्तारण करने का आदेश दिया। इस आदेश की प्रति उन्होंने सोमवार को संबंधित न्यायालय में दाखिल कर दी है।
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बाइक बोट फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी संजय भाटी समेत अन्य के खिलाफ दर्ज केस का निस्तारण नौ माह में हो सकता है। महाराष्ट्र और राजस्थान के दो निवेशकों की याचिका पर हाईकोर्ट ने जल्द केस का निस्तारण करने का आदेश दिया है। निवेशकों के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट की प्रति स्थानीय अदालत में दाखिल कर दी है। इससे निवेशकों को नौ माह में आरोपियों को सजा और न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
निवेशकों के अधिवक्ता सरदार हरिभजन सिंह बिट्टू ने बताया कि पुलिस 38 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसके लंबे समय बाद चार्ज फ्रेम की कार्यवाही नहीं हुई है। इससे पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। इस कारण अजमेर निवासी मनीष लेखवानी और नासिक निवासी मीना लाल बाबू ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मीना लाल बाबू की याचिका पर हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर के संबंधित न्यायालय को नौ माह में केस का निस्तारण करने का आदेश दिया। इस आदेश की प्रति उन्होंने सोमवार को संबंधित न्यायालय में दाखिल कर दी है।
बड़े चेहरे देखकर योजना फंसे और रिश्तेदारों के रुपये लगाए
नासिक निवासी लालबाबू मीणा ने बताया कि उन्हें मित्र के माध्यम बाइक बोट की योजना के बारे में जानकारी हुई थी। उन्हें बताया गया था कि कंपनी में निवेश करने पर एक साल में लगभग धन दोगुना हो जाएगा। आरोपियों ने अपने प्रचार पंफलेट आदि में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का फोटो प्रकाशित किया था। वहीं, अपने उद्घाटन कार्यक्रमों में आईपीएस अधिकारियों को बुलाया था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने ओला-उबर की तर्ज कर बाइक चलाने का झांसा देकर एक से अधिक लोगों को योजना में शामिल करने के लिए बोनस का लालच दिया था। इस कारण लालबाबू ने अपनी पत्नी मीना लालबाबू के नाम से निवेश किया और परिचित व रिश्तेदारों का भी रुपया निवेश कराया। आरोपियों ने 1.85 करोड़ रुपये का चेक उन्हें दिया था जो बाउंस हो गया। राजस्थान निवासी मनीष ने 32 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए थे।