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Noida News: किताबों के नाम पर बड़ा खेल, क्लास एक पर दाम अलग
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स्कूलों में किताबों के नाम पर हो रहा खेल, कक्षा एक पर दाम अनेक
- जिला विद्यालय निरीक्षक के पास पहुंची शिकायत, प्रबंधकों ने कलर, पेंसिल तक स्कूल से ही लेना किया अनिवार्य
नेहा शर्मा
नोएडा। स्कूलों में नया सत्र शुरू होने से पहले ही किताबों के नाम पर अभिभावकों की जेब कटनी शुरू हो गई है। शहर के टॉप स्कूलों में एक ही कक्षा के किताबों के सेट के दाम में दोगुने तक का अंतर है। एक ही क्लास की किताबों का सेट कहीं 9 हजार से ज्यादा है तो कहीं 5 हजार रुपये से कम। पैरेंट्स एसोसिएशन भी एक ही कक्षा के किताबों के रेट में अंतर देखकर हैरान है। अभिभावकों का सवाल है कि सभी स्कूल सीबीएसई बोर्ड के हैं, उनकी पढ़ाई का स्तर भी एक जैसा है तो फिर किताबों की दाम में इतना अंतर क्यों है। अभिभावकों की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को शिकायत की गई है।
सेक्टर-16 ए स्थित एक नामचीन स्कूल में कक्षा 6 की किताबों का सेट 9328 रुपये में अभिभावकों को दिया जा रहा है। वहीं सेक्टर-28 स्थित मशहूर स्कूल में कक्षा 6 की किताबों के सेट की कीमत 4470 रुपये हैं। वहीं, सेक्टर-127 स्थित एक अन्य स्कूल में 4852 रुपये और सेक्टर-126 स्थित स्कूल में कक्षा छह के पाठ्यपुस्तकों की कीमत 6200 रुपये है। इन सभी स्कूलों की गिनती शहर के टॉप स्कूलों में होती है।
पेंसिल व कलर तक स्कूल से खरीदने को मजबूर
स्कूल प्रबंधकों ने किताबों के सेट में पेंसिल, कलर, फेविकोल, नेम स्लिप तक को जोड़ दिए है। अभिभावकों के लिए इन्हें स्कूल से खरीदना अनिवार्य है, जबकि बाजार में यह स्कूल की तुलना में सस्ती मिल रही है। सीबीएसई ने हर कक्षा के लिए किताबों की लिस्ट जारी की हुई है। इसके बावजूद भी स्कूल अपनी मर्जी से किताबें लगवा रहे हैं। स्कूलों ने एक कक्षा में 13 से 14 किताबें लगवाई हैं।
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स्कूलों ने लगाई निजी प्रकाशकों की किताबें
स्कूलों ने एनसीईआरटी की किताबों के साथ-साथ रेफरेंस (परामर्श) बुक के नाम पर निजी लेखकों की किताबें भी लगवाई हैं। यह एनसीईआरटी की तुलना में तीन गुना तक महंगी हैं। वहीं कुछ स्कूल अभिभावकों को किताबें खरीदने के बाद कच्चा बिल थमा रहे हैं, ताकि टैक्स से बच सकें।
सभी स्कूलों में एक ही कक्षा के किताबों के दाम में बड़ा अंतर है। एसोसिएशन की ओर से अलग-अलग स्कूलों की फीस स्लिप जमा की गई है। इनको जिला विद्यालय को भेजा जाएगा।
यतेंद्र कसाना, अध्यक्ष, ऑल नोएडा पैरेंट्स एसोसिएशन
किताबों के दाम को लेकर स्कूलों की ओर से लगातार शिकायत आ रही हैं। स्कूल सिर्फ सीबीएसई की ओर से तय किताबें ही लगा सकते हैं। इसको लेकर स्कूल को सर्कुलर जारी किया जा रहा है। - डॉ. धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
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- जिला विद्यालय निरीक्षक के पास पहुंची शिकायत, प्रबंधकों ने कलर, पेंसिल तक स्कूल से ही लेना किया अनिवार्य
नेहा शर्मा
नोएडा। स्कूलों में नया सत्र शुरू होने से पहले ही किताबों के नाम पर अभिभावकों की जेब कटनी शुरू हो गई है। शहर के टॉप स्कूलों में एक ही कक्षा के किताबों के सेट के दाम में दोगुने तक का अंतर है। एक ही क्लास की किताबों का सेट कहीं 9 हजार से ज्यादा है तो कहीं 5 हजार रुपये से कम। पैरेंट्स एसोसिएशन भी एक ही कक्षा के किताबों के रेट में अंतर देखकर हैरान है। अभिभावकों का सवाल है कि सभी स्कूल सीबीएसई बोर्ड के हैं, उनकी पढ़ाई का स्तर भी एक जैसा है तो फिर किताबों की दाम में इतना अंतर क्यों है। अभिभावकों की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को शिकायत की गई है।
सेक्टर-16 ए स्थित एक नामचीन स्कूल में कक्षा 6 की किताबों का सेट 9328 रुपये में अभिभावकों को दिया जा रहा है। वहीं सेक्टर-28 स्थित मशहूर स्कूल में कक्षा 6 की किताबों के सेट की कीमत 4470 रुपये हैं। वहीं, सेक्टर-127 स्थित एक अन्य स्कूल में 4852 रुपये और सेक्टर-126 स्थित स्कूल में कक्षा छह के पाठ्यपुस्तकों की कीमत 6200 रुपये है। इन सभी स्कूलों की गिनती शहर के टॉप स्कूलों में होती है।
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पेंसिल व कलर तक स्कूल से खरीदने को मजबूर
स्कूल प्रबंधकों ने किताबों के सेट में पेंसिल, कलर, फेविकोल, नेम स्लिप तक को जोड़ दिए है। अभिभावकों के लिए इन्हें स्कूल से खरीदना अनिवार्य है, जबकि बाजार में यह स्कूल की तुलना में सस्ती मिल रही है। सीबीएसई ने हर कक्षा के लिए किताबों की लिस्ट जारी की हुई है। इसके बावजूद भी स्कूल अपनी मर्जी से किताबें लगवा रहे हैं। स्कूलों ने एक कक्षा में 13 से 14 किताबें लगवाई हैं।
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स्कूलों ने लगाई निजी प्रकाशकों की किताबें
स्कूलों ने एनसीईआरटी की किताबों के साथ-साथ रेफरेंस (परामर्श) बुक के नाम पर निजी लेखकों की किताबें भी लगवाई हैं। यह एनसीईआरटी की तुलना में तीन गुना तक महंगी हैं। वहीं कुछ स्कूल अभिभावकों को किताबें खरीदने के बाद कच्चा बिल थमा रहे हैं, ताकि टैक्स से बच सकें।
सभी स्कूलों में एक ही कक्षा के किताबों के दाम में बड़ा अंतर है। एसोसिएशन की ओर से अलग-अलग स्कूलों की फीस स्लिप जमा की गई है। इनको जिला विद्यालय को भेजा जाएगा।
यतेंद्र कसाना, अध्यक्ष, ऑल नोएडा पैरेंट्स एसोसिएशन
किताबों के दाम को लेकर स्कूलों की ओर से लगातार शिकायत आ रही हैं। स्कूल सिर्फ सीबीएसई की ओर से तय किताबें ही लगा सकते हैं। इसको लेकर स्कूल को सर्कुलर जारी किया जा रहा है। - डॉ. धर्मवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक